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होम डिलीवरी के नाम पर 7 लाख की धोखाधड़ी
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गुरुग्राम। रिलायंस फ्रेश के स्टाफ राइडर (डिलीवरी टीम) द्वारा घरेलू सामान की डिलीवरी में 7 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। झाड़सा रोड स्थित रिलायंस फ्रेश के स्टोर इंचार्ज ने सिविल लाइंस में मामले की शिकायत दी है।
सुल्तानपुर (दिल्ली) निवासी गुरविंदर सिंह ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि वह 15 मई 2019 से झाड़सा रोड स्थित रिलायंस फ्रेश स्टोर के प्रभारी के तौर पर कार्यरत हैं। कोरोना काल में लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए रिलायंस ने घरेलू सामान की होम डिलीवरी सेवाएं शुरू की थी। इसके लिए ग्रैब नामक कंपनी को ठेका दिया गया था। होम डिलीवरी सेवा शुरू होने के बाद पिछले कुछ माह के दौरान ग्राहकों की तरफ से रिलायंस स्टोर को सामान भेजने को लेकर ऑनलाइन शिकायतें प्राप्त हो रही थीं तो वहीं तमाम ग्राहक सामान कम होने और न मिलने संबंधी शिकायतें भी कर रहे थे।
आंतरिक जांच में सामने आया मामला
इस पर संज्ञान लेते हुए गुरविंदर ने अपनी इंटरनल टीम से जांच कराई तो 7 लाख 38 हजार 259 रुपये का सामान कम पाया गया। इसकी पुष्टि ऑडिटर टीम की जांच में भी हुई और कुल 7 लाख 7470 रुपये का सामान कम पाया गया। इसके बाद इंटरनल टीम ने स्टाफ राइडर से संपर्क किया तो पता चला कि स्टाफ राइडर की मिलीभगत से सामान बाहर किया जा रहा है। बाद में जांच आगे बढ़ाते हुए रिलायंस स्टोर ने ग्राहकों से भी संपर्क किया तो पता चला कि कई ग्राहकों को उनका सामान नहीं मिला है। स्टोर संचालक ने स्टाफ राइडर पर सामान चोरी करने का शक जाहिर करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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सुल्तानपुर (दिल्ली) निवासी गुरविंदर सिंह ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि वह 15 मई 2019 से झाड़सा रोड स्थित रिलायंस फ्रेश स्टोर के प्रभारी के तौर पर कार्यरत हैं। कोरोना काल में लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए रिलायंस ने घरेलू सामान की होम डिलीवरी सेवाएं शुरू की थी। इसके लिए ग्रैब नामक कंपनी को ठेका दिया गया था। होम डिलीवरी सेवा शुरू होने के बाद पिछले कुछ माह के दौरान ग्राहकों की तरफ से रिलायंस स्टोर को सामान भेजने को लेकर ऑनलाइन शिकायतें प्राप्त हो रही थीं तो वहीं तमाम ग्राहक सामान कम होने और न मिलने संबंधी शिकायतें भी कर रहे थे।
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आंतरिक जांच में सामने आया मामला
इस पर संज्ञान लेते हुए गुरविंदर ने अपनी इंटरनल टीम से जांच कराई तो 7 लाख 38 हजार 259 रुपये का सामान कम पाया गया। इसकी पुष्टि ऑडिटर टीम की जांच में भी हुई और कुल 7 लाख 7470 रुपये का सामान कम पाया गया। इसके बाद इंटरनल टीम ने स्टाफ राइडर से संपर्क किया तो पता चला कि स्टाफ राइडर की मिलीभगत से सामान बाहर किया जा रहा है। बाद में जांच आगे बढ़ाते हुए रिलायंस स्टोर ने ग्राहकों से भी संपर्क किया तो पता चला कि कई ग्राहकों को उनका सामान नहीं मिला है। स्टोर संचालक ने स्टाफ राइडर पर सामान चोरी करने का शक जाहिर करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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