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देश में गाजियाबाद दूसरा और लोनी देहात चौथे स्थान पर रहा
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देश में गाजियाबाद दूसरा और लोनी देहात चौथे स्थान पर रहा
साहिबाबाद। दिवाली से पहले हॉट सिटी गाजियाबाद की हवा बेहद खराब होने लगी है। रविवार को जिले का एक्यूआई 320 की श्रेणी के साथ देश में दूसरे स्थान रहा। जबकि 305 एक्यूआई के साथ लोनी देहात चौथे स्थान पर रहा। दरअसल सरकारी मशीनरीज की प्रदूषण रोकने की तमाम कोशिशें लगातार फेल साबित हो रही हैं इससे प्रदूषण पर लगाम नहीं लग रहा है। इधर, प्रदूषण पर गंभीर ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने 15 अक्तूबर से दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेडेड रेस्पांस प्लान (ग्रेप) लागू करने के आदेश सभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए हैं। जिनमें साहिबाबाद भी प्रमुख इलाकों में एक है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय के नेतृत्व में नगर निगम, जीडीए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लगातार प्रयासरत हैं। लेकिन टीएचए में औद्योगिक इकाइयों के संचालन और खुले में निर्माण कार्य के कारण प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। आंकड़ों को देखे तो पांच दिन में ही वायु प्रदूषण करीब दोगुने स्तर पर पहुंच गया है। रविवार को पानीपत का एक्यूआई 337, गाजियाबाद का 320 और नोएडा 310 श्रेणी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, चौथे स्थान पर लोनी देहात 305 और पांचवें स्थान पर ग्रेटर नोएडा 301 श्रेणी में रहा। बता दें कि ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने साहिबाबाद क्षेत्र में 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू करने का आदेश दिया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी संबंधित बोर्ड को प्रदूषण की रोकथाम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो साहिबाबाद क्षेत्र में ग्रेप लागू होने से पूर्व ईपीसीए को रिपोर्ट भेजनी है जिसमें क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण, उद्योगों से हो रहे प्रदूषण तथा अन्य कारक तथा उनके निदान की जानकारी मुहैया करानी है। इसके साथ ही जनपद में भी वायु प्रदूषण की रोकथाम के एक्शन प्लान तैयार हो चुका है। जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
खुले में निर्माण से बढ़ रहा प्रदूषण
शहर में जगह जगह खुले में निर्माण से प्रदूषण बढ़ रहा है। कई जगहों पर रोड किनारे खुले में पडी निर्माण सामग्रियां देख जा सकती हैं। वहीं मेरठ एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान कई जगहों पर मिट्टी भरी जा रही है। इससे एनएच 9 पर भारी धूल उड रही है। बता दें कि दो दिनों पहले उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनएचएआई पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे निर्माण में मानकों का उल्लंघन करने पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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रविवार को वायु प्रदूषण का हाल
तत्व स्तर मानक
पीएम 10 335 100
पीएम 2.5 318 60
एसओ 2 08 80
एनओ 2 71 80
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इन कामों पर देना होगा जोर :
-सड़कों पर धूल रोकने के लिए पानी का रोजाना छिड़काव
- जिले की सड़कों की मशीनों से नियमित तौर पर सफाई
-डीजल जनरेटर पर पूर्णतया प्रतिबंध
-24 घंटे लगातार बिजली सप्लाई
- ईंट भट्टों को कुछ माह के लिए बंद रखने की कार्रवाई
-खुले में भवन निर्माण सामग्री के भंडारण पर रोक
-औद्योगिक इकाइयों में कोयले के उपयोग पर बैन
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क्या कहते हैं डॉक्टर :
- घर से मॉक्स लगाकर बाहर निकलें
- अस्थमा के मरीज धूल-मिट्टी में ना जाएं
- कूड़े के ढेर में आग लगी हो तो उसके धुएं से दूर रहे
- प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले पौधे लगाएं
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अधिकारी का वर्जन :
एनसीआर के जिन इलाकों में ग्रेप लागू करना है उनमें से साहिबाबाद इलाका प्रमुख है। बोर्ड को साहिबाबाद क्षेत्र में लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर भेजनी है। ईपीसीए चेयरमैन ने 15 अक्टूबर से ग्रेप लागू करने का आदेश दिया है। उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी
