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Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में वार्ड बॉय लिख रहे हैं बाहर की दवाई
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति में वार्ड बॉय मरीजों को दवा लिख रहे हैं। बाहर से दवा लाकर दिखाने के निर्देश भी दे रहे हैं। एक महिला मरीज ने मामले की शिकायत सीएमएस से की है।
विजयनगर निवासी समीना के घुटनों में कई दिन से दर्द की शिकायत है। वह शुक्रवार को एमएमजी अस्पताल में चिकित्सक को को दिखाने गई थीं। चिकित्सक ने देखने के बाद उन्हें एक्स-रे जांच कराने की सलाह दी और अस्पताल की कुछ दवाएं लिख दीं। 30 मिनट बाद एक्स-रे जांच रिपोर्ट लेकर समीना चिकित्सक के कमरे में पहुंची तो वहां चिकित्सक नहीं थे। एक वार्ड बॉय ने उनसे एक्स-रे लिया और बताया कि घुटनों में अंतर कम हो गया है, दवा लेने के साथ एक्सरसाइज भी करनी होगी। इस पर समीना ने चिकित्सक की लिखी दवा वार्ड बॉय को दिखाई। वार्ड बॉय ने कहा कि इसके साथ बाहर की भी दवा लेनी होगी और एक पर्चे पर बाहर की महंगी दवा विटामिन-डी, कैल्शियम और दर्द निवारक दवाई लिख दी। समीना से कहा कि दवा खरीदने के बाद लाकर दिखाने के लिए भी कहा। समीना ने वॉर्ड बॉय को ही चिकित्सक समझकर उसकी लिखी हुई दवाई बाहर से 600 रुपये में खरीद ली। बाद में दिखाने पहुंचीं, तब तक वॉर्ड बॉय वहां से जा चुका था, सीट पर एक जूनियर चिकित्सक ने दवा देखकर खाने का तरीका बता दिया। तब समीना को पता चला कि दवा चिकित्सक ने नहीं वार्ड बॉय ने लिखी थी। उन्होंने वहां बैठे चिकित्सक और सीएमएस से शिकायत की।
अस्पताल के सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वार्ड बॉय दवाई नहीं लिख सकते हैं। हो सकता है कि कोई अन्य चिकित्सक बैठे हों लेकिन, बाहर की दवाई नहीं लिख सकते हैं। इस मामले की जांच कराई कराने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विजयनगर निवासी समीना के घुटनों में कई दिन से दर्द की शिकायत है। वह शुक्रवार को एमएमजी अस्पताल में चिकित्सक को को दिखाने गई थीं। चिकित्सक ने देखने के बाद उन्हें एक्स-रे जांच कराने की सलाह दी और अस्पताल की कुछ दवाएं लिख दीं। 30 मिनट बाद एक्स-रे जांच रिपोर्ट लेकर समीना चिकित्सक के कमरे में पहुंची तो वहां चिकित्सक नहीं थे। एक वार्ड बॉय ने उनसे एक्स-रे लिया और बताया कि घुटनों में अंतर कम हो गया है, दवा लेने के साथ एक्सरसाइज भी करनी होगी। इस पर समीना ने चिकित्सक की लिखी दवा वार्ड बॉय को दिखाई। वार्ड बॉय ने कहा कि इसके साथ बाहर की भी दवा लेनी होगी और एक पर्चे पर बाहर की महंगी दवा विटामिन-डी, कैल्शियम और दर्द निवारक दवाई लिख दी। समीना से कहा कि दवा खरीदने के बाद लाकर दिखाने के लिए भी कहा। समीना ने वॉर्ड बॉय को ही चिकित्सक समझकर उसकी लिखी हुई दवाई बाहर से 600 रुपये में खरीद ली। बाद में दिखाने पहुंचीं, तब तक वॉर्ड बॉय वहां से जा चुका था, सीट पर एक जूनियर चिकित्सक ने दवा देखकर खाने का तरीका बता दिया। तब समीना को पता चला कि दवा चिकित्सक ने नहीं वार्ड बॉय ने लिखी थी। उन्होंने वहां बैठे चिकित्सक और सीएमएस से शिकायत की।
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अस्पताल के सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वार्ड बॉय दवाई नहीं लिख सकते हैं। हो सकता है कि कोई अन्य चिकित्सक बैठे हों लेकिन, बाहर की दवाई नहीं लिख सकते हैं। इस मामले की जांच कराई कराने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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