{"_id":"64d0ee45faea31edd00556b9","slug":"activities-should-be-investigated-in-the-religious-place-of-sector-57-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-11759-2023-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सेक्टर-57 के धार्मिक स्थल में की जाए गतिविधियों की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सेक्टर-57 के धार्मिक स्थल में की जाए गतिविधियों की जांच
विज्ञापन
उपायुक्त से मिले महापंचायत के प्रतिनिधि, एक ही परिवार के चार युवाओं पर कार्रवाई से रोष
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इमाम की हत्या का कारण सेक्टर-57 स्थित धार्मिक स्थल का निर्माण माना जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। इस संबंध में सोमवार को तिगरा में हुई महापंचायत के प्रतिनिधि जिला उपायुक्त से मिले। प्रतिनिधियों ने मामले की दोबारा जांच की मांग की। प्रशासन से सात दिन में मामले की जांच के लिए कहा साथ ही धार्मिक स्थल में जारी गतिविधियों की जांच की मांग की।
गांव तिगरा में रविवार को हुई सर्व समाज की महापंचायत के 51 प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे लघु सचिवालय में महापंचायत के प्रतिनिधि जिला उपायुक्त से मिले। महापंचायत में मामले की पैरवी के लिए 101 सदस्यों की कमेटी बनाई गई। कमेटी के 51 सदस्यों ने सरकार और प्रशासन से मामले की जड़ तक जाने की मांग की। साथ ही धार्मिक स्थल में जारी गतिविधियों की जांच की मांग की। कमेटी सदस्यों का कहना है कि प्रशासन पता लगाए कि आखिर धार्मिक स्थल पर हमला क्यों हुआ। वहां किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं। वहां अक्सर बाहर के संदिग्ध लोगों का आना जाना रहता था। इस मामले में स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके समय रहते मामले में कोई जांच नहीं की गई।
कमेटी सदस्य कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर पर भी दोबारा विचार करने की मांग की है। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मामले की जांच विशेष जांच दस्ता (एसआईटी) से करने की मांग की गई। जांच के अन्य नजरिए भी ध्यान में रखे जाएं। पुलिस ने समाज में फैले रोष को शांत करने के लिए एक ही गांव से एक ही परिवार के सदस्यों को मोहरा बना दिया। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। बगैर सबूत के पुलिस ने कई युवाओं को गिरफ्तार कर लिया। समाज इसके खिलाफ है। सबूत और तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के जिला सचिव यशवंत शेखावत ने बताया कि जिला उपायुक्त से विवादित धार्मिक स्थल के स्थानांतरण की भी मांग की है। उपायुक्त ने मामला सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया है। इस दौरान डीसीपी इंद्र सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।
तेजपाल तंवर, पूर्व पार्षद भ्रम, धमेंद्र तंवर, महेश, अतर सिंह, महेश, भ्रम यादव, कुलदीप यादव, सतीश नगार, राजवीर, विश्व हिंदू परिषद के जिला सचिव यशवंत शेखावत, जिला अध्यक्ष अजीत मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इमाम की हत्या का कारण सेक्टर-57 स्थित धार्मिक स्थल का निर्माण माना जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। इस संबंध में सोमवार को तिगरा में हुई महापंचायत के प्रतिनिधि जिला उपायुक्त से मिले। प्रतिनिधियों ने मामले की दोबारा जांच की मांग की। प्रशासन से सात दिन में मामले की जांच के लिए कहा साथ ही धार्मिक स्थल में जारी गतिविधियों की जांच की मांग की।
गांव तिगरा में रविवार को हुई सर्व समाज की महापंचायत के 51 प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे लघु सचिवालय में महापंचायत के प्रतिनिधि जिला उपायुक्त से मिले। महापंचायत में मामले की पैरवी के लिए 101 सदस्यों की कमेटी बनाई गई। कमेटी के 51 सदस्यों ने सरकार और प्रशासन से मामले की जड़ तक जाने की मांग की। साथ ही धार्मिक स्थल में जारी गतिविधियों की जांच की मांग की। कमेटी सदस्यों का कहना है कि प्रशासन पता लगाए कि आखिर धार्मिक स्थल पर हमला क्यों हुआ। वहां किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं। वहां अक्सर बाहर के संदिग्ध लोगों का आना जाना रहता था। इस मामले में स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके समय रहते मामले में कोई जांच नहीं की गई।
विज्ञापन
कमेटी सदस्य कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर पर भी दोबारा विचार करने की मांग की है। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मामले की जांच विशेष जांच दस्ता (एसआईटी) से करने की मांग की गई। जांच के अन्य नजरिए भी ध्यान में रखे जाएं। पुलिस ने समाज में फैले रोष को शांत करने के लिए एक ही गांव से एक ही परिवार के सदस्यों को मोहरा बना दिया। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। बगैर सबूत के पुलिस ने कई युवाओं को गिरफ्तार कर लिया। समाज इसके खिलाफ है। सबूत और तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के जिला सचिव यशवंत शेखावत ने बताया कि जिला उपायुक्त से विवादित धार्मिक स्थल के स्थानांतरण की भी मांग की है। उपायुक्त ने मामला सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया है। इस दौरान डीसीपी इंद्र सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।
तेजपाल तंवर, पूर्व पार्षद भ्रम, धमेंद्र तंवर, महेश, अतर सिंह, महेश, भ्रम यादव, कुलदीप यादव, सतीश नगार, राजवीर, विश्व हिंदू परिषद के जिला सचिव यशवंत शेखावत, जिला अध्यक्ष अजीत मौजूद रहे।