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लंबित परियोजनाओं काे समय सीमा में पूरा करें बिल्डर : अरुण कुमार
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हरेरा चेयरमैन ने किया कई परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरेरा के चेयरमैन ने तीन-चार साल से पीछे चल रहीं बिल्डर परियोजनाओं का रेरा स्कैनर के तहत शनिवार को भौतिक निरीक्षण किया। करीब 35 परियोजनाएं हैं जो तय समय से लंबित चल रही हैं और खरीदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बिल्डर को तय समय सीमा के भीतर ही परियोजना को पूरा करना चाहिए।
हरेरा गुरुग्राम के अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि यह देखा गया है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में अत्यधिक देरी से आवंटियों को काफी परेशानी होती है। पिछले साल दिसंबर में कार्यभार संभालने वाले अरुण कुमार ने अधिनियम 2016 की धारा 6 और 7 (3) के तहत विस्तार दी गई परियोजनाओं पर बहुत बारीकी से ध्यान दिया, फिर भी निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कुमार ने ऐसी 35 परियोजनाओं की पहचान की और पिछले दो हफ्तों में साइटों पर वास्तविक निर्माण प्रगति का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया था। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का भौतिक रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने काम में देरी करने पर बिल्डरों पर कड़ी नाराजगी जताई। हरेरा गुरुग्राम के छह साल के इतिहास में इस तरह का पहला कदम है, जब चेयरमैन ने खुद मौके पर जाकर ऐसी परियोजनाओं का आकलन किया है। चेयरमैन ने शनिवार को सेक्टर 103, 104 और 109 में जारा आवास, अंसल हाईलैंड पार्क और नियो स्क्वायर का निरीक्षण किया। इससे पहले, उन्होंने सेक्टर 90 में अल्टिमस, सेक्टर 92 में अंब सेल्फी स्ट्रीट, सेक्टर 95 में सिग्नेचर ग्लोबल एस्पायर, सेक्टर 95 में सैन वर्डेंटे, वुडव्यू रेजीडेंसी और एसीई पाम फ्लोर सेक्टर 89 और 90 की दो परियोजनाओं, आशियारा, सिग्नेचर ग्लोबल सिटी जैसे अन्य का निरीक्षण किया। इसमें कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनमें करीब 3/4 साल पहले प्रमोटरों को कार्य पूरा करने का अतिरिक्त समय मिलने पर भी काम पूरा नहीं किया गया। चेयरमैन चाहते हैं कि प्रमोटरों को अतिरिक्त समय सीमा के भीतर ही परियोजनाओं को पूरा करना चाहिए और कार्रवाई से बचने के लिए इकाइयों को आवंटियों तक पहुंचाना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरेरा के चेयरमैन ने तीन-चार साल से पीछे चल रहीं बिल्डर परियोजनाओं का रेरा स्कैनर के तहत शनिवार को भौतिक निरीक्षण किया। करीब 35 परियोजनाएं हैं जो तय समय से लंबित चल रही हैं और खरीदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बिल्डर को तय समय सीमा के भीतर ही परियोजना को पूरा करना चाहिए।
हरेरा गुरुग्राम के अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि यह देखा गया है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में अत्यधिक देरी से आवंटियों को काफी परेशानी होती है। पिछले साल दिसंबर में कार्यभार संभालने वाले अरुण कुमार ने अधिनियम 2016 की धारा 6 और 7 (3) के तहत विस्तार दी गई परियोजनाओं पर बहुत बारीकी से ध्यान दिया, फिर भी निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कुमार ने ऐसी 35 परियोजनाओं की पहचान की और पिछले दो हफ्तों में साइटों पर वास्तविक निर्माण प्रगति का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया था। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का भौतिक रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने काम में देरी करने पर बिल्डरों पर कड़ी नाराजगी जताई। हरेरा गुरुग्राम के छह साल के इतिहास में इस तरह का पहला कदम है, जब चेयरमैन ने खुद मौके पर जाकर ऐसी परियोजनाओं का आकलन किया है। चेयरमैन ने शनिवार को सेक्टर 103, 104 और 109 में जारा आवास, अंसल हाईलैंड पार्क और नियो स्क्वायर का निरीक्षण किया। इससे पहले, उन्होंने सेक्टर 90 में अल्टिमस, सेक्टर 92 में अंब सेल्फी स्ट्रीट, सेक्टर 95 में सिग्नेचर ग्लोबल एस्पायर, सेक्टर 95 में सैन वर्डेंटे, वुडव्यू रेजीडेंसी और एसीई पाम फ्लोर सेक्टर 89 और 90 की दो परियोजनाओं, आशियारा, सिग्नेचर ग्लोबल सिटी जैसे अन्य का निरीक्षण किया। इसमें कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनमें करीब 3/4 साल पहले प्रमोटरों को कार्य पूरा करने का अतिरिक्त समय मिलने पर भी काम पूरा नहीं किया गया। चेयरमैन चाहते हैं कि प्रमोटरों को अतिरिक्त समय सीमा के भीतर ही परियोजनाओं को पूरा करना चाहिए और कार्रवाई से बचने के लिए इकाइयों को आवंटियों तक पहुंचाना चाहिए।
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