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निडोरी के युवक ने की रेकी, जमानत तुड़वाकर जेल चला गया सरगना
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निडोरी के युवक ने की रेकी, लूट करके जेल चला गया मास्टरमाइंड
गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित मसूरी फ्लाईओवर पर 18 दिन पहले हापुड़ की फर्म के सुपरवाइजर से साढ़े 4 लाख रुपये की लूट का मास्टर माइंड पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। घटना के बाद वह संदिग्ध लोगों की सूची में था, लेकिन इसी बीच उसके जमानत तुड़वाकर जेल चले जाने पर पुलिस का शक गहरा गया। मास्टरमाइंड के घटना में शामिल होने केपुख्ता सुबूत मिलने के बाद पुलिस अन्य बदमाशों तक भी पहुंच गई। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बाइक व लूटे गए कैश का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है।
गौरतलब है कि थाना खानपुर, बुलंदशहर के गांव लडाना निवासी अमित कुमार पुत्र ओमप्रकाश शर्मा पिलखुवा के जिंदलनगर स्थित एनआर व्हीट प्रोडक्ट नाम की फर्म में सुपरवाइजर हैं। वह हापुड़ व आसपास के क्षेत्र में फर्म के कलेक्शन का काम देखते हैं। गत 13 जनवरी को अमित कैश कलेक्शन के लिए गाजियाबाद आए थे। घंटाघर कोतवाली व राजनगर क्षेत्र से कलेक्शन कर वह साथी मुनीष शर्मा के साथ स्कूटी से हापुड़ लौट रहे थे। रुपयों से भरा थैला स्कूटी में रखा था। मुनीष शर्मा स्कूटी चला रहा था, जबकि अमित पीछे बैठे थे। अमित के मुताबिक शाम करीब पांच बजे मसूरी फ्लाईओवर पर पीछे से सफेद रंग की अपाचे बाइक पर आए तीन बदमाशों ने ओवरटेक करके उन्हें रोक लिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही बदमाशों ने गन प्वाइंट पर स्कूटी की चाबी छीनकर स्कूटी में रखा थैला लूट लिया। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बाइक से हापुड़ की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी।
ब्लाइंड लूट होने के कारण पुलिस के सामने खुलासे की चुनौती थी। इसी बीच मसूरी थानाक्षेत्र के ही वसीम का नाम संदिग्ध के रूप में सामने आया। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा ही रही थी कि वह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। शक होने पर पुलिस ने पड़ताल की तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस की मानें तो साढ़े चार लाख रुपये लूट की वारदात का मास्टरमाइंड वसीम ही था। पुलिस ने सर्विलांस व अन्य तकनीकी संसाधनों से घटना में उसके शामिल होने की पुष्टि भी कर ली। इसके बाद वारदात में शामिल अन्य बदमाशों का भी पता चल गया।
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हापुड़ से गाजियाबाद तक रेकी, गिरोह बनाकर वारदात
सूत्रों का कहना है कि मसूरी थानाक्षेत्र के गांव निडोरी निवासी युवक ने ही रेकी की थी। हापुड़ से लेकर गाजियाबाद तक कई बार रेकी के बाद बदमाशों को भरोसा हो गया कि सुपरवाइजर से मोटी रकम लूटी जा सकती है। इसी के चलते उन्होंने गैंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात में बाइक सवार तीन बदमाशों के अलावा पीछे गाड़ी में आ रहे दो अन्य बदमाश भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस की आंखों में धूल झोंकने को जमानत तुड़वा रहे बदमाश
वारदात करने के बाद पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पुराने मामलों में जमानत तुड़वाकर जेल जाने का चलन बढ़ता जा रहा है। गत 1 जनवरी को कविनगर थानाक्षेत्र से लापता हुए कैब चालक मनोज गिरि की हत्या में शामिल आरोपी भी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। पुलिस का कहना है कि लूट के मामले में शामिल वसीम को भी जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित मसूरी फ्लाईओवर पर 18 दिन पहले हापुड़ की फर्म के सुपरवाइजर से साढ़े 4 लाख रुपये की लूट का मास्टर माइंड पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। घटना के बाद वह संदिग्ध लोगों की सूची में था, लेकिन इसी बीच उसके जमानत तुड़वाकर जेल चले जाने पर पुलिस का शक गहरा गया। मास्टरमाइंड के घटना में शामिल होने केपुख्ता सुबूत मिलने के बाद पुलिस अन्य बदमाशों तक भी पहुंच गई। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बाइक व लूटे गए कैश का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है।
गौरतलब है कि थाना खानपुर, बुलंदशहर के गांव लडाना निवासी अमित कुमार पुत्र ओमप्रकाश शर्मा पिलखुवा के जिंदलनगर स्थित एनआर व्हीट प्रोडक्ट नाम की फर्म में सुपरवाइजर हैं। वह हापुड़ व आसपास के क्षेत्र में फर्म के कलेक्शन का काम देखते हैं। गत 13 जनवरी को अमित कैश कलेक्शन के लिए गाजियाबाद आए थे। घंटाघर कोतवाली व राजनगर क्षेत्र से कलेक्शन कर वह साथी मुनीष शर्मा के साथ स्कूटी से हापुड़ लौट रहे थे। रुपयों से भरा थैला स्कूटी में रखा था। मुनीष शर्मा स्कूटी चला रहा था, जबकि अमित पीछे बैठे थे। अमित के मुताबिक शाम करीब पांच बजे मसूरी फ्लाईओवर पर पीछे से सफेद रंग की अपाचे बाइक पर आए तीन बदमाशों ने ओवरटेक करके उन्हें रोक लिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही बदमाशों ने गन प्वाइंट पर स्कूटी की चाबी छीनकर स्कूटी में रखा थैला लूट लिया। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बाइक से हापुड़ की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी।
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ब्लाइंड लूट होने के कारण पुलिस के सामने खुलासे की चुनौती थी। इसी बीच मसूरी थानाक्षेत्र के ही वसीम का नाम संदिग्ध के रूप में सामने आया। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा ही रही थी कि वह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। शक होने पर पुलिस ने पड़ताल की तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस की मानें तो साढ़े चार लाख रुपये लूट की वारदात का मास्टरमाइंड वसीम ही था। पुलिस ने सर्विलांस व अन्य तकनीकी संसाधनों से घटना में उसके शामिल होने की पुष्टि भी कर ली। इसके बाद वारदात में शामिल अन्य बदमाशों का भी पता चल गया।
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हापुड़ से गाजियाबाद तक रेकी, गिरोह बनाकर वारदात
सूत्रों का कहना है कि मसूरी थानाक्षेत्र के गांव निडोरी निवासी युवक ने ही रेकी की थी। हापुड़ से लेकर गाजियाबाद तक कई बार रेकी के बाद बदमाशों को भरोसा हो गया कि सुपरवाइजर से मोटी रकम लूटी जा सकती है। इसी के चलते उन्होंने गैंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात में बाइक सवार तीन बदमाशों के अलावा पीछे गाड़ी में आ रहे दो अन्य बदमाश भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस की आंखों में धूल झोंकने को जमानत तुड़वा रहे बदमाश
वारदात करने के बाद पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पुराने मामलों में जमानत तुड़वाकर जेल जाने का चलन बढ़ता जा रहा है। गत 1 जनवरी को कविनगर थानाक्षेत्र से लापता हुए कैब चालक मनोज गिरि की हत्या में शामिल आरोपी भी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। पुलिस का कहना है कि लूट के मामले में शामिल वसीम को भी जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।