गाजियाबाद। लोनी में प्राॅपर्टी डीलर चेतराम उर्फ चेतन की हत्या के 17 साल बाद अदालत ने आकिल निवासी गुलावठी बुलंदशहर, आकिल निवासी गांव परतापुर, बुलंदशहर और संजय निवासी बागडोली, बागपत को दोषी करार दिया है। जबकि चौथे आरोपी विक्रम को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोष मुक्त कर दिया है। सजा के प्रश्न पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा की अदालत मंगलवार को सुनवाई होगी। आरोपियों को दोषी करार देने में चेतन के भाई राजकुमार और पड़ोसी धर्मेंद्र के बयान अहम रहे।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया लोनी निवासी राजकुमार ने 28 मार्च 2007 को लोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजकुमार ने पुलिस को बताया था कि सादुल्लाबाद में उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्यालय है। 28 मार्च 2007 की शाम सात बजे बुलंदशहर के गांव परतापुर निवासी आकिल व गुलावठी निवासी आकिल और बागपत के बागडोली निवासी संजय और लोनी निवासी विक्रम उनके कार्यालय पर पहुंचकर छोटे भाई चेतन भाटी उर्फ चेतराम के बारे में पूछा। राजकुमार ने बताया कि वह लोनी गए हैं, 10 मिनट में कार्यालय पर पहुंचने वाले हैं। तीनों कार्यालय में ही बैठ गए और चेतन को फोन कर बुलाया। 10 मिनट की बातचीत के बाद एक भूखंड देखने के बहाने चेतन भाटी को प्रीत विहार फेस-3 ले गए। वहां पर चेतन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे की अदालत में हुई। मामले में छह गवाह पेश हुए थे।