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जेनेरिक दवाओं के मामले में सरकार की बड़ी कामयाबी, 6 साल में की बंपर कमाई

Fri, 07 Jun 2019 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 07 Jun 2019 05:23 AM IST
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Government's big success in generic drugs bumper earning in 6 years
जेनेरिक दवाएं

देश में जेनेरिक दवाओं को लेकर सरकार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। साल 2008 से लेकर अब तक घाटे में चल रहा जेनेरिक दवाओं का कारोबार पहली बार 22 करोड़ रुपये के मुनाफे पर पहुंचा है। महज 6 साल के भीतर सरकार को जेनेरिक दवाओं पर बंपर कमाई हुई है। जेनेरिक दवाओं में हो रहे रिकॉर्ड स्तर के फायदे को जानने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने उच्चाधिकारियों की बैठक भी बुलाई है। 

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प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना के तहत अब तक देश में 668 जिलों में 5300 जनऔषधि केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां करीब 900 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। बृहस्पतिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया की बैठक में परियोजना से जुड़ीं ये अहम जानकारी मिली। हालांकि, बैठक के दौरान दवाओं की कमी को लेकर भी सवाल उठे, जिसे लेकर नई सरकार अगले 100 दिन के भीतर नई दिशा देने जा रही है। 
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प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना के तहत जेनेरिक दवाओं की जिम्मेदारी संभाल रही बीपीपीआई का सालाना टर्नओवर लगातार ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। साल 2008 में इसकी शुरूआत हुई थी, जिसके बाद से लगातार प्रत्येक वर्ष इसे करीब 10 से 12 करोड़ रुपये तक का घाटा हो रहा था।
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परियोजना के सीईओ सचिन कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से जेनेरिक लगातार करोड़ों रुपये के घाटे में चल रही थी, जोकि अब पहली बार रिकॉर्ड 22 करोड़ रुपये के मुनाफे पर पहुंच गई है। इसी साल मार्च तक 315 करोड़ रुपये का जेनेरिक दवाओं का टर्नओवर दर्ज किया है, जबकि 2013-14 में ये टर्नओवर महज 4 करोड़ 33 लाख रुपये था। 

वर्ष 2014-15 में 7.29, 2015-16 में 12.16, 2016-17 में 32.66, 2017-18 में 140.84 और 2018-19 में 315 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज हुआ है। इसके अलावा केंद्र सरकार को एक और बड़ी कामयाबी मिली है कि साल 2018 में सबसे ज्यादा 1818 जनऔषधि केंद्र देशभर में खोले गए हैं। 


केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में 100 दिन का एजेंडा तैयार हो चुका है। जिलों के साथ-साथ सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक जेनेरिक केंद्र खोलने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार कुछ ठोस योजनाएं तैयार कर सकती है।

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