{"_id":"671029f6fcfbe6a68f06bc29","slug":"two-children-died-of-diphtheria-in-two-days-in-karkad-model-village-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-490382-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: कड़कड़ मॉडल गांव में दो दिन में डिप्थीरिया से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: कड़कड़ मॉडल गांव में दो दिन में डिप्थीरिया से दो बच्चों की मौत
विज्ञापन
गाजियाबाद। दो महीने में डिप्थीरिया से चौथी मौत बुधवार को कड़कड़ मॉडल गांव में नौ वर्षीय बच्ची शारदा की हो गई। मंगलवार को भी गांव में 11 वर्षीय बच्चे मयंक की मौत हुई थी। जबकि विजयनगर के खैराती नगर में एक बच्चे का इलाज संयुक्त अस्पताल में चल रहा है। अब तक जिले में 14 बच्चों में डिप्थीरिया (गलाघोंटू) की पुष्टि हुई है। इनमें से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बच्ची की मौत की पुष्टि की।
टीकाकरण और सर्वे पर भी सवाल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सर्वे कराया जा रहा है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी के अलावा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी की नियुक्ति के बाद भी लगातार डिप्थीरिया से मौत होना टीकाकरण पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अगर टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत हुई है तो टीके की जांच होनी चाहिए, अगर बच्ची का टीकाकरण नहीं हुआ है तो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए।
सर्वे में टीकाकरण से छूटे मिलते हैं बच्चे
जिले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम भी काम कर रही है और यूनिसेफ भी टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए सर्वे करता है। किसी भी मौत के बाद आसपास क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के सर्वे कराने पर पता चलता है कि 50 से 150 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। यह चाहे लाल कुंआ क्षेत्र में खसरे का टीकाकरण हो या दिल्ली गेट में डिप्थीरिया से बच्ची की मौत का मामला। अब यही हालात कड़कड़ माॅडल में सामने आया है कि आसपास बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। कड़कड़ मॉडल गांव में डिप्थीरिया से दो मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को सर्वे करवाया, जिसमें टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान की गई है।
विज्ञापन
मंगलवार को विजयनगर के खैराती नगर में नौ वर्षीय आर्यन को सांस लेने में दिक्कत के बाद संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत में सुधार है। बुधवार को बच्चे ने हल्का खाना भी खाया। फिलहाल प्राइवेट वार्ड में उसका उपचार चल रहा है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि डिप्थीरिया से मौत के बाद कड़कड़ मॉडल गांव में सर्वे कराया गया है। दोनों बच्चों के घरों के आसपास टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कराई जा रही है। शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा।
15 अक्तूबर को खैराती नगर में नौ वर्षीय आर्यन में डिप्थीरिया की पुष्टि, इलाज जारी
16 अक्तूबर को कड़कड़ मॉडल में नौ वर्षीय बच्ची शारदा की मौत
15 अक्तूबर को कड़कड़ मॉडल में 11 वर्षीय मयंक की मौत।
25 सितंबर को पक्की सराय डासना गेट निवासी सात वर्षीय बच्ची आसना की मौत ।
सितंबर में लोनी में आठ वर्षीय एक बच्चे की डिप्थीरिया से मौत
विज्ञापन
टीकाकरण और सर्वे पर भी सवाल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सर्वे कराया जा रहा है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी के अलावा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी की नियुक्ति के बाद भी लगातार डिप्थीरिया से मौत होना टीकाकरण पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अगर टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत हुई है तो टीके की जांच होनी चाहिए, अगर बच्ची का टीकाकरण नहीं हुआ है तो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए।
विज्ञापन
सर्वे में टीकाकरण से छूटे मिलते हैं बच्चे
जिले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम भी काम कर रही है और यूनिसेफ भी टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए सर्वे करता है। किसी भी मौत के बाद आसपास क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के सर्वे कराने पर पता चलता है कि 50 से 150 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। यह चाहे लाल कुंआ क्षेत्र में खसरे का टीकाकरण हो या दिल्ली गेट में डिप्थीरिया से बच्ची की मौत का मामला। अब यही हालात कड़कड़ माॅडल में सामने आया है कि आसपास बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। कड़कड़ मॉडल गांव में डिप्थीरिया से दो मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को सर्वे करवाया, जिसमें टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान की गई है।
विज्ञापन
मंगलवार को विजयनगर के खैराती नगर में नौ वर्षीय आर्यन को सांस लेने में दिक्कत के बाद संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत में सुधार है। बुधवार को बच्चे ने हल्का खाना भी खाया। फिलहाल प्राइवेट वार्ड में उसका उपचार चल रहा है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि डिप्थीरिया से मौत के बाद कड़कड़ मॉडल गांव में सर्वे कराया गया है। दोनों बच्चों के घरों के आसपास टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कराई जा रही है। शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा।
15 अक्तूबर को खैराती नगर में नौ वर्षीय आर्यन में डिप्थीरिया की पुष्टि, इलाज जारी
16 अक्तूबर को कड़कड़ मॉडल में नौ वर्षीय बच्ची शारदा की मौत
15 अक्तूबर को कड़कड़ मॉडल में 11 वर्षीय मयंक की मौत।
25 सितंबर को पक्की सराय डासना गेट निवासी सात वर्षीय बच्ची आसना की मौत ।
सितंबर में लोनी में आठ वर्षीय एक बच्चे की डिप्थीरिया से मौत