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Ghaziabad News: डिलीवरी बॉक्स की पत्ती से कटी युवक की अंगुली, रिपोर्ट दर्ज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:33 AM IST
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Youth's finger cut by delivery box flap; report filed.
गाजियाबाद। एनएच-9 पर टीएनजी रेस्टोरेंट के पास सड़क हादसे में डिलीवरी बॉक्स की पत्ती से टकराकर सड़क किनारे खड़े युवक की अंगुली कटकर अलग हो गई। घायल के पिता ने डिलीवरी बॉय के खिलाफ वेव सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी पर तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं।
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बम्हैटा निवासी राजेंद्र यादव ने बताया कि उनका पुत्र आकाश यादव सड़क किनारे खड़ा था। उसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी की स्कूटी के चालक ने वाहन को तेजी और लापरवाही से चलाया। स्कूटी में लगे डिलीवरी बॉक्स की लोहे की पत्ती सीधे आकाश के हाथ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीड़ित के बाएं हाथ की एक अंगुली कटकर नीचे गिर गई, जबकि अन्य अंगुलियों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार इलाज में व्यस्त होने के कारण घटना के कुछ समय बाद थाने पहुंचा। मामले में एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर बीएनएस की धारा 281 और 125(b) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन चालक की तलाश कर रही है।
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-बिना सुरक्षा मानक घूम रहे वाहन, कोई मानक तय नहीं :
घायल युवक के पिता राजेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के वाहनों पर लगे बॉक्स और जिस लोहे के फाउंडेशन पर यह रखा होता है, उसका कोई भी मानक तय नहीं है। इन बॉक्स और लोहे के ढांचे के निर्माण व सुरक्षा को लेकर सख्त नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बॉक्स से लोहे की नुकीली पत्तियां बाहर निकलना आम बात हो गई है, जिससे आगे भी सड़कों पर बड़े हादसे होने की गंभीर संभावना बनी हुई है, जबकि ये डिलीवरी वाहन बिना किसी सुरक्षा मानक के बेधड़क सड़कों पर घूम रहे हैं। इनके चालकों को सड़क पर चलने के नियम सिखाने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
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-पंजीकरण कराने में पीछे हैं कंपनियां :
-सरकार की एग्रीगेटर पॉलिसी आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां कर्मचारियों को तो अपना बता रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग के पोर्टल पर उनमें संचालित वाहनों का डेटा अपलोड नहीं कर रही हैं। 20 हजार से अधिक वाहन इन कंपनियों में संचालित हो रहे हैं। इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, एआरटीओ प्रवर्तन अमित राजन राय का कहना है कि इन पर सख्ती बरती जा रही है और लगातार वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है। जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है उनको नोटिस भी दिया गया है।
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