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उद्योगों को ओमिक्रॉन का झटका, 247 करोड़ के निर्यात ऑर्डर निरस्त

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 12:27 AM IST
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ghaziyabad
उद्योगों को ओमिक्रॉन का झटका
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247 करोड़ के निर्यात ऑर्डर निरस्त
गाजियाबाद। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्त्रसॅन ने शहर के उद्योगों को बड़ा झटका दिया है। अफ्रीका के देशों से 12 दिन में ही निर्यात के 247 करोड़ रुपये के ऑर्डर निरस्त हो गए हैं। यह कुल निर्यात का 33 फीसदी है। वायरस के फैलाव के साथ संकट गहराने की आशंका है। सबसे ज्यादा असर कागज, मशीनरी, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और हर्बल उत्पाद पार्ट्स के निर्यात पर पड़ा है।
गाजियाबाद से कई देशों को मशीनें, मशीनरी पार्ट्स, ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट, हर्बल उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन मिलने के बाद से वहां निर्यात होने वाले उत्पादों को झटका लगा है। इसके अलावा जापान, मोरक्को जैसे देशों में निर्यात बंद हो गया है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के चेयरमैन हरिओम चौहान का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर स्थिति भयावह होती है तो निर्यात के क्षेत्र में उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। शहर के उद्योगों से करीब 400 करोड़ का निर्यात अन्य देशों को होता है।
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ट्रेड महीने का उत्पादन निर्यात ऑर्डर निरस्त
ऑटो पार्ट्स 200 करोड़ 105 करोड़ 42 करोड़
टेक्सटाइल 148 करोड़ 120 करोड़ 48 करोड़
मशीन व मशीनरी पार्ट्स 300 करोड़ 160 करोड़ 64 करोड़
अन्य 800 करोड़ 235 करोड़ 93 करोड़
इन देशों में ऑर्डर निरस्त
साउथ अफ्रीका, केन्या, जापान, नैरोबी, इथोपिया, बेल्जियम, सऊदी अरब, यूएई, कनाडा, ब्राजील
इन देशों में चल रहा है निर्यात
मलेशिया, सिंगापुर, चीन, वियतनाम, मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया
फिर बढ़ सकता है जिले के उद्योगों का संकट
कोरोना से बेपटरी हुए उद्योगों को इस साल अगस्त में पटरी पर आने का मौका मिला था। देश में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद उद्योग जगत की चिंता भी बढ़ गई है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का का कहना है कि अभी ओमिक्रॉन को काबू में नहीं किया गया तो आगे चलकर हालात बेहद खराब हो सकते हैं। घरेलू सप्लाई बंद होती है तो उद्योग एक बार फिर से बड़ा नुकसान झेल सकते हैं। कोरोना की पहली लहर में जिले में श्रमिकों के पलायन और बंदी से उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसके बाद दूसरी लहर में उद्योगों को उत्पादन की अनुमति तो मिली लेकिन श्रमिकों की किल्लत और कच्चे माल की दिक्कत से उद्योग उत्पादन नहीं कर सके। बाकी बाजार में मांग न होने से भी जिले का उत्पादन 80 फीसदी तक गिरा रहा।
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जिले में उद्योगों की स्थिति
भारी उद्योग- 45
मध्यम उद्योग- 149
लघु उद्योग- 5257
सूक्ष्म उद्योग- 21531
कुल श्रमिक : साढे़ चार लाख
निर्यातक इकाईयां :125
नए आर्डर नहीं मिल रहे
मैं साउथ अफ्रीका के इथोपिया में हर्बल उत्पादों का निर्यात करता हूं। पिछले दस-12 दिन से ऑर्डर निरस्त हुए हैं। नए ऑर्डर नहीं मिल रहे।
- दिनेश गर्ग, हर्बल उत्पाद निर्यातक
अनिश्चिकालीन रोक लगी
साउथ अफ्रीका के अलावा केन्या, नैरोबी में पेपर मशीन के प्लांट लगाने थे लेकिन इन देशों से ऑर्डर अनिश्चितकालीन समय के लिए रोक दिए गए हैं।
- प्रीतपाल सिंह, पेपर मशीनरी निर्यातक
अफ्रीका के अलावा दुबई में भी प्रभाव
ऑटो पार्ट्स के ट्रेड में नुकसान है। साउथ अफ्रीका का निर्यात अब मुश्किल है। इसके अलावा दुबई एक्सपोर्ट हब पर भी माल कम जा रहा है।
- नंदलाल शर्मा, ऑटो पार्ट्स निर्यातक
घरेलू सप्लाई की नही टूटनी चाहिए चेन
दो साल बाद उत्पादन शत-प्रतिशत तक पहुंचा है। ओमिक्रॉन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच बढ़ाने की जरूरत है। निर्यात के क्षेत्र के अलावा अगर देश में ये वैरिएंट फैलता है तो हालात मुश्किल होंगे। इसके नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाएं, जिससे घरेलू सप्लाई नहीं टूटे।
- प्रदीप गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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