कोरोना पॉजिटिव आने पर बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं नहीं होंगी होम क्वारेंटीन - शासन ने जारी किया निर्देश घर में क्वारेंटीन की न दी जाए इजाजत माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सूबे के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को होम क्वारेंटीन संबंधित गाइड लाइन भेजी है। प्रशासन केवल उन्हीं घरों में होम क्वारेंटीन की अनुमति प्रदान करेगा, जो घर मानकों के अनुरूप होंगे। सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया होम क्वारेंटीन की निगरानी के लिए सभी जनपदों में निगरानी समितियां बनाई गई हैं। गाजियाबाद में भी 161 निगरानी समितियां काम कर रही हैं। इन समितियों को अध्यक्ष ग्राम प्रधान को बनाया गया है। समिति में आशा, आंगनबाड़ी और ग्राम सचिव को भी शामिल किया गया है। समितियों का दायित्व है कि बाहर से आए लोग होम क्वारेंटीन का पालन करें और यदि किसी की तबियत खराब होती है तो समिति तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए। सीएमओ डा. गुप्ता ने बताया होम क्वारेंटीन के लिए सबसे पहली शर्त तो यह है कि इसके लिए संभावित मरीज के लिए एक अलग और हवादार कमरा उपलब्ध हो। इस कमरे के साथ शौचालय होना भी अनिवार्य है और घर के अन्य सदस्यों के लिए अलग शौचालय हो। इतना ही नहीं होम क्वारेंटीन की इजाजत केवल उसी घर में दी जा सकती है, जिस घर में 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई बुजुर्ग, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित, गर्भवती या बच्चे न हो। दरअसल इन सब लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और संभावित मरीज के संक्रमित होने की स्थिति में उन लोगों के संक्रमण की चपेट में आने की आशंका अधिक होगी। ऐसे लोगों के साथ केवल उन्हीं घरों में होम क्वारेंटीन की इजाजत दी जा सकेगी, जहां घर काफी बड़ा हो और हवादार हो। होम क्वारेंटीन के लिए एक जरूरी शर्त यह भी होगी कि संबंधित व्यक्ति को अनिवार्य रूप से अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा और उसे सदैव ऑन रखना होगा। इतना ही नहीं रोजाना अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम को भेजनी होगी। -----------------