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मुरादनगर हादसाः पुजारी ने एसआईटी को बताया- लिंटर खुलते ही पड़ गई थी दरार, जेई बोला तुम अपना काम करो

Sat, 09 Jan 2021 04:24 PM IST
पूजा त्रिपाठी राहुल सक्सेना, अमर उजाला, गाजियाबाद
राहुल सक्सेना, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 09 Jan 2021 04:24 PM IST
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muradnagar crematorium accident priest told sit there were cracks after opening roof
मुरादनगर श्मशान घाट पर रहनेे वाले पुजारी - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट हादसे की जांच करने पहुंची एसआईटी के सामने वहां के पुजारी नरेश कुमार ने निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। उन्होंने टीम को बताया कि जब लिंटर खुला था तो बीच में दरार पड़ी हुई थी। इसकी शिकायत जेई से की गई तो उसने धमकाना शुरू कर दिया था।

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जेई ने कहा था कि तुम्हारा जो काम है, वही करो, ज्यादा हस्तक्षेप मत करो। पुजारी ने बताया कि निर्माण कार्य बहुत ही घटिया तरीके से किया गया था। लेकिन जेई की धमकी के कारण वह चुप रहे। एसआईटी ने पुजारी के बयान को दर्ज कर लिया है। एसआईटी शुक्रवार दोपहर मुरादनगर बंबा श्मशान घाट हादसे की जांच के लिए पहुंची। टीम के प्रभारी देव रंजन वर्मा और अन्य सदस्यों ने श्मशान के पुजारी नरेश कुमार से 30 मिनट तक अकेले में बात की।
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पुजारी ने एसआईटी को बताया कि जब लिंटर खुला था तो बीचों-बीच दरार पड़ी हुई थी। इसकी शिकायत वहां काम कर रहे मिस्त्री और जेई से की गई थी। जेई को कहा गया था कि इसको सही करा दो नहीं तो दिक्कत हो सकती है। इतना कहने पर जेई भड़क उठा और उसने धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद जेई ने दरार वाले स्थान पर सीमेंट लगाकर ढक दिया था।
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बराबर में ईंट की दीवार खड़ी कर दी थी, जिससे वह वजन को झेल सके। कमजोर काम के कारण वहां लकड़ी की बल्ली को भी खड़ा कर दिया गया था। पुजारी ने टीम को बताया कि बीच की लकड़ी की बल्ली को हटा दिया गया था, लेकिन बराबर में लगी बल्लियों को नहीं हटाया गया।

बताया कि हादसे वाले दिन भी निर्माण कार्य चल रहा था। पुजारी ने कहा कि श्मशान में पूजा पाठ और अंतिम संस्कार कराने के उन्हें 100 रुपये मिलते हैं। इससे उनके परिवार का खर्च चलता है। उन्होंने कहा कि यदि जेई उनकी बात सुन लेते तो इतने लोगों की जानें नहीं जातीं। इतने घर बर्बाद नहीं होते। 

हादसे के समय सफेदी कर रहा था मजदूर

पुजारी ने टीम को बताया कि जिस समय श्मशान घाट में हादसा हुआ, उस समय गलियारे में काम चल रहा था। एक मजदूर सफेद पुट्टी कर रहा था। उसका उसी दौरान रोलर खराब हो गया। वह उनके बेटे से चाबी मांगकर कमरे में चला गया। जैसे ही वह कमरे से बाहर निकला तो अचानक से लिंटर गिर गया। इस कारण से मजदूर भी बच गया। 

मॉनिंग वॉक पर आने वाले लोग ठेकेदार मिस्त्री से करते थे शिकायत
पुजारी ने बताया कि मॉनिंग वॉक पर आने वाले लोग मिस्त्री और ठेकेदार से शिकायत करते थे कि निर्माण में बहुत ही घटिया सामग्री लगाई जा रही है। उन्हें बजट का हवाला दिया जाता था। लोगों की शिकायत पर भी कोई सुधार नहीं किया गया।

फाइबर का शेड बनाने की थी मांग
स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि वहां पर फाइबर का शेड डालने की मांग की गई थी। किसी ने गलियारा बनाने की मांग नहीं की थी। कमीशन के खेल के चक्कर में भ्रष्टाचारी अधिकारियों ने इसका निर्माण कराया। जबकि श्मशान घाट में इतने निर्माण कार्य की आवश्यकता नहीं थी।
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