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ओएलएक्स पर कार बिक्री का झांसा दे इंजीनियर से १.६५ लाख ठगे
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ओएलएक्स पर कार बिक्री का झांसा दे इंजीनियर से ठगे 1.65 लाख
गाजियाबाद। ओएलएक्स पर सेकेंड हैंड कार खरीदने की कोशिश करना सॉफ्टवेयर इंजीनियर को भारी पड़ गया। साइबर ठग ने खुद को सीआईएसएफ जवान बताकर अलग-अलग बहानों से 1.65 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी द्वारा और रुपये मांगने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई, इसके बाद कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मॉडल टाउन वेस्ट निवासी परितोष द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने 22 जून 2019 को ओएलएक्स पर स्विफ्ट डिजायर कार की बिक्री का विज्ञापन देखा था। उस पर लिखे नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ जवान नवीन सिंह तोमर बताया। आरोपी ने बात होने के बाद अपना आईकार्ड समेत अन्य दस्तावेज व कार की फोटो वॉट्सएप पर भेज दीं। आरोपी ने कार को अपने मामा की कार बताते हुए ट्रांसफर के कारण जल्द बेचने की बात कही। पीड़ित का कहना है कि एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट सर्विस के जरिये कार भेजने की बात कहते हुए आरोपी ने आउटपास के नाम पर 7100 रुपये मांगे। रुपये देने के बाद दूसरे युवक ने कोरियर कंपनी से बताकर डिलीवरी के नाम पर 26 हजार रुपये खाते में मंगवाए। इसी तरह अन्य बहानों से भी उन्होंने 1.65 लाख रुपये ऐंठ लिए। अंत में आरोपी कार की पूरी कीमत भेजने की बात कहने लगे तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
जवान का आइकार्ड प्रयोग कर रहे आरोपी
पीड़ित परितोष द्विवेदी का कहना है कि ठगी के बाद वह देहरादून में सीआईएसएफ के आईजी कार्यालय पहुंचे। पता चला कि जवान नवीन सिंह तोमर का आईकार्ड और अन्य दस्तावेज गुम हो गए थे। इस संबंध में जवान ने पिछली साल मेरठ में एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
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गाजियाबाद। ओएलएक्स पर सेकेंड हैंड कार खरीदने की कोशिश करना सॉफ्टवेयर इंजीनियर को भारी पड़ गया। साइबर ठग ने खुद को सीआईएसएफ जवान बताकर अलग-अलग बहानों से 1.65 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी द्वारा और रुपये मांगने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई, इसके बाद कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मॉडल टाउन वेस्ट निवासी परितोष द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने 22 जून 2019 को ओएलएक्स पर स्विफ्ट डिजायर कार की बिक्री का विज्ञापन देखा था। उस पर लिखे नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ जवान नवीन सिंह तोमर बताया। आरोपी ने बात होने के बाद अपना आईकार्ड समेत अन्य दस्तावेज व कार की फोटो वॉट्सएप पर भेज दीं। आरोपी ने कार को अपने मामा की कार बताते हुए ट्रांसफर के कारण जल्द बेचने की बात कही। पीड़ित का कहना है कि एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट सर्विस के जरिये कार भेजने की बात कहते हुए आरोपी ने आउटपास के नाम पर 7100 रुपये मांगे। रुपये देने के बाद दूसरे युवक ने कोरियर कंपनी से बताकर डिलीवरी के नाम पर 26 हजार रुपये खाते में मंगवाए। इसी तरह अन्य बहानों से भी उन्होंने 1.65 लाख रुपये ऐंठ लिए। अंत में आरोपी कार की पूरी कीमत भेजने की बात कहने लगे तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
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जवान का आइकार्ड प्रयोग कर रहे आरोपी
पीड़ित परितोष द्विवेदी का कहना है कि ठगी के बाद वह देहरादून में सीआईएसएफ के आईजी कार्यालय पहुंचे। पता चला कि जवान नवीन सिंह तोमर का आईकार्ड और अन्य दस्तावेज गुम हो गए थे। इस संबंध में जवान ने पिछली साल मेरठ में एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
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