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Ghaziabad News: प्रमुख सचिव से बाले व्यापारी, तकनीकी त्रुटियों पर वाहनों की रोक-टोक हो बंद
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गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को जिले में पहुंची प्रमुख सचिव वाणिज्यकर विभाग कामिनी रतन चौहान ने जीएसटी सभागार में जीएसटी अधिकारियों और शहर के व्यापारियों के साथ मुलाकात की। इस मौके पर व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुख सचिव के सामने रखा। व्यापारी नेता गोपीचंद ने कहा कि तकनीकी त्रुटियों पर वाहनों की रोक-टोक बंद होनी चाहिए। कई बार तकनीकी त्रुटियों के आधार पर मालवाहक वाहनों को रोक लिया जाता है, जबकि उनके पास वैध ई-वे बिल एवं कर चालान उपलब्ध होते हैं।
प्रदेश टेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चावला ने कहा कि टेंट एवं इवेंट उद्योग की ओर से सरकारी विभागों एवं संस्थाओं के कार्य करने पर भुगतान कई-कई माह विलंब से प्राप्त होता है। जैसे चुनाव का कार्य, जबकि जीएसटी की देयता तत्काल उत्पन्न हो जाती है और व्यापारी को 20 तारीख तक कर जमा करना पड़ता है। इससे व्यापारियों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व में लागू सर्विस टैक्स व्यवस्था की भांति भुगतान प्राप्त होने के पश्चात ही केवल सरकारी कार्य करने पर ही जीएसटी देय माना जाए।
व्यापारी नेता राजदेव त्यागी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के प्रारंभिक वर्षों 2017-18 के अनेक मामलों में व्यापारियों को विधिवत सूचना दिए बिना एकपक्षीय आदेश पारित कर दिए गए। बाद में व्यापारियों को अपील की प्रक्रिया में जाना पड़ता है। जिससे आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न होता है।
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इस मौके पर जिला एवं महानगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों में जिला अध्यक्ष राम किशोर अग्रवाल व अन्य व्यापारी नेता मौजूद रहे। प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने सभी सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा आश्वस्त किया कि आगामी माह में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि लखनऊ आकर इन विषयों का विस्तृत लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
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प्रदेश टेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चावला ने कहा कि टेंट एवं इवेंट उद्योग की ओर से सरकारी विभागों एवं संस्थाओं के कार्य करने पर भुगतान कई-कई माह विलंब से प्राप्त होता है। जैसे चुनाव का कार्य, जबकि जीएसटी की देयता तत्काल उत्पन्न हो जाती है और व्यापारी को 20 तारीख तक कर जमा करना पड़ता है। इससे व्यापारियों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व में लागू सर्विस टैक्स व्यवस्था की भांति भुगतान प्राप्त होने के पश्चात ही केवल सरकारी कार्य करने पर ही जीएसटी देय माना जाए।
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व्यापारी नेता राजदेव त्यागी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के प्रारंभिक वर्षों 2017-18 के अनेक मामलों में व्यापारियों को विधिवत सूचना दिए बिना एकपक्षीय आदेश पारित कर दिए गए। बाद में व्यापारियों को अपील की प्रक्रिया में जाना पड़ता है। जिससे आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न होता है।
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इस मौके पर जिला एवं महानगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों में जिला अध्यक्ष राम किशोर अग्रवाल व अन्य व्यापारी नेता मौजूद रहे। प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने सभी सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा आश्वस्त किया कि आगामी माह में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि लखनऊ आकर इन विषयों का विस्तृत लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करें।