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दरोगा के साथ मिल कारोबारी को लूटा, वेब पोर्टल संचालक गिरफ्तार
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दरोगा के साथ मिल कारोबारी को लूटा, वेब पोर्टल संचालक गिरफ्तार
साहिबाबाद। नोएडा के बिसरख थाने में तैनात दरोगा विचित्र वीर सिंह व कथित पत्रकारों द्वारा साहिबाबाद के कारोबारी से लूटपाट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ऑनलाइन एलईडी बुक करके कारोबारी को गौर सिटी-2 क्षेत्र में बुलाया और फिर उससे दो एलईडी और 11 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने शनिवार को घटना में दिल्ली के वेब पोर्टल संचालक मोहन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दरोगा व तीन कथित पत्रकार अभी फरार है। एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि दरोगा समेत चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
लूटपाट की यह घटना साहिबाबाद के श्याम एंक्लेव निवासी कारोबारी मयूर सिंघल के साथ हुई। उनके मुताबिक 5 सितंबर को एक नंबर से उनके पास कॉल आई। कॉलर ने खाते में 500 रुपये ट्रांसफर करते हुए दो एलईडी बुक कीं और गौर सिटी-2 पहुंचने के लिए कहा। कारोबारी एलईडी लेकर पहुंचा तो कार सवार चार युवकों ने उन पर नकली माल बेचने का आरोप लगाते हुए कार में डाल लिया। इतना ही नहीं, युवकों ने स्थानीय दरोगा को भी बुला लिया। दरोगा व चार युवकों ने उनसे दो एलईडी, स्कूटी व 11 हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद और रुपयों की मांग की। वह जैसे-तैसे पैसे लाने की बात कहकर वहां से निकले और साहिबाबाद थाने में केस दर्ज कराया।
पहले ठगी का केस दर्ज किया, अब धारा बढ़ाई
पुलिस ने कारोबारी से ठगी की तहरीर लेकर अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच की तो घटना की परतें खुलती चलीं गईं। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि दरोगा की पहचान नोएडा की गौर सिटी-2 चौकी पर तैनात विचित्र वीर सिंह के रूप में हुई है। जबकि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान मोहन त्यागी निवासी आशीर्वाद अपार्टमेंट मयूर विहार दिल्ली तथा घनश्याम प्रजापति, संजय चौधरी व राजेंद्र चौधरी के रूप में हुई। यह चारों खुद को पत्रकार बताते हैं। मोहन त्यागी वेब पोर्टल संचालक है तथा विजयनगर निवासी घनश्याम एक समाचार पत्र में काम करता है। मुकदमे में दहशत पैदा कर वसूली करने की धारा बढ़ा दी गई है। शनिवार को मोहन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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ठगी के लिए फर्जी पते-नाम पर लिया था सिमकार्ड
एसएचओ साहिबाबाद नागेंद्र चौबे ने बताया आरोपी बहुत ही शातिर हैं। ठगी को अंजाम देने के लिए उन्होंने फर्जी पते और नाम पर एक नया सिमकार्ड खरीदा था। उसी सिम से साहिबाबाद के श्याम एंक्लेव निवासी मयूर सिंघल से एलईडी आर्डर की थी। चौकी पर बुलाकर नकली बताकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में संलिप्ता पाए जाने पर दरोगा विचित्र वीर और घनश्याम की तलाश की जा रही है। उनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। साथ ही दरोगा के आरोपों को लेकर नोएडा पुलिस के उच्चाधिकारों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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साहिबाबाद। नोएडा के बिसरख थाने में तैनात दरोगा विचित्र वीर सिंह व कथित पत्रकारों द्वारा साहिबाबाद के कारोबारी से लूटपाट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ऑनलाइन एलईडी बुक करके कारोबारी को गौर सिटी-2 क्षेत्र में बुलाया और फिर उससे दो एलईडी और 11 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने शनिवार को घटना में दिल्ली के वेब पोर्टल संचालक मोहन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दरोगा व तीन कथित पत्रकार अभी फरार है। एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि दरोगा समेत चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
लूटपाट की यह घटना साहिबाबाद के श्याम एंक्लेव निवासी कारोबारी मयूर सिंघल के साथ हुई। उनके मुताबिक 5 सितंबर को एक नंबर से उनके पास कॉल आई। कॉलर ने खाते में 500 रुपये ट्रांसफर करते हुए दो एलईडी बुक कीं और गौर सिटी-2 पहुंचने के लिए कहा। कारोबारी एलईडी लेकर पहुंचा तो कार सवार चार युवकों ने उन पर नकली माल बेचने का आरोप लगाते हुए कार में डाल लिया। इतना ही नहीं, युवकों ने स्थानीय दरोगा को भी बुला लिया। दरोगा व चार युवकों ने उनसे दो एलईडी, स्कूटी व 11 हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद और रुपयों की मांग की। वह जैसे-तैसे पैसे लाने की बात कहकर वहां से निकले और साहिबाबाद थाने में केस दर्ज कराया।
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पहले ठगी का केस दर्ज किया, अब धारा बढ़ाई
पुलिस ने कारोबारी से ठगी की तहरीर लेकर अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच की तो घटना की परतें खुलती चलीं गईं। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि दरोगा की पहचान नोएडा की गौर सिटी-2 चौकी पर तैनात विचित्र वीर सिंह के रूप में हुई है। जबकि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान मोहन त्यागी निवासी आशीर्वाद अपार्टमेंट मयूर विहार दिल्ली तथा घनश्याम प्रजापति, संजय चौधरी व राजेंद्र चौधरी के रूप में हुई। यह चारों खुद को पत्रकार बताते हैं। मोहन त्यागी वेब पोर्टल संचालक है तथा विजयनगर निवासी घनश्याम एक समाचार पत्र में काम करता है। मुकदमे में दहशत पैदा कर वसूली करने की धारा बढ़ा दी गई है। शनिवार को मोहन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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ठगी के लिए फर्जी पते-नाम पर लिया था सिमकार्ड
एसएचओ साहिबाबाद नागेंद्र चौबे ने बताया आरोपी बहुत ही शातिर हैं। ठगी को अंजाम देने के लिए उन्होंने फर्जी पते और नाम पर एक नया सिमकार्ड खरीदा था। उसी सिम से साहिबाबाद के श्याम एंक्लेव निवासी मयूर सिंघल से एलईडी आर्डर की थी। चौकी पर बुलाकर नकली बताकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में संलिप्ता पाए जाने पर दरोगा विचित्र वीर और घनश्याम की तलाश की जा रही है। उनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। साथ ही दरोगा के आरोपों को लेकर नोएडा पुलिस के उच्चाधिकारों को रिपोर्ट भेज दी गई है।