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दुकानदार के हत्यारे को आजीवन कारावास
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दुकानदार की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। उधारी के पैसे मांगने व शराब पीने से मना करने पर परचून कारोबारी की छुरा मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल शर्मा ने बताया कि थाना निवाडी में इरफान ने सात जुलाई 2014 की रात 11.15 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें बताया कि सारा गांव में रहने वाले उसके चाचा शकील परचून की दुकान करते थे। दुकान पर गांव में ही रहने वाला नौशाद शराब पीकर आता था और गाली गलौच करता था। सामान भी उधार लेता था। शकील ने उसे सामान देने से मना कर दिया और कहा कि उसकी दुकान पर कभी भी मत आना। इसके बाद से नौशाद नाराज हो गया। सात जुलाई 2014 को नौशाद हाथ में छुरा लेकर दुकान पर आया और शकील के पेट में छुरे से वार कर दिया। शकील को घायल अवस्था में मोदीनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम की कोर्ट ने सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर नौशाद को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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गाजियाबाद। उधारी के पैसे मांगने व शराब पीने से मना करने पर परचून कारोबारी की छुरा मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल शर्मा ने बताया कि थाना निवाडी में इरफान ने सात जुलाई 2014 की रात 11.15 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें बताया कि सारा गांव में रहने वाले उसके चाचा शकील परचून की दुकान करते थे। दुकान पर गांव में ही रहने वाला नौशाद शराब पीकर आता था और गाली गलौच करता था। सामान भी उधार लेता था। शकील ने उसे सामान देने से मना कर दिया और कहा कि उसकी दुकान पर कभी भी मत आना। इसके बाद से नौशाद नाराज हो गया। सात जुलाई 2014 को नौशाद हाथ में छुरा लेकर दुकान पर आया और शकील के पेट में छुरे से वार कर दिया। शकील को घायल अवस्था में मोदीनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम की कोर्ट ने सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर नौशाद को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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