फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   How will Madhuban Bapudham scheme develop without land

बगैर जमीन के कैसे विकसित होगी मधुबन बापूधाम योजना

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 05:19 PM IST
विज्ञापन
How will Madhuban Bapudham scheme develop without land
मधुबन बापूधाम योजना - फोटो : AMAR UJALA
सबहेड- बढ़े मुआवजे की मांग पर अड़े किसान, कई बार हो चुका है टकराव, जीडीए को नहीं मिल पा रहा जमीन पर कब्जा - जीडीए को अब तक 281 एकड़ में से 35 एकड़ पर मिला है कब्जा माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के विकास में जमीन पर कब्जा न मिलना बड़ी रुकावट बना हुआ है। मुआवजा बांटने के बाद कब्जा लेने में जुटे जीडीए को किसानों का विरोध झेलना पड़ रहा है। जमीन पर कब्जा लेने गई जीडीए टीम का किसानों से कई बार टकराव हो चुका है। किसानों की मांग बढ़ा हुआ मुआवजा देने की है। जमीन के मुआवजे को लेकर लंबे अरसे से जारी जीडीए और किसानों के बीच विवाद से नुकसान योजना को हो रहा है। बता दें कि जीडीए ने करीब 16 साल पहले 1234 एकड़ में मधुबन बापूधाम आवासीय योजना बसाने की योजना तैयार की। इस योजना के अनुसार प्राधिकरण की टीम ने तुरंत मुआवजा देना शुरू कर दिया, लेकिन करीब 76 किसान मुआवजे की कीमत को लेकर कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमें के दौरान कोर्ट ने फैसला जीडीए के पक्ष में दिया, लेकिन इन किसानों को नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा देने का आदेश दिया। फिर जीडीए ने इन किसानों को नए अधिग्रहण कानून की दर से मुआवजा देने शुरू किया। अब पहले मुआवजा ले चुके किसान भी नए अधिग्रहण कानून की दर से मुआवजे की मांग करने लगे हैं। जमीन पर कब्जा लेने पहुंच रही जीडीए टीम को हर बार किसानों के विरोध का सामना करना पड़ता है। मामले को हल करने के लिए कई बार जीडीए अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही। इसका प्रभाव योजना के विकास पर पड़ रहा है। ----------------- योजना और उसके घटनाक्रम पर डाले नजर जीडीए ने 2004 में 1234 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना बसाने की योजना बनाई। जीडीए ने तुरंत मुआवजा देकर 800 एकड़ जमीन ले ली। मगर बाकी बची जमीन के किसान व सहारा समूह प्रबंधक के हाईकोर्ट जाने के चलते 434 एकड़ जमीन पर विवाद हो गया। हाईकोर्ट ने जीडीए के समर्थन में फैसला दिया। फिर जीडीए को 434 में से 153 एकड़ जमीन मिल गई, लेकिन 281 एकड़ जमीन के मालिक फैसले के खिलाफ साल 2010 में सुप्रीम कोर्ट चले गए। 281 एकड़ जमीन में 91 एकड़ सहारा समूह व बाकी जमीन किसानों की है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। हालांकि कोर्ट ने नए अधग्रिहण कानून के तहत 281 एकड़ जमीन अधग्रिहण करने का आदेश दिया है। इसके बाद प्राधिकरण इन किसानों को नई दरों से मुआवजा दे रहा है। -------------------- कोट... विवाद करने वाले किसान विवाद कर रहे किसानों को जीडीए से मुआवजा उठा चुके हैं। इस कारण नई दर से मुआवजा के दायरे में यह किसान नहीं आते। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत क्षेत्र किसानों को नई दर से मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए --------------
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed