JNU छात्रों को गुलजार का समर्थन, कहा 'ऐसे युवाओं को देखकर मिलता है सुकून'
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जेएनयू में 9 फरवरी को लगे देशद्रोही नारों के बाद से ही विश्वविद्यालय देश और दुनिया की मीडिया में सुर्खियों में छाया हुआ है। इस दौरान देश की तमाम बड़ी हस्तियां जेएनयू छात्रों के विरोध में उतरी हैं या समर्थन में।
इसी कड़ी में आज बॉलीवुड के मशहूर गीतकार और महान शायर गुलजार का नाम जुड़ गया है, जिन्होंने विश्वाविद्यालय के छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि जब देश के युवा असहमतियों के बीच विरोध की आवाज उठाते हैं तो वह 'सुरक्षित' महसूस करते हैं। 81 साल के गुलजार से जब जेएनयू विवाद पर सवाल पूछा गया तो वो बोले कि युवा देश की आशा हैं।
उन्होंने अपने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब हम सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ते थे तो हम रूसी क्रांति के बारे में पढ़ते थे... और आज भी अगर क्रांति और असहमति की आवाज उठती है तो वो युवा ही उठाते हैं। वो जेएनयू से उठ रही है।
'युवाओं को देखकर लगता है मैं और मेरा देश बहुत सुरक्षित'
गुलजार ने ये बातें स्प्रिंग फीवर 2016 में कहीं। उन्होंने कहा कि 'जब मैं इन युवाओं को देखता हूं तो मुझे बहुत सुकून महसूस होता है। मुझे लगता है कि मैं और मेरा देश बहुत सुरक्षित है।'
इस दौरान गुलजार ने अपने गानों की भी बात की। उन्होंने बताया कि उनका बहुत ही मशहूर गीत कजरारे-कजरारे ट्रकों के पीछे लिखी शायरियों से प्रेरित है। इस मौके पर गुलजार ने अपनी पुस्तक भी रीलिज की। इस किताब का नाम है 'एनअदर 100 लिरिक्स।'
इसके साथ ही गुलजार ने दो वॉल्यूम वाली अपनी किताब का अनावरण किया। इस किताब में गुलजार द्वारा अनुवाद की गई गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर की कविताएं हैं।