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साइबर कैफे देने का बनाया था दबाव
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साइबर कैफे देने का बनाया था दबाव
साहिबाबाद। पंकज अपना खर्च चलाने के लिए गिरधर कालोनी में साइबर कैफे चलाता था और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। वह आरोपी के चारों बच्चों को भी ट्यूशन देता था। पंकज की गैर मौजूदगी में बच्चे ही साइबर कैफे की देखरेख करते थे। परिजनों का आरोप है कि साइबर कैफे लेने के लिए ही आरोपी दबाव बना रहे थे।
भाई मनीष सिंह ने बताया कि पंकज गिरधर कॉलोनी में चार साल से रमेश के मकान में रहता था। उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व मकान मालिक मुन्ना के दो बेटे और दो बेटियां पंकज से ट्यूशन पढ़ती थीं। मुन्ना के बच्चे पंकज की अनुपस्थिति में साइबर कैफे की देखभाल भी करते थे। उनका आरोप है कि आरोपी की पत्नी ने पंकज को अपने घर पर रहने को कहा था। इसके बाद से वह वहां रहने लगा। करीब एक माह रहने के बाद मुन्ना ने पंकज पर साइबर कैफे देने का दबाव बनाया। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। पंकज वहां से कमरा खाली कर कॉलोनी निवासी नवीन त्यागी के यहां रहने लगा। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद से आरोपी मुन्ना और उसकी पत्नी पंकज को धमकाने लगे। पंकज ने अपने भाई को फोन पर यह बात बताई थी। उन्होंने आकर मामले का हल कराने को कहा था। नौ अक्तूबर को आखिरी बार पंकज को कालोनी में देखा गया था। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज के लापता होने के बाद कॉलोनी के गेट पर लगे सीसीटीवी को देखा गया तो बुधवार सुबह 9:57 बजे पंकज लोवर - टीशर्ट में सेब खाते हुए अंदर की ओर आते दिखा। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पुलिस को पंकज के मोबाइल का आखिरी लोकेशन झंडापुर टावर का मिला। जो आरोपी के मकान और रेलवे लाइन के पास में ही है। पंकज के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मुन्ना को पूछताछ के लिए बुलाया लेकिन वह नहीं गया।
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कालोनी वासियों की मदद से बरामद हुआ शव
कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज की तलाश में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पिता नरेंद्र सिंह आरोपी मुन्ना के घर पहुंचे। इस संबंध में मुन्ना ने कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद पीड़ित पिता ने कॉलोनी के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर कालोनी के लोग मुन्ना के घर पहुंचे तो सभी ताला बंद कर परिवार समेत गायब थे। इस पर सभी को शक हुआ तो पुलिस को जानकारी दी गई। शनिवार रात करीब नौ बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में कॉलोनीवासी मुन्ना के मकान के बेसमेंट में ताला तोड़कर पहुंचे। यहां पर तीन कमरे थे। बीच के कमरे में ताला लगा था। अन्य दोनों कमरों में फर्श पर सीमेंट का घोल डाला गया था। जिससे किसी को शक न हो लेप मिली। शक होने पर बीच वाले कमरे का ताला तोड़कर लोग अंदर गए। कबाड़ हटाया तो जमीन धंसी मिली। शक के आधार पर खुदाई की तो लोग चले गए। रविवार रात को दोबारा पुलिस से वहां खुदाई करने की मांग की। तीन फीट तक खुदाई की गई तो बदबू आने लगी। लोगों ने इसी में पंकज का शव होने का शक जाहिर कर पूरी तरह खुदाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस मजिस्ट्रेट को बुलाने की बात कर चली गई। कॉलोनीवासियों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस पर सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई हुई। इस दौरान पंकज का शव बरामद हुआ। जिस कमरे में पंकज का शव मिला है, वहां डिओडरेंट की पांच खाली शीशी और रसायनिक पदार्थ मिला है।
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पुलिस पर लगाया कार्रवाई में हिला हवाली का आरोप
पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद थाना पुलिस को बृहस्पतिवार को पंकज के गायब होने की सूचना दी गई। पुलिस ने 48 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज करने की बात कर टरका दिया। पुलिस ने शनिवार को पंकज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की। जबकि लोगों ने कई बार पुलिस को खुदाई करने को कहा। पुलिस सही से समय पर जांच करती तो शव पहले ही बरामद कर लिया जाता।
क्या कहते हैं अधिकारी
शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी मुन्ना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच जारी है। लेनदेन समेत सभी बिंदुओं पर पुलिस की टीम जांच कर रही है। आरोपी के पकड़े जाने पर ही हत्या करने के पीछे की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
