{"_id":"6862d9c4f4582e4055081448","slug":"ai-cameras-to-monitor-vehicles-on-dwarka-expressway-and-nh-48-gurgaon-news-c-24-1-knl1001-61200-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे और एनएच-48 पर एआई कैमरों से वाहनों पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे और एनएच-48 पर एआई कैमरों से वाहनों पर नजर
विज्ञापन
ट्रायल चल रहा, जो कमियां सामने आ रही हैं उन्हें दूर किया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे पर एआई आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) शुरू हो गया है। इससे द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ एनएच-48 पर वाहनों पर नजर रखी जा रही है। अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। इस दौरान जो कमियां सामने आ रही हैं, उसे दूर किया जा रहा है।
यह हाईटेक सिस्टम द्वारका एक्सप्रेसवे के 28.46 किलोमीटर लंबे हिस्से (शिव मूर्ति से खेड़कीदौला) और राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के 28 किलोमीटर के हिस्से को कवर करता है। 56.46 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
इस परियोजना को भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) द्वारा विकसित किया गया है। इस प्रणाली को वास्तविक समय में विभिन्न सड़क स्थितियों का पता लगाने और उन पर प्रतिक्रिया करने के लिए डिजाइन किया गया है।
विज्ञापन
एनएचएआई के अनुसार, इस प्रणाली में यातायात निगरानी कैमरे और वीडियो-आधारित घटना का पता लगाने और प्रवर्तन उपकरण जैसे कई घटक शामिल हैं। पूरे सिस्टम की कमांड सेंटर से निगरानी रखी जा रही। यह सिस्टम एनआईसी के ई-चालान प्लेटफार्म से भी जुड़ा हुआ है। एनआईसी की ओर से जिला अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है।
24 घंटे ट्रैफिक पर नजर
कॉरिडोर में 110 हाई-रिजॉल्यूशन पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे एक-एक किलोमीटर की दूरी पर लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर 15 गैन्ट्री लगाए गए हैं। छह डिस्पले लगाए गए हैं जो रडार से स्पीड दिखाते हैं। लोगों को स्पीड के बारे में पता चलता है। 24 घंटे ट्रैफिक पर नजर रहती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे पर एआई आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) शुरू हो गया है। इससे द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ एनएच-48 पर वाहनों पर नजर रखी जा रही है। अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। इस दौरान जो कमियां सामने आ रही हैं, उसे दूर किया जा रहा है।
यह हाईटेक सिस्टम द्वारका एक्सप्रेसवे के 28.46 किलोमीटर लंबे हिस्से (शिव मूर्ति से खेड़कीदौला) और राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के 28 किलोमीटर के हिस्से को कवर करता है। 56.46 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
इस परियोजना को भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) द्वारा विकसित किया गया है। इस प्रणाली को वास्तविक समय में विभिन्न सड़क स्थितियों का पता लगाने और उन पर प्रतिक्रिया करने के लिए डिजाइन किया गया है।
विज्ञापन
एनएचएआई के अनुसार, इस प्रणाली में यातायात निगरानी कैमरे और वीडियो-आधारित घटना का पता लगाने और प्रवर्तन उपकरण जैसे कई घटक शामिल हैं। पूरे सिस्टम की कमांड सेंटर से निगरानी रखी जा रही। यह सिस्टम एनआईसी के ई-चालान प्लेटफार्म से भी जुड़ा हुआ है। एनआईसी की ओर से जिला अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है।
24 घंटे ट्रैफिक पर नजर
कॉरिडोर में 110 हाई-रिजॉल्यूशन पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे एक-एक किलोमीटर की दूरी पर लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर 15 गैन्ट्री लगाए गए हैं। छह डिस्पले लगाए गए हैं जो रडार से स्पीड दिखाते हैं। लोगों को स्पीड के बारे में पता चलता है। 24 घंटे ट्रैफिक पर नजर रहती है।