{"_id":"57fe882c4f1c1b6e52290844","slug":"on-moharram-mourning-extracted-tajia","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहर्रम पर किया मातम, निकाले ताजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहर्रम पर किया मातम, निकाले ताजिए
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
धार्मिक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहीदाने करबला और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में बुधवार को मोहर्रम के दसवें रोज मातम करते हुए जुलूस-ए-ताजिए निकाले गए और करबला में दफन किए गए। इस बार की खास बात यह रही कि तिरंगे झंडे और देशभक्ति गीतों के बीच मुहर्रम का जुलूस निकाला गया।
दोपहर करीब दो बजे नया बस अड्डे के पास से सदाय हुसैनी का जुलूस निकला, जो करबला पहुंचा। हुसैन की याद में मातमपुर्सी की गई और करबला में मसाइब पढ़े गए। आमाले रोजे आशूर अदा किया गया।
इसके बाद जस्सीपुरा से तीन अखाड़े (हिना, शमा और अंजुमन) दिल्ली गेट, सिहानी गेट और अग्रसेन बाजार होते हुए गंदे नाले से वापस जस्सीपुरा आए। इस दौरान उन्होंने तलवारों, लाठी-डंडों, बिन्नोटों, कीलों और बत्तीसे आदि से करतब दिखाए।
विज्ञापन
बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सराहा गया और साथ ही उन्हें इनाम भी दिए गए। महानगर मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष हाजी चमन ने बताया कि भरत मिलाप कार्यक्रम के कारण मोहर्रम के जुलूस के रूट में भी थोड़ा परिवर्तन किया गया था।
इस बार चौपला मंदिर से जुलूस घंटाघर की तरफ नहीं गया, बल्कि गंदे नाले से जस्सीपुरा मोड़ पर निकाला गया। अभी तक घंटाघर होते हुए जुलूस निकाला जाता था। ऐसा आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
उधर, डासना और मयूर विहार में भी मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जो सुबह करीब साढ़े आठ बजे दसदिसा मोहल्ले से शुरू हुआ और दोपहर करीब दो बजे करबला पहुंचकर ताजिए दफन किए गए। इसके बाद लंगर का एहतमाम किया गया। शाम को अखाड़े शुरू हुए, जिसमें तलवार, लाठी-डंडों और बिन्नोटों से करतब दिखाए गए।
उधर बुधवार को कैला भट्ठा से निकले मुहर्रम के जुलूस पर देश भक्ति का रंग चढ़ा भी हुआ था। देशभक्ति गीतों के साथ ही तिरंगे झंडे को लेकर लोग जुलूस में चल रहे थे। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष जावेद खान सैफ व शहर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों का चौपला बाजार में स्वागत किया।
जुलूस में शामिल सभी बच्चे व बुजुर्ग भारत माता की जय करते हुए चल रहे थे। कइयों के हाथों में तिरंगा झंडा लहरा रहा था। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने कड़ी चौकसी भी कर रखी थी।
विज्ञापन
दोपहर करीब दो बजे नया बस अड्डे के पास से सदाय हुसैनी का जुलूस निकला, जो करबला पहुंचा। हुसैन की याद में मातमपुर्सी की गई और करबला में मसाइब पढ़े गए। आमाले रोजे आशूर अदा किया गया।
विज्ञापन
इसके बाद जस्सीपुरा से तीन अखाड़े (हिना, शमा और अंजुमन) दिल्ली गेट, सिहानी गेट और अग्रसेन बाजार होते हुए गंदे नाले से वापस जस्सीपुरा आए। इस दौरान उन्होंने तलवारों, लाठी-डंडों, बिन्नोटों, कीलों और बत्तीसे आदि से करतब दिखाए।
विज्ञापन
बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सराहा गया और साथ ही उन्हें इनाम भी दिए गए। महानगर मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष हाजी चमन ने बताया कि भरत मिलाप कार्यक्रम के कारण मोहर्रम के जुलूस के रूट में भी थोड़ा परिवर्तन किया गया था।
इस बार चौपला मंदिर से जुलूस घंटाघर की तरफ नहीं गया, बल्कि गंदे नाले से जस्सीपुरा मोड़ पर निकाला गया। अभी तक घंटाघर होते हुए जुलूस निकाला जाता था। ऐसा आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
उधर, डासना और मयूर विहार में भी मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जो सुबह करीब साढ़े आठ बजे दसदिसा मोहल्ले से शुरू हुआ और दोपहर करीब दो बजे करबला पहुंचकर ताजिए दफन किए गए। इसके बाद लंगर का एहतमाम किया गया। शाम को अखाड़े शुरू हुए, जिसमें तलवार, लाठी-डंडों और बिन्नोटों से करतब दिखाए गए।
उधर बुधवार को कैला भट्ठा से निकले मुहर्रम के जुलूस पर देश भक्ति का रंग चढ़ा भी हुआ था। देशभक्ति गीतों के साथ ही तिरंगे झंडे को लेकर लोग जुलूस में चल रहे थे। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष जावेद खान सैफ व शहर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों का चौपला बाजार में स्वागत किया।
जुलूस में शामिल सभी बच्चे व बुजुर्ग भारत माता की जय करते हुए चल रहे थे। कइयों के हाथों में तिरंगा झंडा लहरा रहा था। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने कड़ी चौकसी भी कर रखी थी।