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Ghaziabad News: दो नए मरीज, ढाई माह के बच्चे में भी लक्षण
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गाजियाबाद। जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को दो और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें एक मरीज निजी अस्पताल में भर्ती है, जबकि दूसरे का इलाज घर पर चल रहा है।
इसके अलावा भोजपुर के कलछीना क्षेत्र में ढाई महीने के बच्चे में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। उसे संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संयुक्त अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है।
दो नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सीएमओ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। अब तक 16 मरीजों को उपचार के लिए भर्ती कराने की जरूरत पड़ चुकी है।
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सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें : एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके निकट संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। सांस लेने में परेशानी होने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
संक्रमित होने पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। समय पर पहचान और उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन जोखिम वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
इसके अलावा भोजपुर के कलछीना क्षेत्र में ढाई महीने के बच्चे में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। उसे संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संयुक्त अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है।
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दो नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सीएमओ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। अब तक 16 मरीजों को उपचार के लिए भर्ती कराने की जरूरत पड़ चुकी है।
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सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें : एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके निकट संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। सांस लेने में परेशानी होने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
संक्रमित होने पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। समय पर पहचान और उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन जोखिम वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।