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70 तहसीलों में बनेंगे फायर स्टेशन, 18 को मिली जमीन ः डीजी
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70 तहसीलों में बनेंगे फायर स्टेशन, 18 को मिली जमीन : डीजी
गाजियाबाद। दमकल विभाग को मैनपावर और संसाधन से लैस कर पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीण अंचल और दूरदराज इलाकों में भी दमकल की सुचारु सेवा देने की दिशा में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। सोमवार को 30 जिलों के दमकल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने पहुंचे महानिदेशक (अग्निशमन सेवा) राजकुमार विश्वकर्मा ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि हर तहसील पर फायर स्टेशन होगा। प्रदेश की 70 तहसील स्तर पर फायर स्टेशन नहीं हैं। इनमें से 18 को जगह मिल गई है, जबकि बाकी तहसीलों पर जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वकर्मा ने वैशाली फायर स्टेशन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने लोनी व क्रासिंग के प्रस्तावित दमकल केंद्रों को जल्द स्थापित करने के लिए तत्परता दिखाने के निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 280 तहसीलों पर फायर स्टेशन हैं। इनमें से 254 फायर स्टेशन संचालित हैं, जबकि 95 स्थानों पर निर्माणाधीन हैं। 70 तहसीलों पर फायर स्टेशन नहीं हैं। यहां स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशनों के नंबरों को डायल-112 से जोड़ा गया है, ताकि पुलिस और दमकल की सुविधा एक ही नंबर पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों और संकीर्ण रास्तों वाले क्षेत्रों पर फोकस करते हुए वहां के लिए दमकल की छोटी गाड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही लखनऊ, कानपुर, बनारस, नोएडा व गाजियाबाद में हाईराइज सोसायटियों में अग्निकांड से बचाव को संसाधन जुटाने की कोशिश जारी है।
पारदर्शी तरीके से होगा काम
विश्वकर्मा ने कहा कि विभाग को पूरी तरह पारदर्शी किया जाएगा। इसी के तहत फायर एनओसी की प्रक्रिया ऑनलाइन कर सात दिन का समय निर्धारित किया गया है। वर्ष 2020 में 10 हजार 933 एनओसी के आवेदन आए, जिनमें से करीब साढ़े 7 हजार एनओसी जारी की गईं। इसके अलावा विभाग को संसाधन व मैनपावर से लैस किया जाएगा। 2020 में 540 और इस वर्ष 2065 फायरमैन की भर्ती कराई गई। फिलहाल में हुई 8 हजार से अधिक उपनिरीक्षकों की भर्ती में दमकल के कर्मचारी भी शामिल हैं।
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ट्रेनिंग की तरफ फोकस, बनाया विशेष प्लान
प्रदेश में एकमात्र फायर ट्रेनिंग एकेडमी उन्नाव में है। ट्रेनिंग सेंटर बढ़ाने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। इसके तहत प्रस्तावित एक्सप्रेस हाईवे के पास ही जमीन लेकर ट्रेनिंग सेंटर बनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेशभर में ऐसे 32 प्वाइंट्स चिन्हित किए गए हैं, जिनको लेकर शासन से विमर्श किया जाएगा। साथ ही महकमे के अलावा बाहरी युवाओं को भी ट्रेनिंग देने पर विचार किया जा रहा है। हर ट्रेनिंग सेंटर पर 150 दमकलकर्मियों के अलावा 50 बाहरी युवा भी ट्रेनिंग लेंगे। ताकि बाद में उन्हें दमकल सेक्टर में आसानी से नौकरी मिल सके।
डिजास्टर रिस्पांस और ड्रोन तकनीक की तरफ अग्रसर
राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सीआईएसएफ की तर्ज पर दमकल विभाग डिजास्टर रिस्पांस की तरफ अग्रसर है। इसके लिए डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े उपकरण खरीदे गए हैं। भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही, जनहानि रोकने व तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए दमकल विभाग ड्रोन तकनीक की तरफ भी बढ़ रहा है।
13 बिंदुओं पर हुई समीक्षा बैठक
महानिदेशक (दमकल सेवा) ने पुलिस लाइन स्थित परमजीत प्रशिक्षण हॉल में प्रदेश के तीस जिलों के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों व उपनिदेशक (दमकल सेवा) के साथ 13 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्य रुप से निर्माणाधीन फायर स्टेशनों की स्थिति, उपकरणों की उपलब्धता व कमी, रिक्रूट्स का प्रशिक्षण, हाईराइज सोसायटियों में इंफ्रास्ट्रक्चर व बजट उपलब्धता, 2016 से अब तक ट्रांसफर हुए कर्मियों की स्थिति, लंबित एनओसी, बजट, सेवानिवृत्त कर्मियों के भुगतानों का विवरण, मृतक आश्रित भर्ती की स्थिति आदि प्रमुख बिंदु रहे।
इनसेट.....
जीडीए बोर्ड बैठक में जमीन का प्रस्ताव पास कराने के निर्देश
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि लोनी व क्रांसिंग रिपब्लिक में फायर स्टेशन बनना प्रस्तावित है। लोनी में जमीन चिन्हित करने के बाद यूपीआईआईडीसी द्वारा बिल्डिंग बनाकर देनी है। इसके अलावा क्रासिंग रिपब्लिक में फायर स्टेशन के लिए 25 सौ वर्ग मीटर जमीन चिन्हित कर ली गई है। जीडीए बोर्ड की बैठक में जमीन का प्रस्ताव पास कराना है। डीजी फायर सर्विस ने दोनों स्थानों पर केंद्र स्थापित कराने में तत्परता दिखाने के निर्देश दिए हैं। सीएफओ ने बताया कि वैशाली फायर स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीजी ने व्यवस्था की सराहना की।
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गाजियाबाद। दमकल विभाग को मैनपावर और संसाधन से लैस कर पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीण अंचल और दूरदराज इलाकों में भी दमकल की सुचारु सेवा देने की दिशा में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। सोमवार को 30 जिलों के दमकल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने पहुंचे महानिदेशक (अग्निशमन सेवा) राजकुमार विश्वकर्मा ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि हर तहसील पर फायर स्टेशन होगा। प्रदेश की 70 तहसील स्तर पर फायर स्टेशन नहीं हैं। इनमें से 18 को जगह मिल गई है, जबकि बाकी तहसीलों पर जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वकर्मा ने वैशाली फायर स्टेशन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने लोनी व क्रासिंग के प्रस्तावित दमकल केंद्रों को जल्द स्थापित करने के लिए तत्परता दिखाने के निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 280 तहसीलों पर फायर स्टेशन हैं। इनमें से 254 फायर स्टेशन संचालित हैं, जबकि 95 स्थानों पर निर्माणाधीन हैं। 70 तहसीलों पर फायर स्टेशन नहीं हैं। यहां स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशनों के नंबरों को डायल-112 से जोड़ा गया है, ताकि पुलिस और दमकल की सुविधा एक ही नंबर पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों और संकीर्ण रास्तों वाले क्षेत्रों पर फोकस करते हुए वहां के लिए दमकल की छोटी गाड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही लखनऊ, कानपुर, बनारस, नोएडा व गाजियाबाद में हाईराइज सोसायटियों में अग्निकांड से बचाव को संसाधन जुटाने की कोशिश जारी है।
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पारदर्शी तरीके से होगा काम
विश्वकर्मा ने कहा कि विभाग को पूरी तरह पारदर्शी किया जाएगा। इसी के तहत फायर एनओसी की प्रक्रिया ऑनलाइन कर सात दिन का समय निर्धारित किया गया है। वर्ष 2020 में 10 हजार 933 एनओसी के आवेदन आए, जिनमें से करीब साढ़े 7 हजार एनओसी जारी की गईं। इसके अलावा विभाग को संसाधन व मैनपावर से लैस किया जाएगा। 2020 में 540 और इस वर्ष 2065 फायरमैन की भर्ती कराई गई। फिलहाल में हुई 8 हजार से अधिक उपनिरीक्षकों की भर्ती में दमकल के कर्मचारी भी शामिल हैं।
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ट्रेनिंग की तरफ फोकस, बनाया विशेष प्लान
प्रदेश में एकमात्र फायर ट्रेनिंग एकेडमी उन्नाव में है। ट्रेनिंग सेंटर बढ़ाने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। इसके तहत प्रस्तावित एक्सप्रेस हाईवे के पास ही जमीन लेकर ट्रेनिंग सेंटर बनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेशभर में ऐसे 32 प्वाइंट्स चिन्हित किए गए हैं, जिनको लेकर शासन से विमर्श किया जाएगा। साथ ही महकमे के अलावा बाहरी युवाओं को भी ट्रेनिंग देने पर विचार किया जा रहा है। हर ट्रेनिंग सेंटर पर 150 दमकलकर्मियों के अलावा 50 बाहरी युवा भी ट्रेनिंग लेंगे। ताकि बाद में उन्हें दमकल सेक्टर में आसानी से नौकरी मिल सके।
डिजास्टर रिस्पांस और ड्रोन तकनीक की तरफ अग्रसर
राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सीआईएसएफ की तर्ज पर दमकल विभाग डिजास्टर रिस्पांस की तरफ अग्रसर है। इसके लिए डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े उपकरण खरीदे गए हैं। भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही, जनहानि रोकने व तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए दमकल विभाग ड्रोन तकनीक की तरफ भी बढ़ रहा है।
13 बिंदुओं पर हुई समीक्षा बैठक
महानिदेशक (दमकल सेवा) ने पुलिस लाइन स्थित परमजीत प्रशिक्षण हॉल में प्रदेश के तीस जिलों के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों व उपनिदेशक (दमकल सेवा) के साथ 13 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्य रुप से निर्माणाधीन फायर स्टेशनों की स्थिति, उपकरणों की उपलब्धता व कमी, रिक्रूट्स का प्रशिक्षण, हाईराइज सोसायटियों में इंफ्रास्ट्रक्चर व बजट उपलब्धता, 2016 से अब तक ट्रांसफर हुए कर्मियों की स्थिति, लंबित एनओसी, बजट, सेवानिवृत्त कर्मियों के भुगतानों का विवरण, मृतक आश्रित भर्ती की स्थिति आदि प्रमुख बिंदु रहे।
इनसेट.....
जीडीए बोर्ड बैठक में जमीन का प्रस्ताव पास कराने के निर्देश
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि लोनी व क्रांसिंग रिपब्लिक में फायर स्टेशन बनना प्रस्तावित है। लोनी में जमीन चिन्हित करने के बाद यूपीआईआईडीसी द्वारा बिल्डिंग बनाकर देनी है। इसके अलावा क्रासिंग रिपब्लिक में फायर स्टेशन के लिए 25 सौ वर्ग मीटर जमीन चिन्हित कर ली गई है। जीडीए बोर्ड की बैठक में जमीन का प्रस्ताव पास कराना है। डीजी फायर सर्विस ने दोनों स्थानों पर केंद्र स्थापित कराने में तत्परता दिखाने के निर्देश दिए हैं। सीएफओ ने बताया कि वैशाली फायर स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीजी ने व्यवस्था की सराहना की।