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90 फीसदी को लगा टीका, फिर भी कतारें
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गुरुग्राम। जिले में शुरुआत से ही टीकाकरण की रफ्तार काफी तेज रही बावजूद इसके 5 माह बाद भी लोग टीका लगवाने के लिए शासकीय केंद्रों पर धक्के खा रहे हैं। आए दिन टीकाकरण केंद्रों पर हंगामे की स्थिति देखने को मिलती है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के हिसाब से अब तक कुल 89.50 फीसदी लोगों को टीका लगाया जा चुका है। ऐसे में टीकाकरण केंद्रों पर स्थिति बिल्कुल सामान्य दिखनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है।
एक दिन पहले ही सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक केंद्र पर टीका न लगने की शिकायत को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। इसके अलावा भी पूर्व में कई अन्य केंद्रों पर हंगामे की स्थिति सामने आती रही है। सोहना, फर्रुखनगर समेत ग्रामीण इलाकों में तो शासकीय केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग जाती है, जहां लोग कड़ी धूप के बावजूद कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।
पटौदी में हालत सबसे खराब
पटौदी विकास खंड की हालत सबसे खस्ता है, जहां के उपमंडल अस्पताल में टीकाकरण के दौरान लगभग रोजाना सामाजिक दूरी समेत अन्य तरीके से कोरोना बचाव नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। रोजाना लाभार्थियों की लंबी कतार देखने को मिलती है। सवाल यह है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया जा रहा है तो फिर टीकाकरण केंद्रों से लाभार्थियों की कतार छोटी होने का नाम क्यों नहीं ले रही है और न ही लाभार्थियों की संख्या में कोई विशेष कमी आ रही है।
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प्रवासियों की संख्या ज्यादा
इसके लिए बड़े पैमाने पर रह रहे प्रवासियों को जिम्मेदार माना जाता है। कथित तौर पर टीकाकरण की शुरुआत से ही लाभार्थियों में प्रवासियों की संख्या ज्यादा रही है। इसमें दूसरे राज्यों से जीवनयापन के लिए आए मजदूरों-कामगारों के साथ अन्य नौकरीपेशा लोग शामिल हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास अलग से इनका कोई आंकड़ा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कहना है कि उनके द्वारा बिना भेदभाव के पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें कितना स्थानीय निवासी हैं और कितना प्रवासी हैं, इसका अलग से कोई आंकड़ा नहीं है।
कथित तौर पर इतने प्रवासी लाभार्थी
बावजूद इसके कथित तौर पर शहरी इलाकों में अब तक लगे टीकों में करीब 30 फीसदी प्रवासी लाभार्थी शामिल रहे हैं। हालांकि, इसका प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। गुरुग्राम जिले की वेबसाइट के मुताबिक जिले की आबादी 15,14085 है, जबकि जिले में पिछले मंगलवार तक 1355162 (89.50 फीसदी) लोगों को टीका लगाया जा चुका है। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि जिले की निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन करा रही हैं, जिसमें अधिकांश लाभार्थी प्रवासी ही रहते हैं और इनकी गणना जिले के रिकॉर्ड में की जाती है।
जिले में बिना भेदभाव के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है। हमारे पास प्रवासियों व स्थानीय के हिसाब से अलग-अलग आंकड़ा नहीं है। टीकाकरण अभियान इसी गति से आगे भी जारी रहेगा और सभी को टीका लगाया जाएगा।
- डॉ. एमपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, गुरुग्राम
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एक दिन पहले ही सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक केंद्र पर टीका न लगने की शिकायत को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। इसके अलावा भी पूर्व में कई अन्य केंद्रों पर हंगामे की स्थिति सामने आती रही है। सोहना, फर्रुखनगर समेत ग्रामीण इलाकों में तो शासकीय केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग जाती है, जहां लोग कड़ी धूप के बावजूद कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।
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पटौदी में हालत सबसे खराब
पटौदी विकास खंड की हालत सबसे खस्ता है, जहां के उपमंडल अस्पताल में टीकाकरण के दौरान लगभग रोजाना सामाजिक दूरी समेत अन्य तरीके से कोरोना बचाव नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। रोजाना लाभार्थियों की लंबी कतार देखने को मिलती है। सवाल यह है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया जा रहा है तो फिर टीकाकरण केंद्रों से लाभार्थियों की कतार छोटी होने का नाम क्यों नहीं ले रही है और न ही लाभार्थियों की संख्या में कोई विशेष कमी आ रही है।
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प्रवासियों की संख्या ज्यादा
इसके लिए बड़े पैमाने पर रह रहे प्रवासियों को जिम्मेदार माना जाता है। कथित तौर पर टीकाकरण की शुरुआत से ही लाभार्थियों में प्रवासियों की संख्या ज्यादा रही है। इसमें दूसरे राज्यों से जीवनयापन के लिए आए मजदूरों-कामगारों के साथ अन्य नौकरीपेशा लोग शामिल हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास अलग से इनका कोई आंकड़ा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कहना है कि उनके द्वारा बिना भेदभाव के पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें कितना स्थानीय निवासी हैं और कितना प्रवासी हैं, इसका अलग से कोई आंकड़ा नहीं है।
कथित तौर पर इतने प्रवासी लाभार्थी
बावजूद इसके कथित तौर पर शहरी इलाकों में अब तक लगे टीकों में करीब 30 फीसदी प्रवासी लाभार्थी शामिल रहे हैं। हालांकि, इसका प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। गुरुग्राम जिले की वेबसाइट के मुताबिक जिले की आबादी 15,14085 है, जबकि जिले में पिछले मंगलवार तक 1355162 (89.50 फीसदी) लोगों को टीका लगाया जा चुका है। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि जिले की निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन करा रही हैं, जिसमें अधिकांश लाभार्थी प्रवासी ही रहते हैं और इनकी गणना जिले के रिकॉर्ड में की जाती है।
जिले में बिना भेदभाव के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है। हमारे पास प्रवासियों व स्थानीय के हिसाब से अलग-अलग आंकड़ा नहीं है। टीकाकरण अभियान इसी गति से आगे भी जारी रहेगा और सभी को टीका लगाया जाएगा।
- डॉ. एमपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, गुरुग्राम