- डॉ. मनीष मिश्र, एसपी सिटी।
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साहिबाबाद। पंकज अपना खर्च चलाने के लिए गिरधर कालोनी में साइबर कैफे चलाता था और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। वह आरोपी के चारों बच्चों को भी ट्यूशन देता था। पंकज की गैर मौजूदगी में बच्चे ही साइबर कैफे की देखरेख करते थे। परिजनों का आरोप है कि साइबर कैफे लेने के लिए ही आरोपी दबाव बना रहे थे।
भाई मनीष सिंह ने बताया कि पंकज गिरधर कॉलोनी में चार साल से रमेश के मकान में रहता था। उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व मकान मालिक मुन्ना के दो बेटे और दो बेटियां पंकज से ट्यूशन पढ़ती थीं। मुन्ना के बच्चे पंकज की अनुपस्थिति में साइबर कैफे की देखभाल भी करते थे। उनका आरोप है कि आरोपी की पत्नी ने पंकज को अपने घर पर रहने को कहा था। इसके बाद से वह वहां रहने लगा। करीब एक माह रहने के बाद मुन्ना ने पंकज पर साइबर कैफे देने का दबाव बनाया। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। पंकज वहां से कमरा खाली कर कॉलोनी निवासी नवीन त्यागी के यहां रहने लगा। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद से आरोपी मुन्ना और उसकी पत्नी पंकज को धमकाने लगे। पंकज ने अपने भाई को फोन पर यह बात बताई थी। उन्होंने आकर मामले का हल कराने को कहा था। नौ अक्तूबर को आखिरी बार पंकज को कालोनी में देखा गया था। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज के लापता होने के बाद कॉलोनी के गेट पर लगे सीसीटीवी को देखा गया तो बुधवार सुबह 9:57 बजे पंकज लोवर - टीशर्ट में सेब खाते हुए अंदर की ओर आते दिखा। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पुलिस को पंकज के मोबाइल का आखिरी लोकेशन झंडापुर टावर का मिला। जो आरोपी के मकान और रेलवे लाइन के पास में ही है। पंकज के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मुन्ना को पूछताछ के लिए बुलाया लेकिन वह नहीं गया।
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कालोनी वासियों की मदद से बरामद हुआ शव
कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज की तलाश में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पिता नरेंद्र सिंह आरोपी मुन्ना के घर पहुंचे। इस संबंध में मुन्ना ने कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद पीड़ित पिता ने कॉलोनी के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर कालोनी के लोग मुन्ना के घर पहुंचे तो सभी ताला बंद कर परिवार समेत गायब थे। इस पर सभी को शक हुआ तो पुलिस को जानकारी दी गई। शनिवार रात करीब नौ बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में कॉलोनीवासी मुन्ना के मकान के बेसमेंट में ताला तोड़कर पहुंचे। यहां पर तीन कमरे थे। बीच के कमरे में ताला लगा था। अन्य दोनों कमरों में फर्श पर सीमेंट का घोल डाला गया था। जिससे किसी को शक न हो लेप मिली। शक होने पर बीच वाले कमरे का ताला तोड़कर लोग अंदर गए। कबाड़ हटाया तो जमीन धंसी मिली। शक के आधार पर खुदाई की तो लोग चले गए। रविवार रात को दोबारा पुलिस से वहां खुदाई करने की मांग की। तीन फीट तक खुदाई की गई तो बदबू आने लगी। लोगों ने इसी में पंकज का शव होने का शक जाहिर कर पूरी तरह खुदाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस मजिस्ट्रेट को बुलाने की बात कर चली गई। कॉलोनीवासियों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस पर सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई हुई। इस दौरान पंकज का शव बरामद हुआ। जिस कमरे में पंकज का शव मिला है, वहां डिओडरेंट की पांच खाली शीशी और रसायनिक पदार्थ मिला है।
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पुलिस पर लगाया कार्रवाई में हिला हवाली का आरोप
पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद थाना पुलिस को बृहस्पतिवार को पंकज के गायब होने की सूचना दी गई। पुलिस ने 48 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज करने की बात कर टरका दिया। पुलिस ने शनिवार को पंकज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की। जबकि लोगों ने कई बार पुलिस को खुदाई करने को कहा। पुलिस सही से समय पर जांच करती तो शव पहले ही बरामद कर लिया जाता।
क्या कहते हैं अधिकारी
शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी मुन्ना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच जारी है। लेनदेन समेत सभी बिंदुओं पर पुलिस की टीम जांच कर रही है। आरोपी के पकड़े जाने पर ही हत्या करने के पीछे की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
- डॉ. मनीष मिश्र, एसपी सिटी।