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Ghaziabad News: टेलीग्राम एप से वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर खाते खाली कर रहे साइबर ठग
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गाजियाबाद। मोबाइल एप के माध्यम से लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी का तरीका पुराना हुआ तो अब साइबर ठगों ने टेलीग्राम एप के जरिए वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब और निवेश का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी है। लोन दिलाने के बहाने ठगी करने वाले 52 एप काे गाजियाबाद पुलिस ब्लॉक करा चुकी है। इसके बाद अब साइबर सेल में फिलहाल सबसे ज्यादा शिकायतें टेलीग्राम एप के जरिए ठगी की पहुंच रही हैं।
टेलीग्राम एप विश्वसनीय माना जाता है।
साइबर अपराधी हर पांच-छह महीने में ठगी का तरीका बदल रहे हैं। शुरूआती दौर में डेबिट कार्ड बंद होने का डर दिखाकर डिटेल हासिल कर ठगी का सिलसिला चला। लोगों ने ओटीपी बताने बंद कर दिए तो मोबाइल पर तत्काल लोन दिलाने के एप बनाकर ठगी शुरू की गई। बीते कुछ माह में सबसे ज्यादा मामले लोन एप के सामने आए। पुलिस ने गृह मंत्रालय के माध्यम से ठगी के ऐसे मोबाइल एप को बंद कराने की कार्रवाई की तो अब ठगों ने वर्क फ्रॉम होम और पार्ट टाइम जॉब दिलाने के बहाने ठगी करना शुरू कर दिया है। बीते तीन महीनों में ऐसे मामले बढ़े हैं जिनमें या तो घर बैठे काम दिलाने या मोटा मुनाफा दिलाने के बहाने निवेश की स्कीम बताकर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाई गई।
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ऐसे करते हैं ठगी
साइबर सेल के प्रभारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों के नंबर जुटाकर संपर्क करते हैं। अगर उनके मोबाइल में टेलीग्राम मोबाइल एप डाउनलोड है तो सीधे ही उस पर लिंक भेजकर घर बैठे रुपया कमाने का झांसा दे रहे हैं और अगर एप नहीं हैं तो उन्हें सुनहरे सपने दिखाकर एप डाउनलोड करा लेते हैं। इस पर लिंक भेजकर लोगों के खातों में सेंध लगाकर ठगी कर रहे हैं। कई मामलों में लोगों से निवेश के लिए रुपया ट्रांसफर कराया गया है।
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विदेशों में पहुंच रही रकम, रिकवरी करना हो रहा मुश्किल
साइबर सेल के प्रभारी का कहना है कि टेलीग्राम एप के माध्यम से ठगी की रकम विदेशों में पहुंच रही है। साइबर ठग लोगों से रकम चीन, दुबई और कई अन्य देशों के खातों में ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसे खातों को ब्लॉक कराना और उनसे रिकवरी कर पाना मुश्किल हो जाता है।
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साइबर अपराध
ठगी मामले
क्रेडिट व डेबिट कार्ड 1732
लोन व पॉलिसी के जरिए 2172
केवाईसी कराने के जरिए 1234
सोशल मीडिया से जुड़े अपराध 1542
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साइबर ठगी हो जाए तो तत्काल करें शिकायत
साइबर ठगी होने के 24 घंटे के अंदर सूचना पुलिस की साइबर टीम को दे दें तो रुपया वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ठगी की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या घंटाघर कोतवाली परिसर में गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल के ऑफिस में जाकर लिखित शिकायत दे सकते हैं। इनके अलावा साइबर क्राइम सेल कार्यालय के मोबाइल नंबर 8929436699 पर कॉल करके भी सूचना दी जा सकती है।
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लखनऊ मुख्यालय के माध्यम से ब्लॉक कराए गए ठगी के एप
