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दिल्ली व गुरुग्राम में संपत्ति बेचने के नाम पर ठगे 1.29 करोड़
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गुरुग्राम। दंपती से दोस्ती कर दिल्ली और गुरुग्राम में संपत्ति बेचने के नाम पर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने दर्ज किया है। आरोपी ने संपत्ति के फर्जी दस्तावेज दिखाकर दंपती से इकरारनामा किया। रुपये वापस करने के नाम पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
सेक्टर-4 निवासी राजीव और अनीता यादव की पहचान जनवरी 2016 में मूल रूप से अलवर राजस्थान निवासी श्रीराम अग्रवाल से हुई थी। श्रीराम अग्रवाल ने जुलाई 2016 में उन्हें दिल्ली के राजोरी गार्डन में संपत्ति बेचने का झांसा देते हुए करीब 62.50 लाख रुपये ले लिए। इस संपत्ति का बिक्री समझौता बनवाने के नाम पर श्रीराम टालमटोल करता रहा। करीब डेढ़ साल बाद श्रीराम ने दंपती को गुरुग्राम के सेक्टर-4 में फ्लैट व सेक्टर-7 एक्सटेंशन में दुकान देने का झांसा दिया। आरोप है कि कई बैठकों के बाद उन्होंने इस समझौते के लिए हामी भर दी और करीब 66.50 लाख रुपये और दे दिए।
इस बार भी श्रीराम ने उन्हें बिक्री समझौते के लिए परेशान किया और उनका फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर वह श्रीराम को ढूंढ़ते हुए उसके बताए गए पते सेक्टर-4 गुरुग्राम पहुंचे। यहां उन्हें पता लगा कि श्रीराम ने उनके साथ फर्जीवाड़ा किया है। इसके बाद वह उसके पैतृक गांव अलवर राजस्थान गए, लेकिन यहां भी उसका कुछ पता नहीं लगा। काफी तलाश के बाद साल 2020 में श्रीराम से उनकी मुलाकात दोबारा हो गई। इस पर उन्होंने रुपये वापस करने की मांग की, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर चला गया। अब वह दंपती से फोन पर भी बात नहीं कर रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बुधवार देर शाम केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सेक्टर-4 निवासी राजीव और अनीता यादव की पहचान जनवरी 2016 में मूल रूप से अलवर राजस्थान निवासी श्रीराम अग्रवाल से हुई थी। श्रीराम अग्रवाल ने जुलाई 2016 में उन्हें दिल्ली के राजोरी गार्डन में संपत्ति बेचने का झांसा देते हुए करीब 62.50 लाख रुपये ले लिए। इस संपत्ति का बिक्री समझौता बनवाने के नाम पर श्रीराम टालमटोल करता रहा। करीब डेढ़ साल बाद श्रीराम ने दंपती को गुरुग्राम के सेक्टर-4 में फ्लैट व सेक्टर-7 एक्सटेंशन में दुकान देने का झांसा दिया। आरोप है कि कई बैठकों के बाद उन्होंने इस समझौते के लिए हामी भर दी और करीब 66.50 लाख रुपये और दे दिए।
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इस बार भी श्रीराम ने उन्हें बिक्री समझौते के लिए परेशान किया और उनका फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर वह श्रीराम को ढूंढ़ते हुए उसके बताए गए पते सेक्टर-4 गुरुग्राम पहुंचे। यहां उन्हें पता लगा कि श्रीराम ने उनके साथ फर्जीवाड़ा किया है। इसके बाद वह उसके पैतृक गांव अलवर राजस्थान गए, लेकिन यहां भी उसका कुछ पता नहीं लगा। काफी तलाश के बाद साल 2020 में श्रीराम से उनकी मुलाकात दोबारा हो गई। इस पर उन्होंने रुपये वापस करने की मांग की, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर चला गया। अब वह दंपती से फोन पर भी बात नहीं कर रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बुधवार देर शाम केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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