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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का दिसंबर 2022 तक करना होगा इंतजार
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का यूपीसीए द्वारा तैयार कराया गया लेआउट
- फोटो : AMAR UJALA
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प्रद्युम्न उपाध्याय
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गाजियाबाद। देश के सर्वाधिक दर्शक क्षमता के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए अब दर्शकों को दिसंबर 2022 तक इंतजार करना होगा। शासन में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) और एचटी लाइन शिफ्टिंग में खर्च होने वाले बजट का मामला सुलझ नहीं सका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की समयसीमा दिसंबर 2021 से बढ़कर दिसंबर 2022 हो गई है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के अधिकारी जल्द बाकी औपचारिकताओं को पूरा करने और सितंबर से निर्माण कार्य को शुरू करने की बात कह रहे हैं। यूपीसीए ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की योजना पर 2015 में काम शुरू किया था। निर्माण के लिए जुलाई 2019 में लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का भूमि पूजन (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी ) हुआ था। लेकिन अतिरिक्त एफएआर, एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य मामलों पर में शासन स्तर पर निर्णय नहीं होने के कारण यूपीसीए ने स्टेडियम के निर्माण का संशोधित नक्शा तक जीडीए में जमा नहीं कर सका है। ऐसे में यूपीसीए ने नई समयसीमा तय कर उसके अनुसार काम शुरू कर दिया है। अभी अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) का मामला सुलझा नहीं है। अतिरिक्त एफएआर की मांग संबंधी मामला शासन में विचाराधीन है। प्राधिकरण के नियमानुसार, निर्माण के लिए 0.50 एफएआर की अनुमति दे सकता है, जबकि यूपीसीए स्टेडियम के लिए 1.50 एफएआर की मांग कर रहा है। इसी को संशोधित नक्शा जमा होने में देरी का कारण माना जा रहा है।
एचटी लाइन शिफ्टिंग में शासन खर्च उठाने को नहीं
तैयार स्टेडियम के निर्माण में हाईटेंशन लाइन (एचटी) की शिफ्टिंग संबंधी रुकावट बनी है। स्टेडियम साइट से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों (एचटी लाइन) को शिफ्ट का प्रस्ताव शासन के पाले में है। एचटी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए यूपी पावर कारपोरेशन से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) से 14 करोड़ से अधिक की मांग की है। यूपीसीए ने शासन में एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम पावर कारपोरेशन से ही कराने की मांग की है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन एचटी लाइन की शिफ्टिंग का खर्च खुद उठाने को तैयार नहीं है।
22 एकड़ में स्टेडियम व बाकी में पांच सितारा होटल सहित अन्य सुविधाएं यूपीसीए की ओर से पूर्व में जीडीए में जमा किए नक्शे में कुल 33.54 एकड़ जमीन में से 22 एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण की बात शामिल थी। बाकी 12 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, हॉस्टल सहित अन्य गतिविधियों का संचालन होगा। 12 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि व अन्य का है। ऐसे व्यावसायिक में परिवर्तित करने का मामला शासन में जा चुका है। बढ़े एफएआर के साथ भू-उपयोग परिवर्तन का मामला एक साथ निपटने की संभावना है। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ खर्च होने है। पहले चरण में दर्शक क्षमता 45 हजार होगी। जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 75 हजार करने की योजना है।
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एफएआर, एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। संशोधित नक्शा को जमा करवाने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। स्टेडियम का निर्माण दिसंबर 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। -- राकेश मिश्रा, स्टेडियम कंवीनर व जीसीए अध्यक्ष
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