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एमएमजी में नहीं डॉक्टर, दिल का खुद रखिए ख्याल
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आप दिल के मरीज हैं तो इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में न जाएं, क्योंकि एमएमजी अस्पताल में दिल के डॉक्टर बीमार है और संयुक्त अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं हैं। इस समय प्रतिदिन सौ से सवा सौ मरीज इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। सामान्य मरीजों का इलाज फिजीशियन द्वारा किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को कह दिया जाता है कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं, इसलिए बाहर जाकर इलाज करवा लो।
मौसम में बदलाव और गलत खानपान के कारण इस समय युवा वर्ग भी उच्च रक्तचाप एवं एंजाइटी की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल में हार्ट के आपरेशन की सुविधा नहीं है, इसके बावजूद अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 ऐसे मरीजों का इलाज चल रहा था, जो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल 26 जनवरी को झंडारोहण के बाद आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद प्रथम तल से नीचे आ रहे थे, इसी दौरान सीढ़ियों पर पैर फिसल गया। जांच कराने के बाद पता चला कि उनके बाएं कंधे का लीगामेंट टूट गया है। डॉ. कात्याल आपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए अवकाश पर चल रहे हैं। उनकी पत्नी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु कात्याल भी पैर में फ्रैक्चर के कारण अवकाश पर चल रही हैं।
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संयुक्त अस्पताल वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। अस्पताल खुलने के 13 वर्ष बाद भी हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई। अस्पताल प्रशासन भी जब शासन से रिपोर्ट मांगी जाती है तो साल में दो बार रिमाइंडर भेज देता है कि हृदय विशेषज्ञ नहीं है, इसलिए जनहित में डॉक्टर की नियुक्ति की जाए। 13 वर्ष बाद भी डॉक्टर की नियुक्ति न हो पाना मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तेवतिया ने कहा कि मेरे चार्ज लेने से पहले भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं थे। अस्पताल में डॉक्टर की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही डॉक्टर की नियुक्ति हो सकती है।
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मौसम में बदलाव और गलत खानपान के कारण इस समय युवा वर्ग भी उच्च रक्तचाप एवं एंजाइटी की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल में हार्ट के आपरेशन की सुविधा नहीं है, इसके बावजूद अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 ऐसे मरीजों का इलाज चल रहा था, जो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं।
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एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल 26 जनवरी को झंडारोहण के बाद आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद प्रथम तल से नीचे आ रहे थे, इसी दौरान सीढ़ियों पर पैर फिसल गया। जांच कराने के बाद पता चला कि उनके बाएं कंधे का लीगामेंट टूट गया है। डॉ. कात्याल आपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए अवकाश पर चल रहे हैं। उनकी पत्नी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु कात्याल भी पैर में फ्रैक्चर के कारण अवकाश पर चल रही हैं।
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संयुक्त अस्पताल वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। अस्पताल खुलने के 13 वर्ष बाद भी हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई। अस्पताल प्रशासन भी जब शासन से रिपोर्ट मांगी जाती है तो साल में दो बार रिमाइंडर भेज देता है कि हृदय विशेषज्ञ नहीं है, इसलिए जनहित में डॉक्टर की नियुक्ति की जाए। 13 वर्ष बाद भी डॉक्टर की नियुक्ति न हो पाना मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तेवतिया ने कहा कि मेरे चार्ज लेने से पहले भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं थे। अस्पताल में डॉक्टर की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही डॉक्टर की नियुक्ति हो सकती है।