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एनएचएआई के खिलाफ १४ करोड़ की आरसी जारी करेगा प्रशासन
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एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 53 सड़कें हुईं बदहाल, एनएचएआई को जारी होगी आरसी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस के निर्माण की वजह से जिले के ग्रामीण क्षेत्र की 53 सड़कें बदहाल हो गई। इन सड़कों का अब न तो एनएचएआई पुनर्निर्माण करा रहा है और न ही पीडब्ल्यूडी के पास इनकी मरम्मत कराने के लिए फंड है। टूटी सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर आमने-सामने आ चुके पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई में कई बार पत्राचार तो हुए, लेकिन सड़कों की मरम्मत न हुई। अब डीएम ने एनएचएआई को 15 दिन में या तो सड़कों का पुनर्निर्माण कराने या इन पर होने वाली 14 करोड़ की रकम का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। 15 दिन में भुगतान न किया तो एनएचएआई के खिलाफ जिला प्रशासन 14 करोड़ की आरसी जारी करेगा।
सड़कों की गुणवत्ता को मॉनीटर करने, इसमें भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए डीएम अजय शंकर पांडेय ने जिला सड़क नियंत्रण समिति का गठन किया है। इस समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने डीएम के सामने एनएचएआई के प्रोजेक्ट की वजह से जर्जर हुईं 53 सड़कों की सूची पेश की। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ और डासना से हापुड़ के पैकेज निर्माण के चलते इनसे जुडे़ संपर्क मार्ग भारी वाहनों की वजह से टूट चुके हैं। इसको लेकर एनएचएआई के अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक रूप से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने वार्ता की, लेकिन न तो सड़कों की मरम्मत कराई गई और न ही मरम्मत पर आने वाले खर्च की रकम दी गई। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से इन सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए सर्वे और एस्टिमेट तैयार कराया। एस्टिमेट के मुताबिक इन सड़कों को दुरुस्त करने पर 14 करोड़ का खर्च आएगा।
इसलिए जर्जर हुईं सड़कें
गांवों के संपर्क मार्ग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से सीधे प्रभावित हुए हैं। दरअसल, हाइवे निर्माण में इन्हीं संपर्क मार्गों से एनएचएआई के भारी भरकम ट्रक मिट्टी और निर्माण सामग्री लेकर गुजरे हैं। इन संपर्क मार्गों को इस तरह के भारी वाहनों के लिए नहीं बनाया गया था। इसकी वजह से यह मार्ग टूट गए। एनएचएआई के अनुबंध में भी इन मार्गों की मरम्मत कराया जाना शामिल है।
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दोनों विभागों के बीच फंसे हैं हजारों लोग
सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का विवाद पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के बीच फंस कर रह गया है। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। लोगों को इन्हीं टूटी, जर्जर सड़कों गांव तक आना जाना पड़ रहा है।
यह सड़कें हैं जर्जर
एनएच-9 से काल्दा रजवाहे की पटरी मार्ग, काल्दा रजवाहे की पटरी से दीनानाथपुर पूठी, एनएच-9 से मुबारकपुर मार्ग, हाईवे से काजीपुरा डासना मार्ग, हाईवे से जिंदलनगर ढबारसी मार्ग, चित्तौड़ा पुल से कनौजा मार्ग, कुर्सी से चित्तौड़ा मार्ग, इनायतपुर मार्ग से कुड़िया गढ़ी मार्ग, निडौरी कलछीना मार्ग से समईपुर, नूरपुर से समईपुर, नूरपुर से जलालाबाद, एनएच-9 से मेरठ-दिल्ली मार्ग वाया कलछीना, सुक्खन गढ़ी संपर्क मार्ग, महमूदपुर निगरावटी से निडौरी कलछीना मार्ग, भटजन पलौता मार्ग, फजलगढ़ से फलौता मार्ग, मोदीनगर हापुड़ मार्ग से औरंगाबाद फजलगढ़ मार्ग, सैदपुर से मुरादाबाद मार्ग, मोदीनगर तलहैटा धनतला मार्ग, चुडियाला संपर्क मार्ग, सीकरी काजमपुर-बंजारनपुर मार्ग, मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा से सैदपुर डीलना मार्ग, इसापुर से फरीदनगर मार्ग, रोहताश गढ़ी संपर्क मार्ग, मोदीनगर-हापुड़ मार्ग, मोदीनगर हापुड़ मार्ग से मछरी मार्ग, जहांगीरपुर से नगला बैर मार्ग, एनएच-9 से भूड़ गढ़ी मार्ग।
कोट
एनएचएआई को 15 दिन की मोहलत दी गई है। इस अवधि में या तो पीडब्ल्यूडी को सड़कों की मरम्मत के लिए 14 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा या खुद सड़कों की मरम्मत करानी होगी। ऐसा न करने पर एनएचएआई के खिलाफ रिकवरी जारी की जाएगी और रकम की वसूली कर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। - अजय शंकर पांडेय, डीएम
