फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Group of enunchs who prevents riot to get reward.

दंगा रोकने वाले किन्नरों को मिलेगा सम्मान

Fri, 31 Oct 2014 03:35 PM IST
Updated Fri, 31 Oct 2014 03:35 PM IST
विज्ञापन
Group of enunchs who prevents riot to get reward.

त्रिलोकपुरी दंगों के वक्त जिन किन्नरों ने सांप्रदायिक सौहार्द्र को कायम करने में अपना योगदान दिया है, दिल्ली पुलिस उन्हें सम्मानित करेगी। गौरतलब है कि लैला सा और उनके ग्रुप ने दंगों के दौरान त्रिलोकपुरी के ब्लॉक 35 में दंगाईयों को घुसने नहीं दिया था।

विज्ञापन


यही नहीं इसके बाद लैला ने हिंदू और मुस्लिमों के साथ मिलकर ब्लॉक की सफाई भी की। दंगों के दौरान अपने समूह के साथ मिलकर लैला ने ब्लॉक 35 में कोई भी बड़ा हादसा होने से बचा लिया। हालांकि लैला की खुद की जिंदगी बहुत मुश्किल भरी रही है।
विज्ञापन

भाईयों ने लैला को बेइज्ज कर घर से निकाला था

Group of enunchs who prevents riot to get reward.

लैला बरेली के गांव हरेरपुर की रहने वाली हैं। लैला को उनके भाईयों ने 19 साल पहले बेईज्जत करके घर से निकाल दिया था। उन्होंने बताया कि कैसे उनके भाई लात मारकर उन्हें खुद से दूर कर देते थे और खुद के पास सोने भी नहीं देते थे।

लैला बताती हैं कि उन्हें इस बात का एहसास है कि परिवार के बिना रहना कितना मुश्किल है। अगर उन्होंने त्रिलोकपुरी दंगों में लोगों को नहीं बचाया होता तो कई लोग बेघर हो गए होते।

लैला के आठ लोगों के परिवार में उनका जन्म दूसरे नंबर पर हुआ था। लैला बहुत छोटी थीं जब उनके पिता का देहांत हुआ, ऐसे में 5 भाईयों के साथ पलने-बढ़ने में लैला को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।

घर छोड़ने के बाद हल्द्वानी पहुंची थीं लैला

Group of enunchs who prevents riot to get reward.

लैला बताती हैं कि उनके भाईयों को उनसे बहुत शर्म आती थी और ये जानते हुए भी कि वो एक पुरुष के शरीर में कैद हैं वो कुछ नहीं कर सकती थीं। लोग लैला को चिढ़ाते थे और छेड़ा करते थे पर उनका परिवार इसका विरोध तक नहीं करता था।

इस तरह लैला को लेकर उनके परिवार की शर्मिंदगी बढ़ती जा रही थी। इसी बीच एक दिन उनकी मां ने लैला को घर छोड़ने को कह दिया।

घर छोड़ने के बाद लैला हल्दवानी पहुंची जहां वह किन्नरों के एक समूह के साथ घुलने मिलने की कोशिश करने लगी। लैला बताती हैं कि किन्नर अपने समूह को लेकर बहुत ही सख्त होते हैं और आसानी से किसी बाहरी को अपने समूह में शामिल नहीं करते।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed