Lenskart Controversy: तिलक-कलावा पर प्रतिबंध के बाद शुरू हुआ विवाद, पूर्व महापौर पहुंचे शोरूम, दी ये चेतावनी
सोमवार को पूर्व महापौर आशु वर्मा ने लेंसकार्ट शोरूम पर ड्रेस कोड का विरोध किया। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध को सनातनियों के खिलाफ बताया। प्रबंधन को "ऑपरेशन सिंदूर" चलाने की धमकी भी दी।
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लेंसकार्ट कंपनी में ड्रेस कोड नीति लागू करने को लेकर शुरू हुआ विरोध अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर को पूर्व महापौर आशु वर्मा आरडीसी स्थित लेंसकार्ट के शोरूम पर पहुंचे। उन्होंने यहां मौजूद प्रबंधक और कर्मचारियों को इकट्ठा कर दो टूक कहा कि लेंसकार्ट प्रबंधन के हिंदू कर्मचारियों पर तिलक लगाकर, कलावा बांधकर या अन्य कोई धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रतिष्ठान और कार्यालय पर प्रतिबंध लगाकर सनातनियों को छेड़ने का काम किया है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने प्रबंधक से कहा कि वह अपने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दें कि कश्मीर में आतंकियों ने कलावा देखकर लोगों को मारा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, लेकिन इसी तरह का रवैया रहा तो स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन सिंदूर चलाने में वह खुद सक्षम हैं। उन्होंने प्रबंधक से साफ तौर पर यह भी कहा कि अपने शोरूम, प्रतिष्ठान पर इस तरह का व्यवहार किसी हिंदू, सिख, जैन आदि के साथ हुआ तो यह लेंसकार्ट के लिए ठीक नहीं है।
शोरूम के कर्मचारियों ने इसको लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर आपत्ति से उनको अवगत कराने की बात कही। इस मौके पर पार्षद प्रदीप चौधरी, नीरज त्यागी, विनीत शर्मा आदि लोग मौजूद रहे। लेंसकार्ट के प्रबंधक और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए उनके इस बयान का वीडियो भी वायरल हो रहा है। महापौर ने बताया कि देश में इस तरह का आदेश बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शोरूम के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है।