फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Three people, including the then CMO, were sentenced to five years in prison in the NRHM scam in Chandauli.

Ghaziabad News: चंदौली के एनआरएचएम घोटाले में तत्कालीन सीएमओ समेत तीन को पांच साल की सजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
Three people, including the then CMO, were sentenced to five years in prison in the NRHM scam in Chandauli.
- कॉपर-टी की खरीद में नियमों की अनदेखी से सरकारी खजाने को 8.22 लाख रुपये की चपत
विज्ञापन

- सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों दोषियों पर लगाया एक-एक लाख रुपये का जुर्माना

गाजियाबाद। चंदौली में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) से जुड़े घोटाले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण डॉ. विभूति प्रसाद, उपभोक्ता सहकारी संघ लखनऊ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल जायसवाल और दवा कारोबारी सुरेंद्र पांडेय को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पीठासीन अधिकारी अवनीश कुमार पांडेय ने तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला स्वास्थ्य विभाग में महिलाओं को गर्भधारण से रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली कॉपर-टी की खरीद में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था। अदालत के समक्ष प्रस्तुत मामले के अनुसार, वर्ष 2008 से 2010 के बीच चंदौली में स्वास्थ्य विभाग के लिए 21,694 कॉपर-टी खरीदी गई थीं। खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का आरोप था। जांच में सीबीआई को खरीद प्रक्रिया के कई स्तरों पर अनियमितताएं मिलीं। एजेंसी के मुताबिक निजी हित साधने के कारण सरकार को 8.22 लाख रुपये की राजस्व क्षति हुई थी।
विज्ञापन

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। जांच में तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी, सहकारी संघ के अधिकारी और दवा कारोबारी की भूमिका सामने आने के बाद एजेंसी ने वर्ष 2014 में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद दस्तावेज जुटाकर खरीद प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 15 दिसंबर 2015 को अदालत में तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद विशेष सीबीआई अदालत में 28 जनवरी 2016 से मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए गए। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के साथ खरीद प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों पर बहस हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed