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जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
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जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी ...
घर-घर स्थापित होगा कलश , आएंगी माता
गाजियाबाद। मां दुर्गे के आगमन से पहले बुधवार को सभी देवी मंदिरों में साफ-सफाई हुई और सजावट की गई। नवरात्र के दिन पूजन सामग्री, व्रत की सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ रही।
दिल्ली गेट प्राचीन देवी मंदिर, डासना देवी मंदिर, श्री मनन धाम मंदिर, घंटाघर स्थित गुफा वाला मंदिर सहित सभी मंदिरों में बृहस्पतिवार की सुबह कलश स्थापना होगी। दिल्ली गेट देवी मंदिर केमुख्य पुजारी हरि गिरी ने बताया कि मंदिर सुबह नौ बजे मंदिर में कलश स्थापना होगी और माता का विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर में कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराते हुए सभी को मास्क पहनकर आने को कहा गया है।
आठ दिन की होगी नवरात्र
इस बार नवरात्र नौ दिन के बजाय आठ दिनों का ही होगा। इस बार चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है। तृतीया और चतुर्थी की पूजा एक ही दिन होगी। इस बार मां दुर्गा डोली में सवार होकर आ रही हैं। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को नवरात्र शुरू होंगे और दुर्गा मां डोली या पालकी पर सवार होकर आएंगी। इसका अर्थ है कि विश्व में कुछ नया परिवर्तन होने वाला है यह अच्छा या बुरा कुछ भी हो सकता है।
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कलश स्थापना का शुभ-मुहूर्त
सुबह 6:21 से लेकर 7:48 तक शुभ का चौघड़िया
10:42 से 1:30 तक चर, लाभ और अमृत का चौघड़िया
सुबह 9:25 से 11:43 तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
सुबह 11:43 से 12:24 अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 1:30 से तीन बजे तक राहुकाल रहेगा
व्रत के फायदे
आरके आर्य ने बताया कि शारीरिक शुद्धि के लिए आयुर्वेद में प्रत्येक छह महीने या दो प्रमुख मौसमों गर्मी और सर्दी के बाद पंचकर्म कराने की सलाह दी जाती है। इसके लिए चैत्र (मार्च-अप्रैल)और अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) महीना बेहतर माना जाता है। इसलिए शारीरिक शुद्धि का एक आसान स्वरूप हमें नवरात्र में मिल जाता है। व्रत के दौरान अनाजों जैसे गेंहूं, चावल, मक्का, जौ आदि के सेवन के बजाय फल-दूध आदि का सेवन करना चाहिए। सुबह हल्का आहार लें जिसमें भरपूर मात्रा में फल हों।
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घर-घर स्थापित होगा कलश , आएंगी माता
गाजियाबाद। मां दुर्गे के आगमन से पहले बुधवार को सभी देवी मंदिरों में साफ-सफाई हुई और सजावट की गई। नवरात्र के दिन पूजन सामग्री, व्रत की सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ रही।
दिल्ली गेट प्राचीन देवी मंदिर, डासना देवी मंदिर, श्री मनन धाम मंदिर, घंटाघर स्थित गुफा वाला मंदिर सहित सभी मंदिरों में बृहस्पतिवार की सुबह कलश स्थापना होगी। दिल्ली गेट देवी मंदिर केमुख्य पुजारी हरि गिरी ने बताया कि मंदिर सुबह नौ बजे मंदिर में कलश स्थापना होगी और माता का विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर में कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराते हुए सभी को मास्क पहनकर आने को कहा गया है।
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आठ दिन की होगी नवरात्र
इस बार नवरात्र नौ दिन के बजाय आठ दिनों का ही होगा। इस बार चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है। तृतीया और चतुर्थी की पूजा एक ही दिन होगी। इस बार मां दुर्गा डोली में सवार होकर आ रही हैं। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को नवरात्र शुरू होंगे और दुर्गा मां डोली या पालकी पर सवार होकर आएंगी। इसका अर्थ है कि विश्व में कुछ नया परिवर्तन होने वाला है यह अच्छा या बुरा कुछ भी हो सकता है।
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कलश स्थापना का शुभ-मुहूर्त
सुबह 6:21 से लेकर 7:48 तक शुभ का चौघड़िया
10:42 से 1:30 तक चर, लाभ और अमृत का चौघड़िया
सुबह 9:25 से 11:43 तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
सुबह 11:43 से 12:24 अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 1:30 से तीन बजे तक राहुकाल रहेगा
व्रत के फायदे
आरके आर्य ने बताया कि शारीरिक शुद्धि के लिए आयुर्वेद में प्रत्येक छह महीने या दो प्रमुख मौसमों गर्मी और सर्दी के बाद पंचकर्म कराने की सलाह दी जाती है। इसके लिए चैत्र (मार्च-अप्रैल)और अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) महीना बेहतर माना जाता है। इसलिए शारीरिक शुद्धि का एक आसान स्वरूप हमें नवरात्र में मिल जाता है। व्रत के दौरान अनाजों जैसे गेंहूं, चावल, मक्का, जौ आदि के सेवन के बजाय फल-दूध आदि का सेवन करना चाहिए। सुबह हल्का आहार लें जिसमें भरपूर मात्रा में फल हों।