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दूसरे राज्य का निवासी होने के आधार पर जमानत से नहीं किया जा सकता इनकार : अदालत

Sat, 05 Sep 2026 06:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 06:00 PM IST
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Bail cannot be denied on the ground of being a resident of another state: Court
- 1.70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड के जिम ट्रेनर को किया था गिरफ्तार
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- सह-आरोपी को 10 हजार रुपये में अपना मोबाइल देने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर ठगी के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि केवल दूसरे राज्य का निवासी होने के आधार पर किसी व्यक्ति को जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। यह आदेश अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने दिया। आरोपी उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के भुड़ाई तिगरी गांव निवासी नीरज है।
साइबर क्राइम साउथ थाना पुलिस को प्रदीप कुमार महतो ने शिकायत दी थी कि उनके पास एक्सिस बैंक की मुंबई मुख्य शाखा का कर्मचारी बनकर राधिका नाम की महिला ने फोन किया। महिला ने क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन बंद करने के नाम पर फर्जी यूआरएल लिंक भेजा। पीड़ित के ओटीपी दर्ज करते ही क्रेडिट कार्ड से 1.70 लाख रुपये निकल गए। जांच में पता चला कि ठगी की रकम से अमेजन के माध्यम से सोना खरीदा गया था। पुलिस ने मामले में विकास गौड़, संजय, नीरज सिरोला और सागर को गिरफ्तार किया था।
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बचाव पक्ष ने दलील दी कि नीरज ठगी में शामिल नहीं था। वह अपने पिता के जिम में ट्रेनर है। सह-आरोपी संजय उसी जिम का सदस्य था और उसने नीरज से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए मांगा था। नीरज को उसकी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता को पूरी रकम वापस की जा चुकी है।
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अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि नीरज ने 10 हजार रुपये के लालच में अपना मोबाइल सह-आरोपी को उपलब्ध कराया था। आरोपी उत्तराखंड का रहने वाला है, इसलिए उसके फरार होने की आशंका है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुख्य रूप से आशंका के आधार पर मामला है और उससे कोई राशि बरामद नहीं हुई है। केवल दूसरे राज्य का निवासी होने के आधार पर किसी आरोपी को जमानत से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने नीरज को जमानत दे दी।
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