फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad news

फाइलों में काम कर रहे थे निगम के 104 माली, वेतन दिया 75 लाख रुपये

Wed, 24 Jul 2019 01:06 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Wed, 24 Jul 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad news
फाइल फोटो - फोटो : social media

गाजियाबाद नगर निगम में मालियों की तैनाती में बड़ा घोटाला सामने आया है। निगम के उद्यान विभाग में 104 माली बीते आठ माह से सिर्फ फाइलों में काम कर रहे हैं। न इन मालियों ने कभी निगम के पार्क देखे और न ही स्थानीय लोगों ने इन मालियों को देखा, बावजूद इसके नगर निगम ने इन्हें 75 लाख का भुगतान कर दिया।

विज्ञापन


फर्जीवाड़ा करके हर माह प्रत्येक माली के नाम पर 9430 रुपये का भुगतान किया गया है। महापौर आशा शर्मा ने इस मामले में लिखित में जवाब मांगा तो अधिकारी उन्हें भी गोलमोल जवाब देकर घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन


नगर निगम ने नवंबर 2018 में शहर के पार्कों की मेंटेनेंस के लिए 104 मालियों की तैनाती आउटसोर्सिंग पर की थी। इन मालियों को पांचों जोन में भेजा जाना था। लेकिन यह तैनाती सिर्फ कागजों में हुई। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी जानने का प्रयास नहीं किया कि जिन मालियों को तैनाती दी गई है, वह काम पर पहुंचे भी है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


निगम सूत्रों की मानें तो निगम के उद्यान विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने आपस में मिलीभगत कर यह घोटाला कर लिया। हर महीने इन कर्मचारियों के नाम पर 9.80 लाख रुपये इनके वेतन के नाम पर हड़प लिए गए। इस रकम की बंदरबांट नीचे से ऊपर तक होता था। महापौर आशा शर्मा ने मामला पकड़ा तो अधिकारियों से जवाब तलब किया। अब नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है।

ऐसे किया गया घोटाला
निगम सूत्रों के मुताबिक उद्यान विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने नए 104 कर्मचारियों की तैनाती के नाम पर अपने कुछ परिचितों का डाटा निगम में दे दिया। इनके खाते नंबर भी निगम में दिए गए। नगर निगम ने वेतन का भुगतान भी उनके खातों में आरटीजीएस के माध्यम से किया। यानी अगर जांच हुई तो पूरे घोटाले की परतें खुल जाएंगी।

ऐसे खुला घोटाला
पूर्व में नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों की तैनाती निजी फर्मों द्वारा की जाती थी। यह फर्म संचालक निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठगांठ कर लेते थे। अब शासन ने शहरी आजीविका मिशन के तहत एक संस्था को नामित कर दिया है। पूर्व में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों का पंजीकरण अब इस संस्था के अंतर्गत किया जा रहा है। संस्था ने तैनात कर्मचारियों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया तो 104 कर्मचारी गायब मिले। इससे घोटाला पकड़ा गया।


कर्मचारियों की तैनाती के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। गोपनीय शिकायत मिलने पर अपने स्तर पर पड़ताल कराई गई तो मामला सही पाया गया। अधिकारियों से इस पर जवाब मांगा गया है, लेकिन अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। इसकी शिकायत शासन को भेजी जाएगी। - आशा शर्मा, महापौर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed