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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर चार जगहों पर बनेंगे टोल प्लाजा
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चार जगह वसूला जाएगा टोल
साहिबाबाद। एनएचएआई ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तर्ज पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी टोल टैक्स लेने की योजना बनाई है। दिल्ली से मेरठ के बीच चार जगह टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। वाहन चालकों को इस दूरी में किसी एक ही जगह पर टोल देना होगा। दिल्ली से मेरठ के बीच में जहां पर वाहन चालक निकास करेंगे वहीं टोल फीस देनी होगी। चार पहिये वाले वाहनों के लिए टोल की फीस न्यूनतम 35 रुपए से अधिकतम 75 रुपए तक होगी।
एनएचएआई ने 2017 में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू किया है। इस पर 6 लेन सिर्फ मेरठ जाने के लिए होंगी। केवल चार जगहों पर ही प्रवेश और निकास द्वार होगा। इन चारों जगह टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। लेन में प्रवेश के दौरान वाहन चालक पर्ची लेंगे और जिस जगह उतरेंगे वहां टोल चुकाने की पर्ची देकर बाहर निकल सकेंगे। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि विभाग ने पेरिफेरल एक्सप्रेस वे की तर्ज पर टोल लेने का निर्णय लिया है। गाजियाबाद में लाल कुआं के पास, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से दो किलोमीटर आगे, भोजपुर और मेरठ में परतापुर के पास टोल प्लाजा बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से मेरठ के बीच वाहन चालक को सिर्फ निकासी स्थल पर ही टोल देना होगा। टोल की दरें एनएचएआई के मानकों के आधार पर तय की जाएंगी।
दिल्ली से लालकुआं के बीच एक ही जगह लगेगा टोल
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि दिल्ली से डासना तक 14 लेन की सडक होगी। दिल्ली से यूपी गेट के बीच 14 लेन पर यात्री सफर कर सकेंगे। यूपी गेट से डासना के बीच 14 लेन में से 6 लेन सिर्फ मेरठ के लिए होगी। टीएचए से मेरठ जाने के लिए 6 लेन पर इंट्री इंदिरापुरम में काला पत्थर के पास मिलेगी। इसके बाद अगला इंट्री और एग्जिट प्वाइंट लालकुआं के पास होगा। जो वाहन चालक दिल्ली से लालकुआं तक की सफर करेंगे, उन्हें लालकुआं में एग्जिट प्वाइंट पर टोल फीस देनी होगी। इसी तरह जो लालकुआं से मेरठ के लिए चलेंगे, वह जहां भी एग्जिट करेंगे वहां टोल फीस देनी होगी। चूंकि इंट्री प्वाइंट पर ही पर्ची कटानी होगी इसलिए एग्जिट प्वाइंट पर यह पता चल जाएगा कि वाहन चालक ने कितनी दूरी तय की है। तय दूरी के अनुसार टोल फीस लगेगी।
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यूपी गेट से लालकुआं के बीच टोल देने से बच सकेंगे
यूपी गेट से डासना के बीच वाहन चालक चार चार लेन की हाइवे पर भी सफर कर सकते हैं। इस दूरी में चार चार लेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों को कोई टोल नहीं चुकाना पडेगा। दिल्ली से लालकुआं तक जाने वाले वाहन चालक चार लेन का उपयोग कर टोल देने से बच जाएंगे। इस दूरी में 18 अंडरपास होंगे और किसी भी अंडरपास से वाहन चालक एग्जिट कर सकते हैं।
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साहिबाबाद। एनएचएआई ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तर्ज पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी टोल टैक्स लेने की योजना बनाई है। दिल्ली से मेरठ के बीच चार जगह टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। वाहन चालकों को इस दूरी में किसी एक ही जगह पर टोल देना होगा। दिल्ली से मेरठ के बीच में जहां पर वाहन चालक निकास करेंगे वहीं टोल फीस देनी होगी। चार पहिये वाले वाहनों के लिए टोल की फीस न्यूनतम 35 रुपए से अधिकतम 75 रुपए तक होगी।
एनएचएआई ने 2017 में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू किया है। इस पर 6 लेन सिर्फ मेरठ जाने के लिए होंगी। केवल चार जगहों पर ही प्रवेश और निकास द्वार होगा। इन चारों जगह टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। लेन में प्रवेश के दौरान वाहन चालक पर्ची लेंगे और जिस जगह उतरेंगे वहां टोल चुकाने की पर्ची देकर बाहर निकल सकेंगे। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि विभाग ने पेरिफेरल एक्सप्रेस वे की तर्ज पर टोल लेने का निर्णय लिया है। गाजियाबाद में लाल कुआं के पास, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से दो किलोमीटर आगे, भोजपुर और मेरठ में परतापुर के पास टोल प्लाजा बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से मेरठ के बीच वाहन चालक को सिर्फ निकासी स्थल पर ही टोल देना होगा। टोल की दरें एनएचएआई के मानकों के आधार पर तय की जाएंगी।
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दिल्ली से लालकुआं के बीच एक ही जगह लगेगा टोल
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि दिल्ली से डासना तक 14 लेन की सडक होगी। दिल्ली से यूपी गेट के बीच 14 लेन पर यात्री सफर कर सकेंगे। यूपी गेट से डासना के बीच 14 लेन में से 6 लेन सिर्फ मेरठ के लिए होगी। टीएचए से मेरठ जाने के लिए 6 लेन पर इंट्री इंदिरापुरम में काला पत्थर के पास मिलेगी। इसके बाद अगला इंट्री और एग्जिट प्वाइंट लालकुआं के पास होगा। जो वाहन चालक दिल्ली से लालकुआं तक की सफर करेंगे, उन्हें लालकुआं में एग्जिट प्वाइंट पर टोल फीस देनी होगी। इसी तरह जो लालकुआं से मेरठ के लिए चलेंगे, वह जहां भी एग्जिट करेंगे वहां टोल फीस देनी होगी। चूंकि इंट्री प्वाइंट पर ही पर्ची कटानी होगी इसलिए एग्जिट प्वाइंट पर यह पता चल जाएगा कि वाहन चालक ने कितनी दूरी तय की है। तय दूरी के अनुसार टोल फीस लगेगी।
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यूपी गेट से लालकुआं के बीच टोल देने से बच सकेंगे
यूपी गेट से डासना के बीच वाहन चालक चार चार लेन की हाइवे पर भी सफर कर सकते हैं। इस दूरी में चार चार लेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों को कोई टोल नहीं चुकाना पडेगा। दिल्ली से लालकुआं तक जाने वाले वाहन चालक चार लेन का उपयोग कर टोल देने से बच जाएंगे। इस दूरी में 18 अंडरपास होंगे और किसी भी अंडरपास से वाहन चालक एग्जिट कर सकते हैं।