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स्टेशन पर ही घायलों को दें फर्स्ट एड
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:32 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
रेलवे स्टेशन पर घायल यात्रियों को समय पर इलाज नहीं मिलता। उन्हें बिना फर्स्ट एड दिए अस्पताल भेज दिया जाता है। समय पर इलाज न मिलने की वजह से अधिकांश मामलों में उनकी मौत तक हो जाती है।
जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस ने अब रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्टेशन पर ही घायलों को फर्स्ट एड देकर रेफर किए जाने को कहा है।
पूर्व में ‘अमर उजाला’ ने भी कई बार इस मुद्दे को उठाया था।
किसी को हार्ट अटैक आ जाए या फिर ट्रेन की चपेट में आकर हाथ-पैर कट जाए, रेलवे के डॉक्टर ऐसे यात्रियों को फर्स्ट एड तक नहीं देते। इसी वजह से कई लोग स्टेशन पर जान गवां चुके हैं। अब सरकारी अस्पताल के सीएमएस ने इस मुद्दे को उठाया है।
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एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि घायलों को फर्स्ट एड दिए बिना ही स्टेशन से जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। ज्यादा खून बहने की वजह से घायलों के लिए जान का खतरा बन जाता है। कई बार मेडिकोलीगल में ज्यादा समय लगा दिया जाता है। फर्स्ट एड के बाद भी मेडिकोलीगल कराया जा सकता है।
रेलवे डॉक्टर बोलीं
रेलवे स्टेशन से जब भी कॉल की जाती है तो यहां से मेडिकल स्टाफ को घायल या बीमार यात्रियों को फर्स्ट एड देने भेजा जाता है। रेफर करने की स्थिति में रेलवे की एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती है। बिना फर्स्ट एड दिए घायलों को एमएमजी नहीं भेजा जाता है। - डॉ. राखी जैन, मेडिक ल ऑफिसर, रेलवे
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जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस ने अब रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्टेशन पर ही घायलों को फर्स्ट एड देकर रेफर किए जाने को कहा है।
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पूर्व में ‘अमर उजाला’ ने भी कई बार इस मुद्दे को उठाया था।
किसी को हार्ट अटैक आ जाए या फिर ट्रेन की चपेट में आकर हाथ-पैर कट जाए, रेलवे के डॉक्टर ऐसे यात्रियों को फर्स्ट एड तक नहीं देते। इसी वजह से कई लोग स्टेशन पर जान गवां चुके हैं। अब सरकारी अस्पताल के सीएमएस ने इस मुद्दे को उठाया है।
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एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि घायलों को फर्स्ट एड दिए बिना ही स्टेशन से जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। ज्यादा खून बहने की वजह से घायलों के लिए जान का खतरा बन जाता है। कई बार मेडिकोलीगल में ज्यादा समय लगा दिया जाता है। फर्स्ट एड के बाद भी मेडिकोलीगल कराया जा सकता है।
रेलवे डॉक्टर बोलीं
रेलवे स्टेशन से जब भी कॉल की जाती है तो यहां से मेडिकल स्टाफ को घायल या बीमार यात्रियों को फर्स्ट एड देने भेजा जाता है। रेफर करने की स्थिति में रेलवे की एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती है। बिना फर्स्ट एड दिए घायलों को एमएमजी नहीं भेजा जाता है। - डॉ. राखी जैन, मेडिक ल ऑफिसर, रेलवे