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एनएच-58 पर 24 से भारी वाहनों की नो-एंट्री
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 22 Jul 2016 01:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ हाइवे (एनएच-58)पर 24 जुलाई से भारी वाहनों को आने से रोक दिया जाएगा। भारी वाहनों में ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्राली और कैंटर आदि को शामिल किया गया है।
इस दौरान मेरठ से गाजियाबाद आने वाली सड़क को बंद कर दिया जाएगा। इस वजह से हल्के वाहन दिल्ली से मेरठ अप लाइन वाले रोड पर वन-वे संचालित होंगे। वहीं, हल्के वाहनों को एनएच-58 पर 28 जुलाई से आने-जाने से रोक दिया जाएगा। 27 जुलाई रात तक हल्के वाहन मेरठ की ओर जाने वाली अप लाइन से आ जा सकते है।
24 जुलाई से भारी वाहनों का रूट
- दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को यूपी गेट वाया विजयनगर बाईपास, एनएच-24 से हापुड़ की ओर निकाला जाएगा।
- बागपत में पुरा महादेव मंदिर पर कावड़ियों की अधिक संख्या को देखते हुए दिल्ली और लोनी की ओर से सहारनपुर जाने वाले वाहनों को दिल्ली के वजीराबाद पुल से होते हुए आउटर रिंग से एनएच-01 की ओर से होते हुए सोनीपत व करनाल की ओर से सहारनपुर की ओर निकाला जाएगा।
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- दिल्ली से यूपी बार्डर, महाराजपुर बार्डर, ज्ञानी बार्डर से गाजियाबाद की ओर आने वाले वाहन गाजीपुर की ओर एनएच-24 से होते गाजियाबाद में आ सकेंगे।
- दिल्ली और मथुरा की ओर से बुलंदशहर की तरफ जाने वाले वाहन गाजियाबाद की ओर न आकर ओखला बैराज, डीएनडी पुल, कासना के रास्ते से होते हुए वाया सिकंदराबाद होते हुए बुलंदशहर जाएंगे।
- गाजियाबाद से मोदीनगर आने जाने वाले वाले वाहनों को हापुड़ चुंगी, आत्माराम स्टील, पिलखुवा से अव्वलपुर, फरीदपुर होते हुए मोदीनगर जाएंगे। मुरादनगर की ओर जाने वाले वाहनों को पिलखुवा से कनौजा फैक्ट्री होते हुए मुरादनगर की ओर जाएंगे और आएंगे।
- पुराने बस अड्डे से आनी वाली बसों और भारी वाहनों को डासना तिराहे से शहर की तरफ आने से रोका जाएगा। इन्हें एनएच-24 से होते हुए यूपी गेट की ओर वापस भेजकर निकाला जाएगा।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूरे सावन मिलेगा गंगाजल
दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूरे सावन गंगाजल मिलेगा। शिवरात्रि के अलावा पूरे महीने श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल से कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम ने टैंकरों को तैनात किया है।
महापौर अशु वर्मा, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा और स्थानीय पार्षद जाकिर सैफी ने बृहस्पतिवार को दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। महापौर ने बताया कि पूर्व के वर्षों में सिर्फ शिवरात्रि पर गंगाजल उपलब्ध कराया जाता था, इस बार पूरे महीने श्रद्धालुओं को मंदिर में ही गंगाजल मिलेगा।
महापौर ने दूधेश्वरनाथ मंदिर के अलावा साईं उपवन और मेरठ रोड पर दुहाई तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने इस मार्ग पर विशेष सफाई कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सफाई निरीक्षक जयद्रथ सिंह, वीपी शर्मा, जलकल अभियंता आरके यादव मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों को जारी होंगे पास
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रशासनिक और कांवड़ शिविर संचालकों के वाहनों को अलग से पास जारी किए जाएंगे। बिना पास कोई भी वाहन कांवड़ मार्ग से नहीं गुजर सकेगा। बृहस्पतिवार को सीओ इंदिरापुरम और एसएचओ ने हिंडन नहर के कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने एचएचओ और अन्य अधिकारियों के साथ नहर रोड कांवड़ मार्ग पर पहुंचे। उन्होंने कनावनी पुलिया और वैशाली पुलिया पर पुलिसकर्मियों की तैनाती संबंधी निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि नहर रोड पर 24 जुलाई से चार पहिया वाहनों को बंद कर दिया जाएगा, जबकि 28 से दुपहिया वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाएगी। कांवड़ मार्ग पर सिर्फ पास लगे वाहन ही एंट्री कर सकेंगे। कांवड़ शिविर संचालकों और प्रशासन, निगम कर्मियों के वाहनों पर पास लगाए जाएंगे, जिससे व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पांच अस्पताल रहेंगे तैयार