साइबर सेल प्रभारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि जिन मोबाइल एप से ठगी की शिकायतें मिलती हैं, उनकी सूची तैयार की जाती है। इस सूची को वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से साइबर क्राइम के मुख्य कार्यालय लखनऊ को भेजी जाती है। यहां से गृहमंत्रालय को सूचना आंकड़ों के साथ भेजी जाती है। इसके बाद मोबाइल एप को बंद कराया जाता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप बंद होने के बाद साइबर ठग मिलते-जुलते नामों से फिर से एप बनाकर ठगी करने लगते हैं।
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टेलीग्राम एप विश्वसनीय माना जाता है।
साइबर अपराधी हर पांच-छह महीने में ठगी का तरीका बदल रहे हैं। शुरूआती दौर में डेबिट कार्ड बंद होने का डर दिखाकर डिटेल हासिल कर ठगी का सिलसिला चला। लोगों ने ओटीपी बताने बंद कर दिए तो मोबाइल पर तत्काल लोन दिलाने के एप बनाकर ठगी शुरू की गई। बीते कुछ माह में सबसे ज्यादा मामले लोन एप के सामने आए। पुलिस ने गृह मंत्रालय के माध्यम से ठगी के ऐसे मोबाइल एप को बंद कराने की कार्रवाई की तो अब ठगों ने वर्क फ्रॉम होम और पार्ट टाइम जॉब दिलाने के बहाने ठगी करना शुरू कर दिया है। बीते तीन महीनों में ऐसे मामले बढ़े हैं जिनमें या तो घर बैठे काम दिलाने या मोटा मुनाफा दिलाने के बहाने निवेश की स्कीम बताकर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाई गई।
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ऐसे करते हैं ठगी
साइबर सेल के प्रभारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों के नंबर जुटाकर संपर्क करते हैं। अगर उनके मोबाइल में टेलीग्राम मोबाइल एप डाउनलोड है तो सीधे ही उस पर लिंक भेजकर घर बैठे रुपया कमाने का झांसा दे रहे हैं और अगर एप नहीं हैं तो उन्हें सुनहरे सपने दिखाकर एप डाउनलोड करा लेते हैं। इस पर लिंक भेजकर लोगों के खातों में सेंध लगाकर ठगी कर रहे हैं। कई मामलों में लोगों से निवेश के लिए रुपया ट्रांसफर कराया गया है।
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विदेशों में पहुंच रही रकम, रिकवरी करना हो रहा मुश्किल
साइबर सेल के प्रभारी का कहना है कि टेलीग्राम एप के माध्यम से ठगी की रकम विदेशों में पहुंच रही है। साइबर ठग लोगों से रकम चीन, दुबई और कई अन्य देशों के खातों में ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसे खातों को ब्लॉक कराना और उनसे रिकवरी कर पाना मुश्किल हो जाता है।
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साइबर अपराध
ठगी मामले
क्रेडिट व डेबिट कार्ड 1732
लोन व पॉलिसी के जरिए 2172
केवाईसी कराने के जरिए 1234
सोशल मीडिया से जुड़े अपराध 1542
साइबर ठगी हो जाए तो तत्काल करें शिकायत
साइबर ठगी होने के 24 घंटे के अंदर सूचना पुलिस की साइबर टीम को दे दें तो रुपया वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ठगी की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या घंटाघर कोतवाली परिसर में गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल के ऑफिस में जाकर लिखित शिकायत दे सकते हैं। इनके अलावा साइबर क्राइम सेल कार्यालय के मोबाइल नंबर 8929436699 पर कॉल करके भी सूचना दी जा सकती है।
लखनऊ मुख्यालय के माध्यम से ब्लॉक कराए गए ठगी के एप
साइबर सेल प्रभारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि जिन मोबाइल एप से ठगी की शिकायतें मिलती हैं, उनकी सूची तैयार की जाती है। इस सूची को वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से साइबर क्राइम के मुख्य कार्यालय लखनऊ को भेजी जाती है। यहां से गृहमंत्रालय को सूचना आंकड़ों के साथ भेजी जाती है। इसके बाद मोबाइल एप को बंद कराया जाता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप बंद होने के बाद साइबर ठग मिलते-जुलते नामों से फिर से एप बनाकर ठगी करने लगते हैं।