{"_id":"646a683d615c6d0fa00ba0f4","slug":"leopard-caught-in-eight-hours-by-playing-hooter-and-torch-ghaziabad-news-c-30-1-113038-2023-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: हूटर बजा और मशाल दिखाकर आठ घंटे में पकड़ा तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: हूटर बजा और मशाल दिखाकर आठ घंटे में पकड़ा तेंदुआ
विज्ञापन
मोदीनगर। निर्माणाधीन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भोजपुर के गांव चुड़ियाला में रविवार सुबह 10 बजे ग्रामीणों ने वन विभाग को 90 मीटर पाइप लाइन में तेंदुए के बैठे होने की सूचना दी। वन विभाग की टीम के छह कर्मियों ने करीब आठ घंटे के के बाद हूटर बजाकर और मशाल दिखाकर तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया। सुबह 10 बजे शुरू हुआ अभियान शाम छह बजे तक समाप्त हुआ। शात सात बजे वन विभाग की टीम तेंदुए को लेकर सहारनपुर के लिए रवाना हो गई।
चुड़ियाला गांव के ग्रामीणों ने रविवार सुबह रेंजर अशोक गुप्ता को जंगल में तेंदुआ होने की सूचना दी। रविवार सुबह जानकारी के बाद रेंजर अशोक गुप्ता, वन दरोगा मुकेश कुमार, संजीव कुमार दो वन रक्षकों के साथ चुड़ियाला पहुंचे। डीएफओ मनीष सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सबसे पहले जेसीबी की मदद से पुलिया के दोनों छोर मिट्टी डालकर बंद कर दिए और पिंजरा मंगाया गया। पुलिया के बीच-बीच बने छेद से तेंदुए को रोशनी और हवा मिलती रही। करीब तीन बजे वनकर्मी पिंजरा लेकर पहुंचे। इसके बाद एक छोर की मिट्टी हटाकर वहां पिंजरा लगाया गया। इस दौरान तेंदुआ कई बार पिजंरे तक पहुंचा और पीछे हटा। करीब आठ घंटे बाद तेंदुआ पिंजरे में आ गया।
मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
तेंदुए की सूचना के बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीण भी लाठी डंडों के साथ मौके पर डटे रहे। प्रधान अमित बैंसला ने बताया कि तीन दिन पूर्व भी ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा था। तब वन विभाग ने सूचना को सही नहीं माना था। उनका कहना है यह तेंदुआ वही हो सकता है,जिसे ग्रामीणों ने तीन पूर्व देखा था। गनीमत रही कि तेंदुए ने किसी पर वार नहीं किया, वरना बड़ी घटना हो सकती थी।
विज्ञापन
वन विभाग की टीम नें तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया है। उसे पिंजरे में बद कर सहारनपुर के जंगल में छोड़ने के लिए भेज दिया गया है। - मनीष सिंह, डीएफओ गाजियाबाद
विज्ञापन
चुड़ियाला गांव के ग्रामीणों ने रविवार सुबह रेंजर अशोक गुप्ता को जंगल में तेंदुआ होने की सूचना दी। रविवार सुबह जानकारी के बाद रेंजर अशोक गुप्ता, वन दरोगा मुकेश कुमार, संजीव कुमार दो वन रक्षकों के साथ चुड़ियाला पहुंचे। डीएफओ मनीष सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सबसे पहले जेसीबी की मदद से पुलिया के दोनों छोर मिट्टी डालकर बंद कर दिए और पिंजरा मंगाया गया। पुलिया के बीच-बीच बने छेद से तेंदुए को रोशनी और हवा मिलती रही। करीब तीन बजे वनकर्मी पिंजरा लेकर पहुंचे। इसके बाद एक छोर की मिट्टी हटाकर वहां पिंजरा लगाया गया। इस दौरान तेंदुआ कई बार पिजंरे तक पहुंचा और पीछे हटा। करीब आठ घंटे बाद तेंदुआ पिंजरे में आ गया।
विज्ञापन
मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
तेंदुए की सूचना के बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीण भी लाठी डंडों के साथ मौके पर डटे रहे। प्रधान अमित बैंसला ने बताया कि तीन दिन पूर्व भी ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा था। तब वन विभाग ने सूचना को सही नहीं माना था। उनका कहना है यह तेंदुआ वही हो सकता है,जिसे ग्रामीणों ने तीन पूर्व देखा था। गनीमत रही कि तेंदुए ने किसी पर वार नहीं किया, वरना बड़ी घटना हो सकती थी।
विज्ञापन
वन विभाग की टीम नें तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया है। उसे पिंजरे में बद कर सहारनपुर के जंगल में छोड़ने के लिए भेज दिया गया है। - मनीष सिंह, डीएफओ गाजियाबाद