{"_id":"6a8a045965b5a12d850374ad","slug":"witnesses-failed-to-appear-in-two-nrhm-scam-cases-next-hearing-on-september-21-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-960181-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: एनआरएचएम घोटाले के दो मामलों में गवाह नहीं पहुंचे, 21 सितंबर को अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: एनआरएचएम घोटाले के दो मामलों में गवाह नहीं पहुंचे, 21 सितंबर को अगली सुनवाई
विज्ञापन
गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में शनिवार को विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। दोनों मामलों में गवाहों के पेश नहीं होने के कारण अदालत में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी। विशेष अदालत ने दोनों मामलों में अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। इन मामलों में घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एसपी राम की मौत हो चुकी है।
विशेष सीबीआई अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, बसपा शासनकाल में वर्ष 2005-06 के दौरान एनआरएचएम योजना के तहत प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की गई थी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, कंप्यूटर समेत अन्य जरूरी सामान की खरीद की जानी थी। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धन की हेराफेरी की गई।
मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने एनआरएचएम योजना में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अलग-अलग जिलों और विभागीय स्तर पर हुई गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई ने सवा सौ से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज किए। इनमें दवाओं, उपकरणों और कंप्यूटर समेत अन्य सामान की खरीद से जुड़े मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
सीबीआई की जांच में एक मामले में करीब आठ करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी। इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई चल रही है। शनिवार को गवाहों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब अदालत दोनों मामलों में 21 सितंबर को गवाहों की उपस्थिति और आगे की कार्रवाई पर सुनवाई करेगी।
एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मामलों में जांच के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई थी।
विज्ञापन
विशेष सीबीआई अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, बसपा शासनकाल में वर्ष 2005-06 के दौरान एनआरएचएम योजना के तहत प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की गई थी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, कंप्यूटर समेत अन्य जरूरी सामान की खरीद की जानी थी। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धन की हेराफेरी की गई।
विज्ञापन
मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने एनआरएचएम योजना में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अलग-अलग जिलों और विभागीय स्तर पर हुई गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई ने सवा सौ से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज किए। इनमें दवाओं, उपकरणों और कंप्यूटर समेत अन्य सामान की खरीद से जुड़े मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
सीबीआई की जांच में एक मामले में करीब आठ करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी। इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई चल रही है। शनिवार को गवाहों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब अदालत दोनों मामलों में 21 सितंबर को गवाहों की उपस्थिति और आगे की कार्रवाई पर सुनवाई करेगी।
एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मामलों में जांच के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई थी।