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Gurugram News: सपने और सामान दोनों जलकर राख. 50 से अधिक झुग्गियां जलीं
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सेक्टर-102 में लगी आग, तीन घंटे की मशक्कत के बाद 10 गाड़ियों से पाया गया काबू
आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं, छिन गया आशियाना और जल गया सामान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-102 स्थित झुग्गियों में बुधवार की अलसुबह करीब 3:30 बजे आग लगने से हड़कंप मच गया। झुग्गी में आग लगने की जानकारी होते ही लोगों ने शोर मचाकर अन्य झुग्गियों में सो रहे परिवारों को जगा दिया। ऐसे में आग फैलने से पहले ही सभी लोग झुग्गियों से सुरक्षित बाहर आ गए। इस कारण जान तो बच गई, लेकिन लोग अपना आशियाना और सामान नहीं बचा पाए। आग में सपने और सामन दोनों जलकर राख हो गए। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझ़ाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते लगभग 50 झुग्गियां जल गईं। आग लगने के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरु कर दिया। लगभग तीन घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। भीमनगर फायर स्टेशन से तीन, सेक्टर-37 से तीन, सेक्टर-29 फायर स्टेशन से दो, मानेसर व पटौदी फायर स्टेशन से एक-एक दमकल की गाड़ी आग बुझाने के लिए भेजी गई। समय रहते दमकल की गाड़ियों ने आसपास की झुग्गियों पर पानी का छिड़काव कर उन्हें जलने से बचा लिया।
दिनभर खाना तक नहीं हुआ नसीब, घर में रखी जमा पूंजी भी नहीं बचा पाए
आग लगने से झुग्गियों में रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पास पहनने तक के कपड़े भी नहीं बचे हैं। जिन परिवारों की झुग्गियां जली हैं, वे परिवार बुधवार की दोपहर के समय पेड़ के छांव व टीन शेड के नीचे बैठकर जली हुई झुग्गियों व सामान को टकटकी लगाकर देखते रहे। वहीं, कुछ लोग झुग्गियों की राख को टटोलते दिखाई दिए। उन्हें यह आस थी कि शायद उनका कुछ सामान जलने से बच गया हो। अब इन लोगों के सामने पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े का संकट बन गया है। अधिकतर लोग इस दौरान भूखे ही रह गए। बच्चे व बुजुर्ग सबसे ज्यादा बदहाल व बदहवास दिखाई दिए। कई परिवारों की जमापूंजी भी झुग्गी व सामान के साथ जलकर राख हो गई, क्योंकि जान बचाने के लिए वे झुग्गियों से अपनी-अपनी जमा पूंजी नहीं निकाल सके। इसी दौरान वहीं नजदीक काफी मात्रा में पड़े कबाड़ में भी आग लग गई।
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पीड़ितों का दर्द
नोयमुद्दीन ने बताया कि झुग्गियों में आग लगने के बाद काफी परिवारों के पास न तो खाने के लिए सामान बचा है और न ही जमा पूंजी। प्रशासन की ओर से भी पीड़ितों के लिए अभी तक कोई मदद नहीं की गई है। ऐसे में अन्य लोगों से उधार लेकर ही खाने की व्यवस्था करनी पड़ेगी। कासिम अली ने बताया कि उनके साथ ही अन्य लोगों की झुग्गियों में सारा सामान जल गया। लोगों के पास अब पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े भी नहीं बचे। सुबह से कुछ खाना भी नहीं खाया है। प्रशासन को पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। बच्चों और बुजुर्ग ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
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बुधवार की सुबह 3:50 बजे झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया था। ज्यादा आग होने के कारण सेक्टर-37, सेक्टर-29, मानेसर व पटौदी फायर स्टेशन से सात दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। झुग्गियों में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। -नरेंद्र, भीमनगर फायर स्टेशन
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आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं, छिन गया आशियाना और जल गया सामान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-102 स्थित झुग्गियों में बुधवार की अलसुबह करीब 3:30 बजे आग लगने से हड़कंप मच गया। झुग्गी में आग लगने की जानकारी होते ही लोगों ने शोर मचाकर अन्य झुग्गियों में सो रहे परिवारों को जगा दिया। ऐसे में आग फैलने से पहले ही सभी लोग झुग्गियों से सुरक्षित बाहर आ गए। इस कारण जान तो बच गई, लेकिन लोग अपना आशियाना और सामान नहीं बचा पाए। आग में सपने और सामन दोनों जलकर राख हो गए। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझ़ाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते लगभग 50 झुग्गियां जल गईं। आग लगने के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरु कर दिया। लगभग तीन घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। भीमनगर फायर स्टेशन से तीन, सेक्टर-37 से तीन, सेक्टर-29 फायर स्टेशन से दो, मानेसर व पटौदी फायर स्टेशन से एक-एक दमकल की गाड़ी आग बुझाने के लिए भेजी गई। समय रहते दमकल की गाड़ियों ने आसपास की झुग्गियों पर पानी का छिड़काव कर उन्हें जलने से बचा लिया।
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दिनभर खाना तक नहीं हुआ नसीब, घर में रखी जमा पूंजी भी नहीं बचा पाए
आग लगने से झुग्गियों में रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पास पहनने तक के कपड़े भी नहीं बचे हैं। जिन परिवारों की झुग्गियां जली हैं, वे परिवार बुधवार की दोपहर के समय पेड़ के छांव व टीन शेड के नीचे बैठकर जली हुई झुग्गियों व सामान को टकटकी लगाकर देखते रहे। वहीं, कुछ लोग झुग्गियों की राख को टटोलते दिखाई दिए। उन्हें यह आस थी कि शायद उनका कुछ सामान जलने से बच गया हो। अब इन लोगों के सामने पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े का संकट बन गया है। अधिकतर लोग इस दौरान भूखे ही रह गए। बच्चे व बुजुर्ग सबसे ज्यादा बदहाल व बदहवास दिखाई दिए। कई परिवारों की जमापूंजी भी झुग्गी व सामान के साथ जलकर राख हो गई, क्योंकि जान बचाने के लिए वे झुग्गियों से अपनी-अपनी जमा पूंजी नहीं निकाल सके। इसी दौरान वहीं नजदीक काफी मात्रा में पड़े कबाड़ में भी आग लग गई।
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पीड़ितों का दर्द
नोयमुद्दीन ने बताया कि झुग्गियों में आग लगने के बाद काफी परिवारों के पास न तो खाने के लिए सामान बचा है और न ही जमा पूंजी। प्रशासन की ओर से भी पीड़ितों के लिए अभी तक कोई मदद नहीं की गई है। ऐसे में अन्य लोगों से उधार लेकर ही खाने की व्यवस्था करनी पड़ेगी। कासिम अली ने बताया कि उनके साथ ही अन्य लोगों की झुग्गियों में सारा सामान जल गया। लोगों के पास अब पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े भी नहीं बचे। सुबह से कुछ खाना भी नहीं खाया है। प्रशासन को पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। बच्चों और बुजुर्ग ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
बुधवार की सुबह 3:50 बजे झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया था। ज्यादा आग होने के कारण सेक्टर-37, सेक्टर-29, मानेसर व पटौदी फायर स्टेशन से सात दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। झुग्गियों में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। -नरेंद्र, भीमनगर फायर स्टेशन