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस के निर्माण की वजह से जिले के ग्रामीण क्षेत्र की 53 सड़कें बदहाल हो गई। इन सड़कों का अब न तो एनएचएआई पुनर्निर्माण करा रहा है और न ही पीडब्ल्यूडी के पास इनकी मरम्मत कराने के लिए फंड है। टूटी सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर आमने-सामने आ चुके पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई में कई बार पत्राचार तो हुए, लेकिन सड़कों की मरम्मत न हुई। अब डीएम ने एनएचएआई को 15 दिन में या तो सड़कों का पुनर्निर्माण कराने या इन पर होने वाली 14 करोड़ की रकम का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। 15 दिन में भुगतान न किया तो एनएचएआई के खिलाफ जिला प्रशासन 14 करोड़ की आरसी जारी करेगा।
सड़कों की गुणवत्ता को मॉनीटर करने, इसमें भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए डीएम अजय शंकर पांडेय ने जिला सड़क नियंत्रण समिति का गठन किया है। इस समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने डीएम के सामने एनएचएआई के प्रोजेक्ट की वजह से जर्जर हुईं 53 सड़कों की सूची पेश की। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ और डासना से हापुड़ के पैकेज निर्माण के चलते इनसे जुडे़ संपर्क मार्ग भारी वाहनों की वजह से टूट चुके हैं। इसको लेकर एनएचएआई के अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक रूप से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने वार्ता की, लेकिन न तो सड़कों की मरम्मत कराई गई और न ही मरम्मत पर आने वाले खर्च की रकम दी गई। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से इन सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए सर्वे और एस्टिमेट तैयार कराया। एस्टिमेट के मुताबिक इन सड़कों को दुरुस्त करने पर 14 करोड़ का खर्च आएगा।
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इसलिए जर्जर हुईं सड़कें
गांवों के संपर्क मार्ग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से सीधे प्रभावित हुए हैं। दरअसल, हाइवे निर्माण में इन्हीं संपर्क मार्गों से एनएचएआई के भारी भरकम ट्रक मिट्टी और निर्माण सामग्री लेकर गुजरे हैं। इन संपर्क मार्गों को इस तरह के भारी वाहनों के लिए नहीं बनाया गया था। इसकी वजह से यह मार्ग टूट गए। एनएचएआई के अनुबंध में भी इन मार्गों की मरम्मत कराया जाना शामिल है।
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दोनों विभागों के बीच फंसे हैं हजारों लोग
सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का विवाद पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के बीच फंस कर रह गया है। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। लोगों को इन्हीं टूटी, जर्जर सड़कों गांव तक आना जाना पड़ रहा है।
यह सड़कें हैं जर्जर
एनएच-9 से काल्दा रजवाहे की पटरी मार्ग, काल्दा रजवाहे की पटरी से दीनानाथपुर पूठी, एनएच-9 से मुबारकपुर मार्ग, हाईवे से काजीपुरा डासना मार्ग, हाईवे से जिंदलनगर ढबारसी मार्ग, चित्तौड़ा पुल से कनौजा मार्ग, कुर्सी से चित्तौड़ा मार्ग, इनायतपुर मार्ग से कुड़िया गढ़ी मार्ग, निडौरी कलछीना मार्ग से समईपुर, नूरपुर से समईपुर, नूरपुर से जलालाबाद, एनएच-9 से मेरठ-दिल्ली मार्ग वाया कलछीना, सुक्खन गढ़ी संपर्क मार्ग, महमूदपुर निगरावटी से निडौरी कलछीना मार्ग, भटजन पलौता मार्ग, फजलगढ़ से फलौता मार्ग, मोदीनगर हापुड़ मार्ग से औरंगाबाद फजलगढ़ मार्ग, सैदपुर से मुरादाबाद मार्ग, मोदीनगर तलहैटा धनतला मार्ग, चुडियाला संपर्क मार्ग, सीकरी काजमपुर-बंजारनपुर मार्ग, मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा से सैदपुर डीलना मार्ग, इसापुर से फरीदनगर मार्ग, रोहताश गढ़ी संपर्क मार्ग, मोदीनगर-हापुड़ मार्ग, मोदीनगर हापुड़ मार्ग से मछरी मार्ग, जहांगीरपुर से नगला बैर मार्ग, एनएच-9 से भूड़ गढ़ी मार्ग।
कोट
एनएचएआई को 15 दिन की मोहलत दी गई है। इस अवधि में या तो पीडब्ल्यूडी को सड़कों की मरम्मत के लिए 14 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा या खुद सड़कों की मरम्मत करानी होगी। ऐसा न करने पर एनएचएआई के खिलाफ रिकवरी जारी की जाएगी और रकम की वसूली कर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। - अजय शंकर पांडेय, डीएम