चार बच्चे पैदा करने पर स्वर्ण, तीन पर रजत पदक: इस समाज का एलान, महिलाओं को देगा काजू-बादाम-देसी घी-मखाने
बीके शर्मा हनुमान ने यह भी घोषणा की किसी भी विप्र परिवार में तीन बच्चे होने पर रजत (चांदी) पदक और चार बच्चों पर स्वर्ण पदक दिया जाएगा। आज हमने अपने परिवार पर ध्यान देना बंद कर दिया है।
विस्तार
गाजियाबाद विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने घोषणा करते हुए बताया कि विप्र (ब्राह्मण समाज का एक संगठन) समाज के परिवार में अधिक बच्चे हों आज ब्राह्मणों की संख्या कम हो रही है। आने वाली पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि आप संख्या बढ़ाएं आने वाली संताने इस देश में अपना नाम, अपना समाज, अपना गोत्र, अपना सूत्र, सभी की रक्षा कर सकें। सनातन की रक्षा तभी होगी तब ब्राह्मणों की संख्या पर्याप्त होगी।
बीके शर्मा हनुमान ने यह भी घोषणा की किसी भी विप्र परिवार में तीन बच्चे होने पर रजत (चांदी) पदक और चार बच्चों पर स्वर्ण पदक दिया जाएगा। आज हमने अपने परिवार पर ध्यान देना बंद कर दिया है। मैं यह भी बताना चाहता हूं कि यह योजना केवल विप्र समाज के लिए है। इस योजना का मकसद केवल ब्राह्मण समाज की आबादी को बढ़ाना और बच्चों को सही शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाना है।
विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वाधान में बच्चों को उच्च पदों पर लाने की कोशिश के लिए दिलो जान से सहायता करना, बच्चों को जन्म देने वाली मात्र शक्तियों को गेहूं का आटा, गोंद, मखाने, सूखा नारियल का बुरादा, काजू, बादाम, सोंठ, अजवाइन, देसी घी, गुड़, खरबूजे की गिरी, आदि ताकत की सामग्री भी दी जाएगी।
इस अवसर पर विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के संस्थापक उपाध्यक्ष पंडित आरसी शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव विनीत कुमार शर्मा, राष्ट्रीय सचिव योगेश दत्त गौड़, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लोकेश कौशिक, संस्था के धर्माचार्य प्रमुख बृजकिशोर शर्मा बृजवासी, जिला अध्यक्ष अंकित शर्मा,मौजूद थे।