चाचा-भतीजी के संबंध पर टैटू के शौक ने खोली पोल
बिंदापुर में एक युवक की हत्या के पेंचीदा मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक 35 वर्षीय राम बहादुर शुक्र बाजार में सैलून का काम करता था।
हत्या का आरोपी राजू एक ड्राइवर है। जबकि इसका एक साथी बबलू अभी भी फरार है। घटना की वजह राजू के भाई सोनू की शादी को बताया जा रहा है।
डीसीपी के मुताबिक 1 अप्रैल को राजू और बबलू ने राम बहादुर की डंडे और रॉड से पीट-पीट कर हत्या कर लाश को कन्या विद्यालय के पास फेंक दिया था।
हत्यारों ने लाश के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचला था ताकि लाश की पहचान ना की जा सके। इसके बाद पुलिस ने राम बहादुर के दाहिने हाथ पर बने टैटू के आधार पर लाश की शिनाख्त करने का प्रयास किया।
पुलिस ने टैटू को बनाया हथियार
पुलिस ने पैम्पलेट छपवाकर बिंदापुर इलाके में लगवाए, इसके एक हफ्ते बाद लाश की पहचान हुई। बताया जा रहा है कि राम बहादुर उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला था।
वह बिंदापुर में अपने ही गांव की एक महिला के साथ रहता था। महिला शादीशुदा और पैरालाइसिस से पीड़ित है। इसलिए उसके घर का खर्च भी राम बहादुर ही चलाता था।
महिला की पोती गुड्डी की शादी तय हो जाने के बाद उसका होने वाला पति सोनू अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा गुड्डी के परिवार को देने लगा था। नाराज होकर सोनू के भाई राजू ने राम बहादुर की हत्या कर दी।