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किसानों ने की पंचायत, सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मांगा
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किसानों ने की पंचायत, सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मांगा
मसूरी। वेव सिटी के प्रभावित किसानों ने मंगलवार को इकला गांव में पंचायत की। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश नागर के आवास पर हुई पंचायत में किसानों ने कहा कि कॉलोनी विकसित करने वाले बिल्डर किसानों की जमीनों का नियमों के अनुसार सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दे। वादे के मुताबिक गांव में डिग्री कालेज, आरसीसी सड़कों, बारात घर का निर्माण कार्य कराए जाएं।
किसान नेता प्रदीप शर्मा व लोकेश नागर ने कहा कि बिल्डर किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव लेना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ जीडीए में 2014 के त्रिपक्षीय समझौते को लागू नहीं किया गया है। बिल्डर की ओर से गांव डिग्री कालेज, सड़कें, बरात घर बनवाने का वादा किया गया था। परियोजना में जमीन देने वाले किसान के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी देने का वायदा किया था। इन्हें अब पूरा नहीं किया जा रहा है। जिन किसानों की जमीन बिल्डर ने नहीं ली है, उनके खेतों की नाली, चकरोड तोड़ दी गई है। बिल्डर इनका पुनर्निर्माण कराए। उन्होंने कहा कि बिल्डर अगर इस क्षेत्र में काम नहीं करना चाहता है तो सरकार उसका लाइसेंस निरस्त करे। किसानों ने जल्द ही महापंचायत करने की घोषणा की। पंचायत में नितिन प्रधान, सुशील प्रधान, बिजेंद्र यादव, अजय शर्मा, अमित चौधरी, शिवकुमार शर्मा, कृष्ण पाल, धर्मवीर प्रधान, रोहित नागर और दीपक नागर मौजूद रहे।
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मसूरी। वेव सिटी के प्रभावित किसानों ने मंगलवार को इकला गांव में पंचायत की। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश नागर के आवास पर हुई पंचायत में किसानों ने कहा कि कॉलोनी विकसित करने वाले बिल्डर किसानों की जमीनों का नियमों के अनुसार सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दे। वादे के मुताबिक गांव में डिग्री कालेज, आरसीसी सड़कों, बारात घर का निर्माण कार्य कराए जाएं।
किसान नेता प्रदीप शर्मा व लोकेश नागर ने कहा कि बिल्डर किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव लेना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ जीडीए में 2014 के त्रिपक्षीय समझौते को लागू नहीं किया गया है। बिल्डर की ओर से गांव डिग्री कालेज, सड़कें, बरात घर बनवाने का वादा किया गया था। परियोजना में जमीन देने वाले किसान के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी देने का वायदा किया था। इन्हें अब पूरा नहीं किया जा रहा है। जिन किसानों की जमीन बिल्डर ने नहीं ली है, उनके खेतों की नाली, चकरोड तोड़ दी गई है। बिल्डर इनका पुनर्निर्माण कराए। उन्होंने कहा कि बिल्डर अगर इस क्षेत्र में काम नहीं करना चाहता है तो सरकार उसका लाइसेंस निरस्त करे। किसानों ने जल्द ही महापंचायत करने की घोषणा की। पंचायत में नितिन प्रधान, सुशील प्रधान, बिजेंद्र यादव, अजय शर्मा, अमित चौधरी, शिवकुमार शर्मा, कृष्ण पाल, धर्मवीर प्रधान, रोहित नागर और दीपक नागर मौजूद रहे।
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