{"_id":"6158b3fb8ebc3e09c641de5c","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2270191172","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे की वजह बन सकते हैं यूनिपोल, सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे की वजह बन सकते हैं यूनिपोल, सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लिए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हादसे की वजह बन सकते हैं यूनिपोल, सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लिए
गाजियाबाद। शहर में विज्ञापन के ठेके खत्म हो गए हैं, लेकिन यूनिपोल अभी भी जगह-जगह लगे हुए हैं। सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा किए बिना और मानकों को पूरा किए बिना विज्ञापन फर्मों ने भारी भरकम यूनिपोल लगा दिए हैं। डिवाइडरों के बीच और सड़कों के किनारे लगे कई यूनिपोल पूर्व में गिर चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
अंबेडकर रोड, जीटी रोड, मोहननगर रोड, आरडीसी, हापुड़ रोड, गोविंदपुरम और राजनगर एक्सटेंशन समेत कोई मार्ग ऐसा नहीं है जहां यूनिपोल न लगा दिए गए हो। हालांकि बीते एक साल में नगर निगम ने 50 से ज्यादा अवैध यूनिपोल काटे हैं, लेकिन अभी भी अवैध तरीके से होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हुए हैं। प्राइम लोकेशन देख विज्ञापन फर्मों ने मानकों को भी ताक पर रख दिया और हर 10 मीटर की दूरी पर यूनिपोल लगा दिए। जबकि नियमों के अनुसार 300 मीटर से कम दूरी पर यूनिपोल नहीं लगना चाहिए।
----
बिना ठेके लिए भी फर्मों ने लगा लिए यूनिपोल
जीटी रोड से मेरठ हाईवे को जोड़ने वाला राजनगर एक्सटेंशन मार्ग अब विज्ञापन फर्मों के लिए प्राइम लोकेशन बन गया है। इस क्षेत्र में करीब 40 हाउसिंग सोसायटियां हैं, जिनमें करीब 40 से 45 हजार परिवार रह रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ इस क्षेत्र के रहने वाले लोग बल्कि यहां से रोजाना हजारों की संख्या में गुजरने वाले लोग विज्ञापन फर्मों के लिए बड़ा ग्राहक वर्ग बन गया है। यही वजह है कि विज्ञापन माफियाओं ने यहां नगर निगम से ठेका लिए बिना ही यूनिपोल ठोेक दिए हैं। जीडीए और नगर निगम इसे अपना क्षेत्र नहीं मानते, इसके चलते यहां कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
----
दिशा सूचक बोर्ड ढक जाने से रास्ता भटक रहे वाहन चालक
शहर में दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इन पर शुभकामनाओं के संदेश लगाकर ढक दिया गया है। ऐसे में दूसरे शहरों से गाजियाबाद में आने वाले लोगों को रास्तों का पता नहीं लग पाता। वह रास्ता भटक रहे हैं। दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद समेत आसपास के शहरों से यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे वाहन चालक मोबाइल पर गूगल मैप के जरिए रास्ता तलाशने का प्रयास करते हैं, लेकिन सही लोकेशन नहीं मिल पाती। नया बस अड्डा, हिंडन बैराज मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र व कॉलोनियों में आकर वह भटक जाते हैं।
-----
अधिकारी बोले
अवैध यूनिपोल के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई है। बड़ी संख्या में यूनिपोल काटे गए हैं। जल्द ही फिर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। दिशा सूचक बोर्ड साफ कराए जाएंगे। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
विज्ञापन
गाजियाबाद। शहर में विज्ञापन के ठेके खत्म हो गए हैं, लेकिन यूनिपोल अभी भी जगह-जगह लगे हुए हैं। सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा किए बिना और मानकों को पूरा किए बिना विज्ञापन फर्मों ने भारी भरकम यूनिपोल लगा दिए हैं। डिवाइडरों के बीच और सड़कों के किनारे लगे कई यूनिपोल पूर्व में गिर चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
अंबेडकर रोड, जीटी रोड, मोहननगर रोड, आरडीसी, हापुड़ रोड, गोविंदपुरम और राजनगर एक्सटेंशन समेत कोई मार्ग ऐसा नहीं है जहां यूनिपोल न लगा दिए गए हो। हालांकि बीते एक साल में नगर निगम ने 50 से ज्यादा अवैध यूनिपोल काटे हैं, लेकिन अभी भी अवैध तरीके से होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हुए हैं। प्राइम लोकेशन देख विज्ञापन फर्मों ने मानकों को भी ताक पर रख दिया और हर 10 मीटर की दूरी पर यूनिपोल लगा दिए। जबकि नियमों के अनुसार 300 मीटर से कम दूरी पर यूनिपोल नहीं लगना चाहिए।
विज्ञापन
----
बिना ठेके लिए भी फर्मों ने लगा लिए यूनिपोल
जीटी रोड से मेरठ हाईवे को जोड़ने वाला राजनगर एक्सटेंशन मार्ग अब विज्ञापन फर्मों के लिए प्राइम लोकेशन बन गया है। इस क्षेत्र में करीब 40 हाउसिंग सोसायटियां हैं, जिनमें करीब 40 से 45 हजार परिवार रह रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ इस क्षेत्र के रहने वाले लोग बल्कि यहां से रोजाना हजारों की संख्या में गुजरने वाले लोग विज्ञापन फर्मों के लिए बड़ा ग्राहक वर्ग बन गया है। यही वजह है कि विज्ञापन माफियाओं ने यहां नगर निगम से ठेका लिए बिना ही यूनिपोल ठोेक दिए हैं। जीडीए और नगर निगम इसे अपना क्षेत्र नहीं मानते, इसके चलते यहां कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
----
दिशा सूचक बोर्ड ढक जाने से रास्ता भटक रहे वाहन चालक
शहर में दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इन पर शुभकामनाओं के संदेश लगाकर ढक दिया गया है। ऐसे में दूसरे शहरों से गाजियाबाद में आने वाले लोगों को रास्तों का पता नहीं लग पाता। वह रास्ता भटक रहे हैं। दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद समेत आसपास के शहरों से यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे वाहन चालक मोबाइल पर गूगल मैप के जरिए रास्ता तलाशने का प्रयास करते हैं, लेकिन सही लोकेशन नहीं मिल पाती। नया बस अड्डा, हिंडन बैराज मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र व कॉलोनियों में आकर वह भटक जाते हैं।
-----
अधिकारी बोले
अवैध यूनिपोल के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई है। बड़ी संख्या में यूनिपोल काटे गए हैं। जल्द ही फिर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। दिशा सूचक बोर्ड साफ कराए जाएंगे। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त