{"_id":"5d34a1da8ebc3e6cf47094e0","slug":"14-thousand-senetry-napkin-distribute-and-make-record-gurgaon-news-noi4504949187","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 हजार सैनेटरी नैपकिन बांटकर बनाया रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 हजार सैनेटरी नैपकिन बांटकर बनाया रिकॉर्ड
विज्ञापन
14 हजार सैनेटरी नैपकिन बांटकर बनाया रिकॉर्ड
फरीदाबाद। डा. ओपी भल्ला फाउंडेशन और एनजीओ वार्म ने मिलकर एक साथ 14 हजार सेनेटरी नेपकिन बांटकर देश में रिकॉर्ड बनाया है। मोहना स्थित राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यायलय की छात्राओं और बेटियों को यह नेपकिन बांटे गए। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में एक साथ 14 हजार सेनेटरी नेपकिन बांटने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियाक्षी चौधरी और डॉ. अर्पिता जायसवाल ने मिलकर यह रिकॉर्ड बनाया है। फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसिस के छात्रों ने मेंसुरेशन हाइजीन पर नुक्कड़ नाटक पेश कर छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियाक्षी चौधरी ने कहा, कि छात्राओं में मासिक धर्म की जागरूकता जरूरी है। ग्रामीण इलाके की युवतियां सैनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल से दूर हैं।
डा. प्रियाक्षी ने युवतियों और महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महावारी शर्म की बात नहीं है, न ही यह कोई बीमारी है। उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस्तेमाल के बाद नैपकिन को खुले में न फेंकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खुले नैपकिन फेंकने से बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा है। इस दौरान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की पूरी टीम, डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की सचिव डॉ. छवि भार्गव, एमआरडीसी के डॉ. अंकुर शर्मा, एनजीओ वार्म से भावेश कालीरमन, स्कूल की प्रिंसिपल समेत पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। डा. ओपी भल्ला फाउंडेशन और एनजीओ वार्म ने मिलकर एक साथ 14 हजार सेनेटरी नेपकिन बांटकर देश में रिकॉर्ड बनाया है। मोहना स्थित राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यायलय की छात्राओं और बेटियों को यह नेपकिन बांटे गए। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में एक साथ 14 हजार सेनेटरी नेपकिन बांटने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियाक्षी चौधरी और डॉ. अर्पिता जायसवाल ने मिलकर यह रिकॉर्ड बनाया है। फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसिस के छात्रों ने मेंसुरेशन हाइजीन पर नुक्कड़ नाटक पेश कर छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियाक्षी चौधरी ने कहा, कि छात्राओं में मासिक धर्म की जागरूकता जरूरी है। ग्रामीण इलाके की युवतियां सैनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल से दूर हैं।
विज्ञापन
डा. प्रियाक्षी ने युवतियों और महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महावारी शर्म की बात नहीं है, न ही यह कोई बीमारी है। उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस्तेमाल के बाद नैपकिन को खुले में न फेंकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खुले नैपकिन फेंकने से बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा है। इस दौरान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की पूरी टीम, डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की सचिव डॉ. छवि भार्गव, एमआरडीसी के डॉ. अंकुर शर्मा, एनजीओ वार्म से भावेश कालीरमन, स्कूल की प्रिंसिपल समेत पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन