Ghaziabad: वकीलों ने कोर्ट से कुर्सियां उठाकर फेंकी.... खिड़कियों के शीशे तोड़े, बहस से बवाल तक की कहानी
कोर्ट परिसर में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ वकीलों में गुस्सा है। लाठीचार्ज में घायल हुए पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जनपद न्यायाधीश को हटाए जाने की मांग की है।
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विस्तार
कोर्ट के नाजिर संजीव गुप्ता की ओर से दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि वकीलों ने कोर्ट की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। सुरक्षा जांच के लिए लगाई गई डीएफएमडी मशीन को तोड़ दिया। पुलिस चौकी में लगी सीसीटीवी की सर्वर मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद चौकी में आग लगा दी। कचहरी चौकी के प्रभारी संजय सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया है कि वकीलों ने पथराव किया। पथराव में कई कोर्ट के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं। आगजनी से चौकी का सारा समान जलकर राख हो गया। केंद्रीय अर्धसैनिक बल और पीएसी को बुलाना पड़ा।
बहस से बवाल तक
सुबह 11:20 बजे: जिला जज अनिल कुमार की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई
सुबह 11:30 बजे: जिला जज ने केस को स्थानांतरित करने से मना किया तो वकील विरोध करने लगे।
सुबह 11:35 बजे से 11:40 तक: जज और वकीलों में बहस होती रही।
सुबह 11:40 बजे: कचहरी परिसर में तैनात पुलिस कोर्ट रूम में पहुंची। डीसीपी व एसीपी भी पहुंचे और वकीलों को समझाने का प्रयास किया ।
सुबह 11:50 बजे: वकीलों ने कोर्ट रूम से जिला जज के चैंबर में जबरन घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर वकीलों को खदेड़ा।
दोपहर 12:05 बजे: कुछ वकील दूसरी ओर कचहरी चौकी पहुंच गए और आगजनी व तोड़फोड़ की।
दोपहर 12:20 बजे: पांच थानों की पुलिस, पीएसी, सीएपीएफ मौके पर पहुंची। वकीलों को खदेड़ा।
दोपहर 12:50 बजे: कचहरी की सड़कों पर नजर आ रहे सभी वकीलों को पुलिस ने बाहर कर दिया।
अधिवक्ताओं में उबाल, जिला जज के तबादले की मांग पर अड़े
कोर्ट परिसर में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ वकीलों में गुस्सा है। लाठीचार्ज में घायल हुए पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जनपद न्यायाधीश को हटाए जाने की मांग की है। इसके साथ ही घटना का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। जब तक उनकी मांगे मानी नहीं जाएंगी तब तक धरने पर रहेंगे। वकीलों ने चार नवंबर से अनिश्चितकालीन धररा देने का फैसला किया है।
पूर्व बार अध्यक्ष ने कही ये बात
मंगलवार दोपहर हुए बवाल के बाद हाईकोर्ट को भेजे पत्र में नाहर सिंह ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे जनपद न्यायाधीश की अदालत में बुलरेज की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए केस के गवाह अधिवक्ता जितेंद्र सिंह के साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक यादव सहित कई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई की मांग करने लगे। अदालत में पहले से ही भीड़ थी। अधिवक्ताओं ने केस की सुनवाई करने या अन्य किसी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की। आरोप है कि इस पर जनपद न्यायाधीश भड़क गए और कुर्सी से खड़े होकर गाली-गलौच करने लगे। गाउन फेंककर फोन कर फोर्स बुला ली और लाठीचार्ज करवा दिया।
यह है मामला
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला कोर्ट में आज भारी बवाल मच गया। कोर्ट में पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के दौरान कई वकील घायल हो गए। पूरा मामला जिला जज और पूर्व बार अध्यक्ष की कहासुनी से शुरू हुआ। कोर्ट में मंगलवार सुबह एक जमानत अर्जी ट्रांसफर करने की मांग पर जिला जज अनिल कुमार और पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव के बीच बहस हो गई। इसके बाद जिला जज डायस से नीचे आ गए। कहासुनी के बाद जिला जज से बदसलूकी की। भारी हंगामे के बीच कोर्ट रूम में पुलिस को बुलाना पड़ा।
चार नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना
अधिवक्ता नाहर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने वकीलों को दौड़ाकर पीटा। वकीलों पर कुर्सी फेंकी गई, जिसमें कई वकील घायल हुए हैं। नाराज वकीलों ने बार सभागार में बैठक की। बैठक में नाहर सिंह यादव ने चार नवंबर से कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है। लाठीचार्ज में घायल अधिवक्ता अभिषेक यादव का कहना है कि धोखाधड़ी के मुकदमे में जिला जज अनिल कुमार के यहां सुनवाई थी। उन्होंने बताया कि डासना में एलएमसी की जमीन घेरकर सौदा करने का मामला है। शिकायतकर्ता से आरोपियों ने एलएमसी की जमीन का सौदा कर 80 लाख रुपये ले लिए। इस मामले में आरोपियों की अग्रिम जमानत पर जिला जज के यहां सुनवाई थी। उसी दौरान बहस हो गयी।