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साहिबाबाद। दिवाली से पहले हॉट सिटी गाजियाबाद की हवा बेहद खराब होने लगी है। रविवार को जिले का एक्यूआई 320 की श्रेणी के साथ देश में दूसरे स्थान रहा। जबकि 305 एक्यूआई के साथ लोनी देहात चौथे स्थान पर रहा। दरअसल सरकारी मशीनरीज की प्रदूषण रोकने की तमाम कोशिशें लगातार फेल साबित हो रही हैं इससे प्रदूषण पर लगाम नहीं लग रहा है। इधर, प्रदूषण पर गंभीर ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने 15 अक्तूबर से दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेडेड रेस्पांस प्लान (ग्रेप) लागू करने के आदेश सभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए हैं। जिनमें साहिबाबाद भी प्रमुख इलाकों में एक है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय के नेतृत्व में नगर निगम, जीडीए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लगातार प्रयासरत हैं। लेकिन टीएचए में औद्योगिक इकाइयों के संचालन और खुले में निर्माण कार्य के कारण प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। आंकड़ों को देखे तो पांच दिन में ही वायु प्रदूषण करीब दोगुने स्तर पर पहुंच गया है। रविवार को पानीपत का एक्यूआई 337, गाजियाबाद का 320 और नोएडा 310 श्रेणी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, चौथे स्थान पर लोनी देहात 305 और पांचवें स्थान पर ग्रेटर नोएडा 301 श्रेणी में रहा। बता दें कि ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने साहिबाबाद क्षेत्र में 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू करने का आदेश दिया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी संबंधित बोर्ड को प्रदूषण की रोकथाम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो साहिबाबाद क्षेत्र में ग्रेप लागू होने से पूर्व ईपीसीए को रिपोर्ट भेजनी है जिसमें क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण, उद्योगों से हो रहे प्रदूषण तथा अन्य कारक तथा उनके निदान की जानकारी मुहैया करानी है। इसके साथ ही जनपद में भी वायु प्रदूषण की रोकथाम के एक्शन प्लान तैयार हो चुका है। जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
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खुले में निर्माण से बढ़ रहा प्रदूषण
शहर में जगह जगह खुले में निर्माण से प्रदूषण बढ़ रहा है। कई जगहों पर रोड किनारे खुले में पडी निर्माण सामग्रियां देख जा सकती हैं। वहीं मेरठ एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान कई जगहों पर मिट्टी भरी जा रही है। इससे एनएच 9 पर भारी धूल उड रही है। बता दें कि दो दिनों पहले उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनएचएआई पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे निर्माण में मानकों का उल्लंघन करने पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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रविवार को वायु प्रदूषण का हाल
तत्व स्तर मानक
पीएम 10 335 100
पीएम 2.5 318 60
एसओ 2 08 80
एनओ 2 71 80
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इन कामों पर देना होगा जोर :
-सड़कों पर धूल रोकने के लिए पानी का रोजाना छिड़काव
- जिले की सड़कों की मशीनों से नियमित तौर पर सफाई
-डीजल जनरेटर पर पूर्णतया प्रतिबंध
-24 घंटे लगातार बिजली सप्लाई
- ईंट भट्टों को कुछ माह के लिए बंद रखने की कार्रवाई
-खुले में भवन निर्माण सामग्री के भंडारण पर रोक
-औद्योगिक इकाइयों में कोयले के उपयोग पर बैन
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क्या कहते हैं डॉक्टर :
- घर से मॉक्स लगाकर बाहर निकलें
- अस्थमा के मरीज धूल-मिट्टी में ना जाएं
- कूड़े के ढेर में आग लगी हो तो उसके धुएं से दूर रहे
- प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले पौधे लगाएं
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अधिकारी का वर्जन :
एनसीआर के जिन इलाकों में ग्रेप लागू करना है उनमें से साहिबाबाद इलाका प्रमुख है। बोर्ड को साहिबाबाद क्षेत्र में लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर भेजनी है। ईपीसीए चेयरमैन ने 15 अक्टूबर से ग्रेप लागू करने का आदेश दिया है। उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी
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