इंदिरापुरम पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी घटना के लिए पांच अस्पतालों से मदद मांगी है। वसुंधरा स्थित अटलांटा अस्पताल, वसुंधरा अस्पताल, वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल, कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल और इंदिरापुरम स्थित शांति गोपाल अस्पताल तैयार रहेंगे। 10 बेड कांवड़ियों के लिए बुक रहेंगे।
कांवड़ मार्ग पर रहेंगे मोबाइल हॉस्पिटल, 24 घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सेवा
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच-58 पर मोबाइल चिकित्सालय संचालित होंगे और कांवड़ियों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। कांवड़ सेवा शिविरों पर भी मोबाइल अस्पतालों की समस्त जानकारी और फोन नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। कांवड़ मार्ग और एनएच-58 पर अस्थाई अस्पताल भी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट हास्पिटल को भी निर्देश दिए जा चुके हैं जहां से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एंबुलेंस और चिकित्सीय वैन में फर्स्ट एड से जुड़ी आपात किट और सभी दवाइयां होंगी।
इमरजेंसी के लिए डाक्टर-नर्स भी इनमें तैनात किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। सीएमओ अजेय अग्रवाल ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर एंबुलेंस सुविधा के लिए प्राइवेट अस्पतालों को भी शामिल किया गया है।
हाईवे पर स्थित अस्पतालों को भी कांवड़ियों की चिकित्सा के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एक एंबुलेंस एमएमजी अस्पताल में और एक जस्सीपुरा मोड़ पर उपलब्ध रहेगी।
एमएमजी में बना वार्ड, टीम गठित
कांवड़ के दौरान एमएमजी अस्पताल में 20 बेड का वार्ड सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 50 मरीजों के इलाज के लिए 24 घंटे व्यवस्था रहेगी। 29 जुलाई से दो अगस्त तक 26 चिकित्सकों और अन्य स्टाफ का दल शिविरों में उपचार करेगा।
अस्पताल प्रबंधन दूधेश्वरनाथ मंदिर व एसडी कालेज के कांवड़ शिविर में स्वास्थ्य शिविर लगाएगा। शिविर में फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह राणा, डॉ. एके सिंह, डॉ. राजेंद कुमार, नेत्र सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. एके विश्वकर्मा, आयुष चिकित्सक डॉ. शारिक , डॉ. संजीव पवार, डॉ. ललित, डॉ. विपिन सिंह अन्य स्टाफ के साथ शिविर में अलग-अलग समय पर ड्यूटी करेंगे।
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इस दौरान मेरठ से गाजियाबाद आने वाली सड़क को बंद कर दिया जाएगा। इस वजह से हल्के वाहन दिल्ली से मेरठ अप लाइन वाले रोड पर वन-वे संचालित होंगे। वहीं, हल्के वाहनों को एनएच-58 पर 28 जुलाई से आने-जाने से रोक दिया जाएगा। 27 जुलाई रात तक हल्के वाहन मेरठ की ओर जाने वाली अप लाइन से आ जा सकते है।
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24 जुलाई से भारी वाहनों का रूट
- दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को यूपी गेट वाया विजयनगर बाईपास, एनएच-24 से हापुड़ की ओर निकाला जाएगा।
- बागपत में पुरा महादेव मंदिर पर कावड़ियों की अधिक संख्या को देखते हुए दिल्ली और लोनी की ओर से सहारनपुर जाने वाले वाहनों को दिल्ली के वजीराबाद पुल से होते हुए आउटर रिंग से एनएच-01 की ओर से होते हुए सोनीपत व करनाल की ओर से सहारनपुर की ओर निकाला जाएगा।
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- दिल्ली से यूपी बार्डर, महाराजपुर बार्डर, ज्ञानी बार्डर से गाजियाबाद की ओर आने वाले वाहन गाजीपुर की ओर एनएच-24 से होते गाजियाबाद में आ सकेंगे।
- दिल्ली और मथुरा की ओर से बुलंदशहर की तरफ जाने वाले वाहन गाजियाबाद की ओर न आकर ओखला बैराज, डीएनडी पुल, कासना के रास्ते से होते हुए वाया सिकंदराबाद होते हुए बुलंदशहर जाएंगे।
- गाजियाबाद से मोदीनगर आने जाने वाले वाले वाहनों को हापुड़ चुंगी, आत्माराम स्टील, पिलखुवा से अव्वलपुर, फरीदपुर होते हुए मोदीनगर जाएंगे। मुरादनगर की ओर जाने वाले वाहनों को पिलखुवा से कनौजा फैक्ट्री होते हुए मुरादनगर की ओर जाएंगे और आएंगे।
- पुराने बस अड्डे से आनी वाली बसों और भारी वाहनों को डासना तिराहे से शहर की तरफ आने से रोका जाएगा। इन्हें एनएच-24 से होते हुए यूपी गेट की ओर वापस भेजकर निकाला जाएगा।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूरे सावन मिलेगा गंगाजल
दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूरे सावन गंगाजल मिलेगा। शिवरात्रि के अलावा पूरे महीने श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल से कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम ने टैंकरों को तैनात किया है।
महापौर अशु वर्मा, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा और स्थानीय पार्षद जाकिर सैफी ने बृहस्पतिवार को दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। महापौर ने बताया कि पूर्व के वर्षों में सिर्फ शिवरात्रि पर गंगाजल उपलब्ध कराया जाता था, इस बार पूरे महीने श्रद्धालुओं को मंदिर में ही गंगाजल मिलेगा।
महापौर ने दूधेश्वरनाथ मंदिर के अलावा साईं उपवन और मेरठ रोड पर दुहाई तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने इस मार्ग पर विशेष सफाई कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सफाई निरीक्षक जयद्रथ सिंह, वीपी शर्मा, जलकल अभियंता आरके यादव मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों को जारी होंगे पास
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रशासनिक और कांवड़ शिविर संचालकों के वाहनों को अलग से पास जारी किए जाएंगे। बिना पास कोई भी वाहन कांवड़ मार्ग से नहीं गुजर सकेगा। बृहस्पतिवार को सीओ इंदिरापुरम और एसएचओ ने हिंडन नहर के कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने एचएचओ और अन्य अधिकारियों के साथ नहर रोड कांवड़ मार्ग पर पहुंचे। उन्होंने कनावनी पुलिया और वैशाली पुलिया पर पुलिसकर्मियों की तैनाती संबंधी निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि नहर रोड पर 24 जुलाई से चार पहिया वाहनों को बंद कर दिया जाएगा, जबकि 28 से दुपहिया वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाएगी। कांवड़ मार्ग पर सिर्फ पास लगे वाहन ही एंट्री कर सकेंगे। कांवड़ शिविर संचालकों और प्रशासन, निगम कर्मियों के वाहनों पर पास लगाए जाएंगे, जिससे व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पांच अस्पताल रहेंगे तैयार
इंदिरापुरम पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी घटना के लिए पांच अस्पतालों से मदद मांगी है। वसुंधरा स्थित अटलांटा अस्पताल, वसुंधरा अस्पताल, वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल, कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल और इंदिरापुरम स्थित शांति गोपाल अस्पताल तैयार रहेंगे। 10 बेड कांवड़ियों के लिए बुक रहेंगे।
कांवड़ मार्ग पर रहेंगे मोबाइल हॉस्पिटल, 24 घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सेवा
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच-58 पर मोबाइल चिकित्सालय संचालित होंगे और कांवड़ियों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। कांवड़ सेवा शिविरों पर भी मोबाइल अस्पतालों की समस्त जानकारी और फोन नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। कांवड़ मार्ग और एनएच-58 पर अस्थाई अस्पताल भी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट हास्पिटल को भी निर्देश दिए जा चुके हैं जहां से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एंबुलेंस और चिकित्सीय वैन में फर्स्ट एड से जुड़ी आपात किट और सभी दवाइयां होंगी।
इमरजेंसी के लिए डाक्टर-नर्स भी इनमें तैनात किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। सीएमओ अजेय अग्रवाल ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर एंबुलेंस सुविधा के लिए प्राइवेट अस्पतालों को भी शामिल किया गया है।
हाईवे पर स्थित अस्पतालों को भी कांवड़ियों की चिकित्सा के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एक एंबुलेंस एमएमजी अस्पताल में और एक जस्सीपुरा मोड़ पर उपलब्ध रहेगी।
एमएमजी में बना वार्ड, टीम गठित
कांवड़ के दौरान एमएमजी अस्पताल में 20 बेड का वार्ड सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 50 मरीजों के इलाज के लिए 24 घंटे व्यवस्था रहेगी। 29 जुलाई से दो अगस्त तक 26 चिकित्सकों और अन्य स्टाफ का दल शिविरों में उपचार करेगा।
अस्पताल प्रबंधन दूधेश्वरनाथ मंदिर व एसडी कालेज के कांवड़ शिविर में स्वास्थ्य शिविर लगाएगा। शिविर में फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह राणा, डॉ. एके सिंह, डॉ. राजेंद कुमार, नेत्र सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. एके विश्वकर्मा, आयुष चिकित्सक डॉ. शारिक , डॉ. संजीव पवार, डॉ. ललित, डॉ. विपिन सिंह अन्य स्टाफ के साथ शिविर में अलग-अलग समय पर ड्यूटी करेंगे।