{"_id":"6ab9018eef9517a7fe045dc0","slug":"323-government-bank-branches-in-the-district-will-remain-closed-for-three-days-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-102446-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: जिले में 323 सरकारी बैंक शाखाओं पर तीन दिन रहेगा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: जिले में 323 सरकारी बैंक शाखाओं पर तीन दिन रहेगा ताला
विज्ञापन
बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों को डिजिटल सुविधाओं के उपयोग की सलाह दी
पांच दिन तक प्रभावित रहेंगी सेवाएं, 3500 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में सोमवार से बुधवार तक सभी 323 सरकारी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28 से 30 सितंबर तक राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसमें जिले के करीब 3500 अधिकारी-कर्मचारियों के शामिल होने का दावा है।
इस हड़ताल से जिले में रोजाना करीब दो लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसका असर लोन वितरण, चेक क्लीयरेंस, एनईएफटी और अन्य बैंकिंग लेनदेन पर पड़ेगा। रजिस्ट्री, बड़े सरकारी भुगतान और ट्रेजरी से जुड़े काम भी प्रभावित होंगे। रियल एस्टेट, उद्योग, मंडियों और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़े लोगों को परेशानी हो सकती है। रविवार को बैंक खुले थे, पर ग्राहकों की संख्या सामान्य से कम रही। बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों को डिजिटल सुविधाओं के उपयोग की सलाह दी।
पीएलआई योजना में भेदभाव हड़ताल के कारण
यूएफबीयू के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों, पीएलआई योजना में भेदभाव और कर्मचारियों की कमी हड़ताल के मुख्य कारण हैं। शनिवार को बैंक शाखाएं खोलने संबंधी आरबीआई के निर्देश भी एक मुद्दा है। 28 से 30 सितंबर की हड़ताल के बाद 1 अक्तूबर को बृहस्पतिवार और 2 अक्तूबर को गांधी जयंती का अवकाश रहेगा। ऐसे में बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित रहेंगी। अग्रणी जिला प्रबंधक विनोद कुमार बजाज ने बताया कि लोगों ने शुक्रवार को ही जरूरी काम निपटा लिए थे।
विज्ञापन
कारोबारी सुरेश गुप्ता ने बताया कि कारोबार में रोजाना बैंकिंग लेनदेन की जरूरत होती है। चेक क्लीयरेंस और बड़े भुगतान में देरी होने से व्यापारियों को परेशानी हो सकती है। अमित यादव का कहना है कि हम जैसे डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कम परेशानी होगी, लेकिन नकद लेनदेन और बैंक शाखा में होने वाले काम के लिए ग्राहकों को समस्या हो सकती है। प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि कम बंद होने से काफी दिक्कत हो जाएगी। अब दुकान से रोज के नगद पैसे घर ले जाने पड़ेगे।
विज्ञापन
पांच दिन तक प्रभावित रहेंगी सेवाएं, 3500 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में सोमवार से बुधवार तक सभी 323 सरकारी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28 से 30 सितंबर तक राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसमें जिले के करीब 3500 अधिकारी-कर्मचारियों के शामिल होने का दावा है।
इस हड़ताल से जिले में रोजाना करीब दो लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसका असर लोन वितरण, चेक क्लीयरेंस, एनईएफटी और अन्य बैंकिंग लेनदेन पर पड़ेगा। रजिस्ट्री, बड़े सरकारी भुगतान और ट्रेजरी से जुड़े काम भी प्रभावित होंगे। रियल एस्टेट, उद्योग, मंडियों और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़े लोगों को परेशानी हो सकती है। रविवार को बैंक खुले थे, पर ग्राहकों की संख्या सामान्य से कम रही। बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों को डिजिटल सुविधाओं के उपयोग की सलाह दी।
विज्ञापन
पीएलआई योजना में भेदभाव हड़ताल के कारण
यूएफबीयू के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों, पीएलआई योजना में भेदभाव और कर्मचारियों की कमी हड़ताल के मुख्य कारण हैं। शनिवार को बैंक शाखाएं खोलने संबंधी आरबीआई के निर्देश भी एक मुद्दा है। 28 से 30 सितंबर की हड़ताल के बाद 1 अक्तूबर को बृहस्पतिवार और 2 अक्तूबर को गांधी जयंती का अवकाश रहेगा। ऐसे में बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित रहेंगी। अग्रणी जिला प्रबंधक विनोद कुमार बजाज ने बताया कि लोगों ने शुक्रवार को ही जरूरी काम निपटा लिए थे।
विज्ञापन
कारोबारी सुरेश गुप्ता ने बताया कि कारोबार में रोजाना बैंकिंग लेनदेन की जरूरत होती है। चेक क्लीयरेंस और बड़े भुगतान में देरी होने से व्यापारियों को परेशानी हो सकती है। अमित यादव का कहना है कि हम जैसे डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कम परेशानी होगी, लेकिन नकद लेनदेन और बैंक शाखा में होने वाले काम के लिए ग्राहकों को समस्या हो सकती है। प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि कम बंद होने से काफी दिक्कत हो जाएगी। अब दुकान से रोज के नगद पैसे घर ले जाने पड़ेगे।