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मोदी लहर में सिटिंग विधायक भी क्लीन बोल्ड
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:08 PM IST
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Prime Minister Narendra Modi
- फोटो : file photo
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मोदी की लहर गाजियाबाद में सिटिंग विधायकों को भी ले डूबी। जिले की पांच विधायकों में से एक भी दोबारा पारी शुरू नहीं कर पाया। भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा तो सभी के आंकड़े गड़बड़ा गए। सिटिंग विधायक पहले नंबर से दूसरे फिर चौथे नंबर तक खिसक गए।
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2012 के विधानसभा चुनाव में जहां बसपा ने चार सीटें हासिल कर परचम लहराया था, वहीं इस बार भाजपा ने बसपा के राजनीतिक ‘किले’ की नींव तक हिला डाली।2012 विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद सीट से बसपा के सुरेश बंसल 35.57 फीसदी वोट लेकर विधायक बने थे। भाजपा को 28.88 फीसदी वोट मिले थे।
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वहीं इस बार भाजपा के अतुल गर्ग को 55 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं। साहिबाबाद विधानसभा पर बसपा को वर्ष 2012 में सबसे ज्यादा 37.26 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा के सुनील शर्मा को महज 29.97 फीसदी वोट मिले थे। इस बार यहां भी भाजपा को 61 फीसदी वोट मिले।
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मुरादनगर में 2012 में भाजपा प्रत्याशी को 24.33 फीसदी वोट मिले थे, वहीं इस बार 55.71 फीसदी वोट मिले हैं। यही नहीं लोनी और मुरादनगर में भी भाजपा के वोट प्रतिशत में करीब-करीब 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो मोदी की लहर ने यूपी में यह बदलाव किया है।
जो भाजपा वोटों के लिए तरसती थी, उसके प्रत्याशियों पर इस बार विधानसभा चुनाव में जमकर वोट बरसे। गाजियाबाद और साहिबाबाद में बसपा विधायक सुरेश बंसल और अमरपाल शर्मा ने खूब विकास कार्य कराए थे। जनता में इनका विरोध नहीं था।
बावजूद इसके उन्हें हार मिली। मतदान से पहले माना जा रहा था कि सुरेश बंसल विधायक के तौर पर अपनी पारी को दोहरा सकते हैं।